पायोनियर बीज कंपनी के 100 वर्ष पूरे: दारू में महिला किसानों के संग मनाया गया शताब्दी वर्ष का जश्न
कृषि क्षेत्र में एक सदी का बेमिसाल सफर, बेहतर बीज और उन्नत तकनीक से किसानों की समृद्धि का लिया संकल्प।
हजारीबाग (दारू): कृषि जगत की प्रतिष्ठित और विश्वस्तरीय कंपनी पायोनियर बीज (Pioneer Seeds) ने सफलतापूर्वक अपने गौरवशाली 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में झारखंड के हजारीबाग जिले के दारू प्रखंड अंतर्गत कबिलासी पंचायत में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल कंपनी की उपलब्धियों को साझा किया गया, बल्कि कृषि क्षेत्र में किसानों, विशेषकर महिला किसानों की भूमिका को भी सराहा गया।
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| कार्यक्रम के दौरान एक प्रस्तुति के माध्यम से कंपनी की 100 वर्षों की यात्रा को दिखाया गया। |
किसानों के विश्वास की एक सदी
पायोनियर बीज कंपनी की स्थापना आज से ठीक 100 वर्ष पूर्व हुई थी। उस समय कंपनी का मुख्य उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले हाइब्रिड बीज उपलब्ध कराना था, ताकि खेती को जोखिम से निकालकर लाभ की ओर ले जाया जा सके। एक सदी के इस लंबे सफर में कंपनी ने आधुनिक वैज्ञानिकों के अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के माध्यम से कृषि पैदावार बढ़ाने में क्रांतिकारी योगदान दिया है।
दारू में भव्य आयोजन और महिला किसानों का सम्मान
कबिलासी पंचायत में आयोजित इस समारोह में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मो. इम्तियाज़ और कर्मचारी राजेश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की महिला किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला किसानों— राधा देवी, लीलावती, कलावती और शाहगुन निशा को सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए मो. इम्तियाज़ ने कहा, "यह 100 वर्षों की उपलब्धि केवल कंपनी की नहीं, बल्कि उन करोड़ों किसानों के अटूट विश्वास का परिणाम है जिन्होंने हमारे बीजों पर भरोसा किया। वैज्ञानिकों के दिन-रात के शोध और हमारे कर्मचारियों की मेहनत ने आज पायोनियर को इस मुकाम पर पहुँचाया है।"
भविष्य का संकल्प: खेती बनेगी और भी आधुनिक
कार्यक्रम के दौरान एक प्रस्तुति के माध्यम से कंपनी की 100 वर्षों की यात्रा को दिखाया गया। इसमें बताया गया कि कैसे कंपनी ने समय के साथ बदलते मौसम और मिट्टी की गुणवत्ता के अनुसार बीजों को विकसित किया। अंत में, कंपनी के प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी उन्नत तकनीक और बेहतर अनुसंधान के जरिए किसानों की समृद्धि के लिए कार्य करते रहेंगे।
मौके पर मौजूद किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे उन्नत बीजों के उपयोग से उनकी फसल की लागत कम हुई है और मुनाफा बढ़ा है।

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