हजारीबाग: 'मेहमान-ए-खुदा' की रवानगी पर उमड़ा जनसैलाब, एकता मंच ने फूल-मालाओं और दुआओं के साथ दी भावभीनी विदाई
लोहसिंघना मैदान में रूहानी माहौल: 50 हज यात्रियों के जत्थे को इत्र, तस्बीह और नाश्ते के साथ किया गया रुखसत, अमन-चैन की मांगी गई दुआ।
हजारीबाग:
झारखंड के हजारीबाग जिले में आज इंसानियत और मजहबी रवादारी की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर पेश की गई। शहर के लोहसिंघना मैदान स्थित निदान नर्सिंग होम के समीप 'एकता मंच' और 'हजारीबाग सामाजिक कार्यकर्ता मंच' के तत्वावधान में करीब 50 हज यात्रियों के लिए एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा इलाका 'लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक' की गूंज और रूहानी दुआओं से सराबोर नजर आया।
![]() |
| फूल-मालाओं और इत्र से हुआ इस्तकबाल |
फूल-मालाओं और इत्र से हुआ इस्तकबाल
हज यात्रा 2026 के इस मुकद्दस सफर पर जा रहे 'मेहमान-ए-खुदा' का स्वागत करने के लिए एकता मंच के पदाधिकारियों ने पलकें बिछा दीं। मंच के सदर तारिक आलम उर्फ मुफीज़ और सेक्रेटरी मशकूर अहमद (माको) की अगुवाई में सभी हाजियों को फूल-मालाएं पहनाई गईं। खिदमत की मिसाल पेश करते हुए यात्रियों को इत्र (खुशबू) लगाया गया और उन्हें सफर के लिए तस्बीह व हल्का नाश्ता भेंट किया गया।
उलमा-ए-किराम की मौजूदगी में हुई विशेष दुआ
कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित उलमा-ए-किराम, मस्जिदों के इमाम और हाफिज-ए-कुरआन ने शिरकत की। विदाई से पूर्व नात-ए-पाक और सलातो-सलाम का नजराना पेश किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह इबादत के रंग में रंग गया। उलमाओं ने मुल्क में अमन, चैन, भाईचारे और यात्रियों की सलामती के लिए सामूहिक दुआ कराई। हाजियों से अपील की गई कि वे मक्का और मदीना की सरजमीं पर देश की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना करें।
नम आंखों से कोलकाता के लिए हुए रवाना
दुआओं के दौर के बाद सभी 50 यात्रियों को बेहद अदब और एहतियात के साथ विशेष बस में बैठाया गया। जैसे ही बस कोलकाता के लिए रवाना हुई, वहां मौजूद परिजनों और शहरवासियों की आंखें नम हो गईं। यह विदाई केवल एक सफर की शुरुआत नहीं, बल्कि अकीदत और मोहब्बत का एक ऐसा संगम था जिसने हजारीबाग की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूती दी।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस सफल आयोजन में एकता मंच के नायब सदर औसाफ खान (प्रिंस), इश्तियाक खान, कलाम खान (भुट्टू) और इरफान खान (छोटू) ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही काशिफ खान, गनी हैदर, तस्लीम खान, राजा खान, वासिफ खान, मोहम्मद सिद्दीक, कलीमुल्ला खान, हाजी शाहजहां, मोहम्मद तौफीक, वसीम आरिफ, नसीम आरिफ (सोनू), नसीमुल्लाह खान, जकी खान और मुजाहिद खान समेत सैकड़ों नौजवानों ने मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दीं।
एकता मंच के इस प्रयास की पूरे शहर में सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से समाज में एकता और खिदमत-ए-खल्क (मानव सेवा) का संदेश दूर तक जाता है।

No comments
Post a Comment