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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग में अब पानी की किल्लत दूर करेगा आपका मोबाइल: उपायुक्त ने लॉन्च किया ‘नीर वीर’ व्हाट्सएप चैटबॉट

हजारीबाग में अब पानी की किल्लत दूर करेगा आपका मोबाइल: उपायुक्त ने लॉन्च किया ‘नीर वीर’ व्हाट्सएप चैटबॉट

गर्मी से पहले जिला प्रशासन की बड़ी पहल, खराब चापानलों की शिकायत अब व्हाट्सएप नंबर 8757864361 पर होगी दर्ज

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग: जिले के नागरिकों को भीषण गर्मी में पेयजल संकट से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने मंगलवार को “नीर वीर” नामक एक हाई-टेक व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा की शुरुआत की है। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े चापानलों की मरम्मत को गति देना और आमजन की समस्याओं का त्वरित निष्पादन करना है।

Hazaribagh DC Shashi Prakash Singh launching Neer Veer WhatsApp Chatbot for drinking water solutions

कैसे काम करेगा नीर वीर चैटबॉट?

प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 8757864361 पर नागरिक सिर्फ एक संदेश भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह चैटबॉट पूरी तरह से ऑटोमेटेड है, जहाँ उपयोगकर्ता अपनी सुविधा के अनुसार विकल्पों को चुन सकते हैं। इसमें न केवल नई शिकायत दर्ज करने की सुविधा है, बल्कि नागरिक अपनी पुरानी शिकायतों का स्टेटस (Status) भी देख सकते हैं।


कॉल के जरिए भी दर्ज होगी समस्या

डिजिटल माध्यम के अलावा प्रशासन ने उन लोगों का भी ध्यान रखा है जो व्हाट्सएप का उपयोग नहीं करते हैं। ऐसे नागरिक 8076635024 नंबर पर सीधे कॉल करके भी अपनी पेयजल संबंधी शिकायतें नोट करा सकते हैं।

उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की है कि जल संकट को देखते हुए इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं ताकि प्रशासन और संबंधित विभाग समय रहते पेयजल व्यवस्था को सुचारू बना सके।

मंगला जुलूस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, DIG और DC ने आधी रात सड़कों पर उतरकर लिया जायजा

मंगला जुलूस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, DIG और DC ने आधी रात सड़कों पर उतरकर लिया जायजा

हजारीबाग: झारखंड के गौरवशाली रामनवमी पर्व की गूँज हजारीबाग की फिजाओं में तैरने लगी है। मंगलवार देर रात निकले मंगला जुलूस ने शहर को भक्तिमय कर दिया। उत्सव के साथ-साथ शहर की सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था की संवेदनशीलता को देखते हुए उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के डीआईजी अंजनी झा, हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने खुद मोर्चा संभाला और देर रात तक शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया।

हजारीबाग के मालवीय मार्ग पर मंगला जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते डीआईजी अंजनी झा, उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन।

प्रशासनिक अधिकारियों का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण

मंगला जुलूस के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से उच्च स्तरीय अधिकारियों का यह दौरा मालवीय मार्ग से शुरू हुआ। अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर न केवल सुरक्षा व्यवस्था को देखा, बल्कि जुलूस में शामिल अखाड़ा समितियों और आम नागरिकों से भी संवाद किया।

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने निरीक्षण के दौरान ड्यूटी पर तैनात दंडाधिकारियों (Magistrates) और पुलिस बल को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रामनवमी का पर्व हजारीबाग की सांस्कृतिक पहचान है, इसलिए इसकी मर्यादा और सुरक्षा में कोई चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सूचना तंत्र (Intelligence) को मजबूत करने और आपसी समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।

सुरक्षा के कड़े घेरे में हजारीबाग

पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने सुरक्षा के तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जुलूस मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है। सादी वर्दी में भी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि असामाजिक तत्वों की पहचान तुरंत की जा सके। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखने की बात कही ताकि कोई भी भ्रामक या सांप्रदायिक पोस्ट शांति भंग न कर सके।

मंगला जुलूस का महत्व और परंपरा

हजारीबाग की रामनवमी पूरे भारत में अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है। मंगला जुलूस मुख्य पर्व से पहले अभ्यास और उत्साह का प्रतीक होता है। इसमें विभिन्न अखाड़ों द्वारा पारंपरिक शस्त्र संचालन और शौर्य का प्रदर्शन किया जाता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, प्रशासन की यह सक्रियता शांतिपूर्ण आयोजन के लिए एक सकारात्मक संदेश देती है।

गूगल एडसेंस अप्रूवल के लिए न्यूज़ प्रहारी की विशेष सलाह

अगर आप एक न्यूज़ पोर्टल चलाते हैं, तो यह ध्यान रखना आवश्यक है कि 'लो वैल्यू कंटेंट' से बचने के लिए खबर में केवल सरकारी विज्ञप्ति का इस्तेमाल न करें। अपनी रिपोर्ट में स्थानीय लोगों के बयान, ऐतिहासिक संदर्भ और प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर जैसी अतिरिक्त जानकारियाँ शामिल करें। इससे पाठक का जुड़ाव बढ़ता है और गूगल एल्गोरिथम इसे एक "Unique Value" के रूप में देखता है।

सावधानी और अपील

जिला प्रशासन ने सभी जिले वासियों से अपील की है कि वे शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं। किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस कंट्रोल रूम या तैनात अधिकारियों को दें। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

पुलिस लाइन में धूमधाम से मना सरहुल, उपायुक्त ने दिया 'जल-जंगल-जमीन' के संरक्षण का संदेश

पुलिस लाइन में धूमधाम से मना सरहुल, उपायुक्त ने दिया 'जल-जंगल-जमीन' के संरक्षण का संदेश

हजारीबाग, झारखंड | 21 मार्च 2026

हजारीबाग पुलिस लाइन में सरहुल उत्सव के दौरान पारंपरिक नृत्य करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं अन्य पुलिस अधिकारी।

झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्रकृति पूजा के महापर्व सरहुल की गूंज आज पूरे हजारीबाग जिले में सुनाई दी। इस विशेष अवसर पर हजारीबाग के समाहरणालय और पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस लाइन में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिले के उपायुक्त  शशि प्रकाश सिंह शामिल हुए। उन्होंने न केवल उत्सव की शोभा बढ़ाई, बल्कि प्रकृति और मनुष्य के अटूट संबंध को रेखांकित करते हुए पर्यावरण संरक्षण का एक सशक्त संदेश भी दिया।प्रकृति पूजा के महापर्व सरहुल पर सखुआ फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते जिला पदाधिकारी।

पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य से जीवंत हुआ उत्सव

उत्सव का नजारा बेहद मनमोहक था जब उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पारंपरिक आदिवासी परिधानों में नजर आए। अधिकारियों ने स्थानीय कलाकारों के साथ कदम से कदम मिलाकर मांदर की थाप और पारंपरिक धुनों पर नृत्य किया। यह दृश्य प्रशासन और जनता के बीच के जुड़ाव को दर्शा रहा था।

प्रकृति पूजा के महापर्व सरहुल पर सखुआ फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना करते जिला पदाधिकारी।

सरहुल, जो वसंत ऋतु के आगमन और साल (सखुआ) के पेड़ों पर नए फूलों के खिलने का प्रतीक है, आज पुलिस लाइन के प्रांगण में पूरी जीवंतता के साथ मनाया गया। पारंपरिक गीतों के माध्यम से प्रकृति की आराधना की गई और अच्छी फसल व सुख-समृद्धि की कामना की गई।

प्रकृति और संस्कृति का समन्वय उपायुक्त का संबोधन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त  शशि प्रकाश सिंह ने सरहुल के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा

सरहुल केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमारी उस जीवन पद्धति का हिस्सा है जो हमें सिखाती है कि हम प्रकृति के ऋणी हैं। आज जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से जूझ रही है, तब सरहुल जैसे पर्व हमें अपनी जड़ों की ओर लौटने और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को न केवल संजोएं, बल्कि इसे आधुनिक संदर्भों में पर्यावरण संरक्षण के हथियार के रूप में भी इस्तेमाल करें।

सरहुल पर्व झारखंड की अस्मिता से जुड़ा है। हजारीबाग में आयोजित यह कार्यक्रम जिला प्रशासन की उस सक्रियता को भी दर्शाता है, जहाँ वे स्थानीय परंपराओं को सम्मान देकर सामुदायिक एकता को बढ़ावा दे रहे हैं। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस बल के बीच सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाना और तनावपूर्ण कार्यशैली के बीच प्रकृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करना था।

प्रकृति संरक्षण के लिए जिला प्रशासन की पहल

वृक्षारोपण अभियान

उपायुक्त ने संकेत दिया कि इस मानसून जिले में सखुआ और अन्य स्थानीय प्रजातियों के पेड़ों को लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

जल संचय

'जल-जंगल-जमीन' के नारे को साकार करने के लिए चेक डैम और तालाबों के पुनरुद्धार पर जोर दिया जा रहा है।

सांस्कृतिक पर्यटन 

हजारीबाग की समृद्ध आदिवासी विरासत को अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है।

निष्कर्ष

हजारीबाग पुलिस लाइन में आयोजित इस सरहुल महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि आधुनिकता के दौर में भी हमारी परंपराएं उतनी ही प्रासंगिक हैं। उपायुक्त का कलाकारों के साथ थिरकना और पर्यावरण के प्रति उनकी संवेदनशीलता, जिले के नागरिकों के लिए एक मिसाल है। यह पर्व हमें याद दिलाता है कि यदि हम प्रकृति की रक्षा करेंगे, तो प्रकृति हमारी रक्षा करेगी।

News Prahari - Naresh Soni Editor in Chief 

बड़कागांव महुदी जुलूस विवाद: सांसद मनीष जयसवाल और हजारीबाग DC के बीच अहम बैठक, समाधान की उम्मीद

बड़कागांव महुदी जुलूस विवाद: सांसद मनीष जयसवाल और हजारीबाग DC के बीच अहम बैठक, समाधान की उम्मीद

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 
हजारीबाग DC कार्यालय में महुदी विवाद को लेकर चर्चा करते सांसद मनीष जयसवाल, पूर्व विधायक लोकनाथ महतो एवं अन्य।

हजारीबाग: झारखंड के प्रसिद्ध हजारीबाग रामनवमी पर्व की भव्यता को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में आज बड़कागांव के महुदी क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे जुलूस मार्ग विवाद को सुलझाने के लिए सांसद मनीष जयसवाल ने हजारीबाग के उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की।

संवाद ही समाधान का मार्ग: सांसद मनीष जयसवाल

बैठक के दौरान सांसद मनीष जयसवाल ने महुदी के स्थानीय निवासियों की भावनाओं और परंपराओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि रामनवमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हजारीबाग की सांस्कृतिक पहचान है। महुदी क्षेत्र में जुलूस मार्ग को लेकर जो भी गतिरोध हैं, उन्हें प्रशासन और जनता के बीच बेहतर तालमेल से हल किया जाना चाहिए ताकि सांप्रदायिक सौहार्द बना रहे और आस्था का सम्मान हो।

प्रशासन का रुख: शांतिपूर्ण और भव्य आयोजन

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन सभी पक्षों से सकारात्मक संवाद स्थापित कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपसी सहमति से विवाद का समाधान निकाला जाएगा, जिससे महुदी समेत पूरे बड़कागांव में रामनवमी का महापर्व पूरे उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो सके।

पूरे जिले में वैभव के साथ मनेगी रामनवमी

बैठक में केवल महुदी ही नहीं, बल्कि संपूर्ण हजारीबाग जिले में रामनवमी की गरिमा को लेकर चर्चा हुई। यह मांग रखी गई कि परंपरागत गाजे-बाजे और पूर्ण वैभव के साथ जुलूस निकाला जाए, जिसमें प्रशासन का पूर्ण सहयोग मिले। इस दौरान पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, टुकेश्वर महतो, खेमलाल महतो सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि और समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नगर निकाय चुनाव 2026! हजारीबाग उपायुक्त ने संभाली कमान, संत कोलंबस कॉलेज डिस्पैच सेंटर का औचक निरीक्षण

 

नगर निकाय चुनाव 2026! हजारीबाग उपायुक्त ने संभाली कमान, संत कोलंबस कॉलेज डिस्पैच सेंटर का औचक निरीक्षण

हजारीबाग | 09 फरवरी, 2026 हजारीबाग में नगर निकाय (आम) चुनाव 2026 की आहट के साथ ही जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह स्वयं मैदान में उतर चुके हैं। सोमवार को उन्होंने ऐतिहासिक संत कोलंबस कॉलेज का दौरा किया, जहाँ मतदान सामग्री वितरण के लिए 'डिस्पैच सेंटर' बनाया गया है।

"निकाय चुनाव की बड़ी हलचल: DC पहुंचे ग्राउंड जीरो पर!"

व्यवस्थाओं का लिया बारीकी से जायजा

​निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने डिस्पैच सेंटर की एक-एक व्यवस्था को खंगाला। उन्होंने मतदान कर्मियों के सुगम आवागमन, चुनाव सामग्री के सुरक्षित वितरण और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की। उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इन मुख्य बिंदुओं पर रहा फोकस:

  • मतदान कर्मी प्रबंधन: कर्मियों की तैनाती और उनके प्रशिक्षण की स्थिति।
  • सामग्री वितरण: बैलेट बॉक्स/EVM और अन्य चुनाव सामग्रियों के वितरण की सुव्यवस्थित योजना।
  • सुरक्षा एवं यातायात: कॉलेज परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक प्लान।
  • बुनियादी सुविधाएं: पेयजल, बिजली और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था।
  • "प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता एक निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त चुनाव संपन्न कराना है। सभी विभाग आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम करें ताकि लोकतंत्र का यह उत्सव सुव्यवस्थित तरीके से सफल हो।"  — शशि प्रकाश सिंह, उपायुक्त, हजारीबाग।

    अधिकारियों को समय सीमा का अल्टीमेटम

    ​उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी कर ली जानी चाहिए। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी और संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्हें मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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