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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग में पेयजल संकट पर 'नीर वीर' का प्रहार: व्हाट्सएप चैटबॉट से सुधर रहे खराब चापानल, अब तक 181 शिकायतों का हुआ समाधान

हजारीबाग में पेयजल संकट पर 'नीर वीर' का प्रहार: व्हाट्सएप चैटबॉट से सुधर रहे खराब चापानल, अब तक 181 शिकायतों का हुआ समाधान

जिला प्रशासन की डिजिटल पहल ला रही रंग; घर बैठे व्हाट्सएप नंबर 8757864361 पर दर्ज कराएं शिकायत, क्विक रिस्पॉन्स से जनता को मिल रही राहत।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग, झारखंड: भीषण गर्मी की आहट के बीच हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा शुरू की गई एक डिजिटल पहल अब आम जनता के लिए वरदान साबित हो रही है। जिले में खराब पड़े चापानलों (हैंडपंपों) की त्वरित मरम्मती के लिए लॉन्च किए गए “नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट” का व्यापक असर दिखने लगा है। इस तकनीक आधारित व्यवस्था से न केवल शिकायतों के दर्ज होने की प्रक्रिया आसान हुई है, बल्कि विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई में भी अभूतपूर्व तेजी आई है।

Hazaribagh technical team repairing a handpump reported via Neer Veer WhatsApp Chatbot.

क्या है 'नीर वीर' पोर्टल और कैसे करता है काम?

हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा संचालित यह चैटबॉट एक केंद्रीकृत प्रणाली है, जहाँ नागरिक केवल एक मैसेज के जरिए अपने क्षेत्र के खराब चापानल की सूचना दे सकते हैं। उप विकास आयुक्त (DDC) ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि "नीर वीर पोर्टल" के माध्यम से प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभाग तुरंत संज्ञान लेता है। इससे कागजी कार्रवाई और दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म हो गई है।

आंकड़ों में सफलता: 50% से अधिक शिकायतों का निष्पादन

प्रशासन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस पोर्टल के माध्यम से कुल 354 शिकायतें दर्ज की गई हैं। जिला प्रशासन की तत्परता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इनमें से 181 मामलों का सफल निष्पादन कर दिया गया है, यानी खराब चापानलों को दुरुस्त कर पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष शिकायतों पर भी युद्ध स्तर पर कार्य प्रक्रियाधीन है।

गर्मी में पेयजल संकट रोकने की तैयारी

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मी के मौसम में जिले के किसी भी सुदूरवर्ती क्षेत्र में पानी की किल्लत न हो। उप विकास आयुक्त ने कहा कि प्रशासन लगातार इसकी निगरानी कर रहा है। खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आम जनता के लिए अपील

जिला प्रशासन ने हजारीबाग के नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। यदि आपके मोहल्ले या गांव में कोई चापानल खराब है, तो इधर-उधर भटकने के बजाय सीधे प्रशासन को सूचित करें।

हेल्पलाइन नंबर: जिले के निष्क्रिय चापानल की मरम्मत के लिए "नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट" (8757864361) पर अपनी शिकायत साझा करें।

हजारीबाग: टाटीझरिया प्रखंड कार्यालय का उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण; आंगनबाड़ी में फर्जी उपस्थिति पर भड़के DC, सेविका से स्पष्टीकरण

हजारीबाग: टाटीझरिया प्रखंड कार्यालय का उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण; आंगनबाड़ी में फर्जी उपस्थिति पर भड़के DC, सेविका से स्पष्टीकरण

'नीर वीर' चैटबॉट के जरिए सुलझेगी पेयजल समस्या, आदिवासी क्षेत्रों में खराब चापानलों को दुरुस्त करने का सख्त निर्देश।

हजारीबाग, झारखंड: हजारीबाग के उपायुक्त (DC)  शशि प्रकाश सिंह प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह से सक्रिय मोड में हैं। इसी कड़ी में बुधवार को उन्होंने टाटीझरिया प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने न केवल कार्यालय के दस्तावेजों की जांच की, बल्कि प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अन्य कर्मियों के साथ बैठक कर जनहित की विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा भी की।

Hazaribagh DC Shashi Prakash Singh inspecting registers at Tatijhariya Block Office

आंगनबाड़ी में अनियमितता पर गिरी गाज

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सामने आया। उपायुक्त ने मौके पर मौजूद महिला प्रवेक्षिकाओं के मोबाइल से 'पोषण ट्रैकर ऐप' (Poshan Tracker App) की जांच की। कोड़ाइया गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के सत्यापन के दौरान पाया गया कि ऐप पर बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति, वास्तविक उपस्थिति से कहीं अधिक दर्ज की गई थी।

Deputy Commissioner checking Poshan Tracker App data during surprise visit in Tatijhariya.

इस फर्जीवाड़े पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने संबंधित महिला प्रवेक्षिका उर्मिला देवी से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि उक्त केंद्र की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए, ताकि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोका जा सके।

पेयजल संकट के लिए 'नीर वीर' चैटबॉट का सहारा

आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने पेयजल आपूर्ति की स्थिति की विशेष समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए ‘नीरवीर’ (Neer Veer) व्हाट्सएप चैट बोर्ड पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उपायुक्त ने कड़े निर्देश दिए कि:

गर्मी में पेयजल शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो।

सुदूरवर्ती आदिवासी क्षेत्रों में खराब चापानलों की सूची तैयार कर उनकी तत्काल मरम्मत की जाए।

सभी शिकायतों और मरम्मत कार्यों का संधारण विधिवत रजिस्टर में किया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं और राजस्व की समीक्षा

प्रखंड के झरपो एवं टाटीझरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने डॉक्टरों के रिक्त पदों पर संज्ञान लिया और जल्द ही प्रतिनियुक्ति करने का भरोसा दिलाया। इसके अतिरिक्त, अंचल कार्यालय के कार्यों की जांच करते हुए उन्होंने म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के लंबित मामलों और प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंचल अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी आवेदन को बिना ठोस कारण के अस्वीकृत न किया जाए।

धान अधिप्राप्ति और आपूर्ति पर निर्देश

बैठक में धान अधिप्राप्ति, पैक्सों की स्थिति, फसल बीमा योजना और राशन उठाव की भी समीक्षा की गई। मौके पर अपर समाहर्ता श्री संतोष कुमार भी उपस्थित थे। उपायुक्त ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए नियमित फील्ड विजिट और 'नीर चौपाल' जैसे कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करें।

हजारीबाग: जल संकट पर डीसी का एक्शन, 48 घंटे में पहाड़ी गांव को मिला शुद्ध पानी

हजारीबाग: जल संकट पर डीसी का एक्शन, 48 घंटे में पहाड़ी गांव को मिला शुद्ध पानी

नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट बना वरदान: चौपारण के सुदूर आदिवासी क्षेत्र ताजपुर में जिला प्रशासन ने बोरिंग कराकर लगाया नया हैंडपंप, ग्रामीणों के चेहरे खिले।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग (झारखंड): गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही झारखंड के सुदूर इलाकों में गहराते जल संकट को देखते हुए हजारीबाग जिला प्रशासन 'एक्शन मोड' में है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों का पालन करते हुए उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह ने जिले में पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संवेदनशीलता दिखाई है। इसका ताजा उदाहरण चौपारण प्रखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र ताजपुर पंचायत में देखने को मिला, जहां सालों से पानी की किल्लत झेल रहे आदिवासी ग्रामीणों को महज 48 घंटे के भीतर राहत पहुंचाई गई।

हजारीबाग चौपारण के ताजपुर पंचायत में बोरिंग और हैंडपंप लगाते कर्मचारी और खुश ग्रामीण

नीर वीर चैटबॉट: तकनीक से समाधान तक का सफर

हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया “नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट” आम जनता के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है। ताजपुर पंचायत के आदिवासी बहुल इलाके से पेयजल समस्या की शिकायत इसी माध्यम से प्राप्त हुई थी। डीसी शशि प्रकाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।


दुर्गम पहाड़ियों पर पहुंची मशीन, 48 घंटे में हुआ काम

भौगोलिक रूप से कठिन और पहाड़ी रास्ता होने के बावजूद, जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए 48 घंटों के भीतर बोरिंग का कार्य संपन्न कराया। केवल बोरिंग ही नहीं, बल्कि तत्काल चापानल (हैंडपंप) का अधिष्ठापन भी सुनिश्चित किया गया। अब यहां के आदिवासी परिवारों को शुद्ध पेयजल के लिए मीलों दूर नहीं भटकना पड़ेगा।

उपायुक्त की अपील: चैटबॉट का करें उपयोग

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन हर नागरिक तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या को “नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट” पर दर्ज करें ताकि प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान किया जा सके।

हजारीबाग में अब पानी की किल्लत दूर करेगा आपका मोबाइल: उपायुक्त ने लॉन्च किया ‘नीर वीर’ व्हाट्सएप चैटबॉट

हजारीबाग में अब पानी की किल्लत दूर करेगा आपका मोबाइल: उपायुक्त ने लॉन्च किया ‘नीर वीर’ व्हाट्सएप चैटबॉट

गर्मी से पहले जिला प्रशासन की बड़ी पहल, खराब चापानलों की शिकायत अब व्हाट्सएप नंबर 8757864361 पर होगी दर्ज

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग: जिले के नागरिकों को भीषण गर्मी में पेयजल संकट से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने मंगलवार को “नीर वीर” नामक एक हाई-टेक व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा की शुरुआत की है। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े चापानलों की मरम्मत को गति देना और आमजन की समस्याओं का त्वरित निष्पादन करना है।

Hazaribagh DC Shashi Prakash Singh launching Neer Veer WhatsApp Chatbot for drinking water solutions

कैसे काम करेगा नीर वीर चैटबॉट?

प्रशासन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 8757864361 पर नागरिक सिर्फ एक संदेश भेजकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह चैटबॉट पूरी तरह से ऑटोमेटेड है, जहाँ उपयोगकर्ता अपनी सुविधा के अनुसार विकल्पों को चुन सकते हैं। इसमें न केवल नई शिकायत दर्ज करने की सुविधा है, बल्कि नागरिक अपनी पुरानी शिकायतों का स्टेटस (Status) भी देख सकते हैं।


कॉल के जरिए भी दर्ज होगी समस्या

डिजिटल माध्यम के अलावा प्रशासन ने उन लोगों का भी ध्यान रखा है जो व्हाट्सएप का उपयोग नहीं करते हैं। ऐसे नागरिक 8076635024 नंबर पर सीधे कॉल करके भी अपनी पेयजल संबंधी शिकायतें नोट करा सकते हैं।

उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की है कि जल संकट को देखते हुए इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं ताकि प्रशासन और संबंधित विभाग समय रहते पेयजल व्यवस्था को सुचारू बना सके।

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