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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग: जल संकट पर डीसी का एक्शन, 48 घंटे में पहाड़ी गांव को मिला शुद्ध पानी

हजारीबाग: जल संकट पर डीसी का एक्शन, 48 घंटे में पहाड़ी गांव को मिला शुद्ध पानी

नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट बना वरदान: चौपारण के सुदूर आदिवासी क्षेत्र ताजपुर में जिला प्रशासन ने बोरिंग कराकर लगाया नया हैंडपंप, ग्रामीणों के चेहरे खिले।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग (झारखंड): गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही झारखंड के सुदूर इलाकों में गहराते जल संकट को देखते हुए हजारीबाग जिला प्रशासन 'एक्शन मोड' में है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों का पालन करते हुए उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह ने जिले में पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संवेदनशीलता दिखाई है। इसका ताजा उदाहरण चौपारण प्रखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र ताजपुर पंचायत में देखने को मिला, जहां सालों से पानी की किल्लत झेल रहे आदिवासी ग्रामीणों को महज 48 घंटे के भीतर राहत पहुंचाई गई।

हजारीबाग चौपारण के ताजपुर पंचायत में बोरिंग और हैंडपंप लगाते कर्मचारी और खुश ग्रामीण

नीर वीर चैटबॉट: तकनीक से समाधान तक का सफर

हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया “नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट” आम जनता के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है। ताजपुर पंचायत के आदिवासी बहुल इलाके से पेयजल समस्या की शिकायत इसी माध्यम से प्राप्त हुई थी। डीसी शशि प्रकाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।


दुर्गम पहाड़ियों पर पहुंची मशीन, 48 घंटे में हुआ काम

भौगोलिक रूप से कठिन और पहाड़ी रास्ता होने के बावजूद, जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए 48 घंटों के भीतर बोरिंग का कार्य संपन्न कराया। केवल बोरिंग ही नहीं, बल्कि तत्काल चापानल (हैंडपंप) का अधिष्ठापन भी सुनिश्चित किया गया। अब यहां के आदिवासी परिवारों को शुद्ध पेयजल के लिए मीलों दूर नहीं भटकना पड़ेगा।

उपायुक्त की अपील: चैटबॉट का करें उपयोग

उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन हर नागरिक तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या को “नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट” पर दर्ज करें ताकि प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान किया जा सके।

हजारीबाग में जल संकट पर प्रहार: उपायुक्त के निर्देश पर सभी प्रखंडों में 'नीर चौपाल' का आयोजन, टैंकरों और चापानलों की होगी मरम्मत

हजारीबाग में जल संकट पर प्रहार: उपायुक्त के निर्देश पर सभी प्रखंडों में 'नीर चौपाल' का आयोजन, टैंकरों और चापानलों की होगी मरम्मत

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग: भीषण गर्मी की आहट के साथ ही जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के नेतृत्व में हजारीबाग के सभी प्रखंडों में 'नीर चौपाल' का आयोजन किया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की एक-एक बूंद की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और खराब पड़े संसाधनों को तुरंत दुरुस्त किया जा सके।

Hazaribagh Neer Chaupal meeting for drinking water solution and handpump repair plan.

समस्याओं की हुई मैपिंग, कार्यपालक अभियंता को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

नीर चौपाल के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों और जल सहियाओं के साथ बैठक कर क्षेत्र के खराब चापानलों की सूची तैयार की। इस संकलित डेटा को पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को भेजा जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि एक ठोस कार्य योजना बनाकर बंद पड़े चापानलों को युद्ध स्तर पर चालू किया जाए।

PVTG क्षेत्रों पर विशेष नजर और टैंकरों की व्यवस्था

बैठक में विशेष रूप से आदिम जनजाति (PVTG) बहुल क्षेत्रों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया है कि टैंकरों का आकलन कर उनकी मरम्मत कराई जाए ताकि किसी भी परिस्थिति में जलापूर्ति बाधित न हो। इन क्षेत्रों में पानी के वितरण की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

इन नंबरों पर दर्ज कराएं शिकायत

आम जनता की सुविधा के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। अगर आपके क्षेत्र में चापानल खराब है या पानी की किल्लत है, तो आप इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:

दूरभाष संख्या: 06546-262291

AI चैटबॉट नंबर: 8757864361

जल संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजना

तत्काल राहत के अलावा, सरकार डोभा निर्माण, वर्षा जल संचयन और तालाबों के गहरीकरण जैसे कार्यों पर भी ध्यान दे रही है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जल स्रोतों के पुनर्जीवन के कार्यों में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

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