हजारीबाग: जल संकट पर डीसी का एक्शन, 48 घंटे में पहाड़ी गांव को मिला शुद्ध पानी
नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट बना वरदान: चौपारण के सुदूर आदिवासी क्षेत्र ताजपुर में जिला प्रशासन ने बोरिंग कराकर लगाया नया हैंडपंप, ग्रामीणों के चेहरे खिले।
हजारीबाग (झारखंड): गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही झारखंड के सुदूर इलाकों में गहराते जल संकट को देखते हुए हजारीबाग जिला प्रशासन 'एक्शन मोड' में है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों का पालन करते हुए उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह ने जिले में पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संवेदनशीलता दिखाई है। इसका ताजा उदाहरण चौपारण प्रखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र ताजपुर पंचायत में देखने को मिला, जहां सालों से पानी की किल्लत झेल रहे आदिवासी ग्रामीणों को महज 48 घंटे के भीतर राहत पहुंचाई गई।
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| हजारीबाग चौपारण के ताजपुर पंचायत में बोरिंग और हैंडपंप लगाते कर्मचारी और खुश ग्रामीण |
नीर वीर चैटबॉट: तकनीक से समाधान तक का सफर
हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया “नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट” आम जनता के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है। ताजपुर पंचायत के आदिवासी बहुल इलाके से पेयजल समस्या की शिकायत इसी माध्यम से प्राप्त हुई थी। डीसी शशि प्रकाश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
दुर्गम पहाड़ियों पर पहुंची मशीन, 48 घंटे में हुआ काम
भौगोलिक रूप से कठिन और पहाड़ी रास्ता होने के बावजूद, जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए 48 घंटों के भीतर बोरिंग का कार्य संपन्न कराया। केवल बोरिंग ही नहीं, बल्कि तत्काल चापानल (हैंडपंप) का अधिष्ठापन भी सुनिश्चित किया गया। अब यहां के आदिवासी परिवारों को शुद्ध पेयजल के लिए मीलों दूर नहीं भटकना पड़ेगा।
उपायुक्त की अपील: चैटबॉट का करें उपयोग
उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन हर नागरिक तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या को “नीर वीर व्हाट्सएप चैटबॉट” पर दर्ज करें ताकि प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान किया जा सके।

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