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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग की अंतरराष्ट्रीय रामनवमी: 107 वर्षों की अटूट आस्था और सांस्कृतिक शौर्य का महाकुंभ

हजारीबाग की अंतरराष्ट्रीय रामनवमी: 107 वर्षों की अटूट आस्था और सांस्कृतिक शौर्य का महाकुंभ

HAZARIBAGH: झारखंड की पावन धरा हजारीबाग में रामनवमी का उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि यह इस क्षेत्र की रगों में दौड़ने वाली सांस्कृतिक चेतना और अटूट श्रद्धा का जीवंत प्रमाण है। साल 2026 की यह रामनवमी इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जा रही है, क्योंकि अयोध्या जी में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण के पश्चात यह पहली मुख्य रामनवमी है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार रवि योग के दुर्लभ संयोग में मनायी जा रही यह रामनवमी न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान कर रही है, बल्कि हजारीबाग की उस 'इंटरनेशनल रामनवमी' की ख्याति को भी वैश्विक स्तर पर पुनर्स्थापित कर रही है जो पिछले एक सदी से भी अधिक समय से अनवरत जारी है।

हजारीबाग की सड़कों पर केसरिया पताकों के साथ शौर्य प्रदर्शन करते रामभक्त और जीवंत झांकियों का विहंगम दृश्य।

हजारीबाग की रामनवमी की सबसे बड़ी विशेषता इसका अनूठा समय चक्र है। जब पूरे विश्व में रामनवमी का समापन हो रहा होता है, तब हजारीबाग में उत्सव का वास्तविक शंखनाद होता है। इसे 'इंटरनेशनल रामनवमी' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका स्वरूप, इसकी व्यापकता और इसमें उमड़ने वाला जनसैलाब किसी कुंभ मेले से कम नहीं होता। दशमी की संध्या से शुरू होकर एकादशी की रात तक चलने वाली यह अनवरत शोभायात्रा लगभग 36 घंटों तक शहर की सड़कों पर भक्ति का ऐसा सागर बहाती है कि समय भी मानो ठहर सा जाता है। यहाँ की झांकियों में रामेश्वरम के दर्शन से लेकर रामसेतु और अयोध्या धाम की दिव्यता का संगम एक साथ देखने को मिलता है।

इस गौरवगाथा की नींव आज से ठीक 107 वर्ष पूर्व 1918 में रखी गई थी। उस दौर में गुरु सहाय ठाकुर, हीरालाल महाजन और टीभर गोप जैसे दूरदर्शी महापुरुषों ने गगनचुंबी महावीरी पताके के साथ जिस परंपरा का श्रीगणेश किया था, वह आज एक वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। उस समय के सीमित संसाधनों में शुरू हुआ यह कारवां आज आधुनिक तकनीक और लाइटिंग के समावेश के साथ सतयुग के आदर्शों का पाठ पढ़ा रहा है। यह इतिहास गवाह है कि हजारीबाग ने अपनी परंपराओं को सहेजने के लिए कितना संघर्ष और समर्पण दिखाया है।

हजारीबाग की गलियों में जब तासों की गड़गड़ाहट गूँजती है और हवा में केसरिया परचम लहराते हैं, तब यहाँ के युवाओं का कौशल देखते ही बनता है। पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन, लाठियों की तड़तड़ाहट और तलवारबाजी की अद्भुत कला इस जुलूस को विश्व स्तर पर विशिष्ट बनाती है। यह केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं है, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने और पारंपरिक शौर्य कला को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है। सैकड़ों अखाड़ों के हजारों रामभक्त बिना थके, बिना रुके जिस जुनून के साथ इस उत्सव का हिस्सा बनते हैं, वह पवनपुत्र हनुमान के असीम पराक्रम से प्रेरित प्रतीत होता है।

सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द हजारीबाग की रामनवमी का एक अन्य अनिवार्य पहलू है। इतिहास के झरोखों में झांकें तो 1973 और 1989 जैसी कठिन परिस्थितियों में भी यहाँ के नागरिकों और प्रशासन ने अपनी सूझ-बूझ से शांति व्यवस्था को बनाए रखा। समय-समय पर कुछ असामाजिक तत्वों ने यहाँ की फिजा बिगाड़ने की कोशिश जरूर की, जैसा कि 2016 के घटनाक्रमों में देखा गया, लेकिन हजारीबाग की 'गंगा-जमुनी तहजीब' और यहाँ के अमनपसंद लोगों ने हमेशा नफरत की राजनीति को नाकाम किया। यह उत्सव सिद्ध करता है कि धर्म जोड़ने का नाम है, तोड़ने का नहीं।

आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह महापर्व हजारीबाग के लिए रीढ़ की हड्डी के समान है। इस दौरान स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिलती है। छोटे व्यापारियों, मूर्तिकारों, फूल विक्रेताओं और हस्तशिल्पियों के लिए यह समय वर्ष का सबसे बड़ा रोजगार का अवसर लेकर आता है। झारखंड की पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन विधायक और वर्तमान सांसद मनीष जायसवाल के प्रयासों से रामभक्तों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जो परंपरा शुरू हुई थी, उसने इस उत्सव को एक नया राजकीय सम्मान प्रदान किया। आज भी पारंपरिक लाठियों का वितरण और सामाजिक सहभागिता के जरिए इस विरासत को सहेजने का कार्य निरंतर जारी है।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अब यह मांग प्रबल हो रही है कि हजारीबाग की इस ऐतिहासिक और पारंपरिक रामनवमी को यूनेस्को की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' (Intangible Cultural Heritage) की सूची में स्थान मिलना चाहिए। यह न केवल हजारीबाग बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का विषय होगा। जिस प्रकार इस उत्सव में मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के धैर्य, माता सीता की सादगी और हनुमान जी के शौर्य का अद्भुत सम्मिश्रण मिलता है, वह वैश्विक मंच पर अध्ययन का विषय हो सकता है।

अंततः हजारीबाग की यह रामनवमी हमें यह संदेश देती है कि परंपराएं तभी जीवित रहती हैं जब उनमें आधुनिकता के साथ-साथ अपने मूल संस्कारों के प्रति सम्मान हो। शांति, सौहार्द और मर्यादा के साथ मनाया जाने वाला यह उत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। आइए, हम सब मिलकर इस गौरवशाली विरासत के सहभागी बनें और समाज में प्रेम एवं सद्भावना का संचार करें।

Naresh Soni Editor in Chief.

हजारीबाग चुनाव: सांसद मनीष जायसवाल ने किया मतदान, वोटर लिस्ट की गड़बड़ी पर चुनाव आयोग को लिया आड़े हाथ

हजारीबाग चुनाव: सांसद मनीष जायसवाल ने किया मतदान, वोटर लिस्ट की गड़बड़ी पर चुनाव आयोग को लिया आड़े हाथ

हजारीबाग:

हजारीबाग नगर निगम चुनाव के तहत चल रहे मतदान के बीच सांसद मनीष जायसवाल ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सांसद ने बालिका मध्य विद्यालय, कुम्हारटोली (नगर निगम, हजारीबाग) स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अपना वोट डाला। वोट डालने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए जहां एक तरफ जनता से भारी संख्या में मतदान की अपील की, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल भी खड़े किए।

"हजारीबाग के बालिका मध्य विद्यालय, कुम्हारटोली मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते सांसद मनीष जायसवाल।"

एक ही परिवार दो वार्डों में कैसे बंटा?

मीडिया को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने उनके परिवार का बंटवारा कर दिया है। सांसद ने स्पष्ट किया कि उनका पूरा परिवार वार्ड नंबर 28 का मतदाता है, लेकिन उन्हें अकेले किसी अन्य वार्ड की सूची में डाल दिया गया है।


उन्होंने गहरी चिंता जताते हुए कहा, "एक ही घर, जो वार्ड नंबर 28 में है... मैं अकेला व्यक्ति हूं जो इस वार्ड में आ गया। एक ही घर दो वार्ड में कैसे हो सकता है, यह बड़ा चिंता का विषय है"। उन्होंने कहा कि आमतौर पर व्यक्ति अपने परिवार के साथ वोट देने आता है, लेकिन आज अकेले आने पर उन्हें मलाल हो रहा है। सांसद ने चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों को नसीहत दी कि वोटर लिस्ट को संजीदगी से तैयार किया जाना चाहिए, ताकि आम मतदाताओं को अपना बूथ ढूंढने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

नगर की सरकार और बुनियादी सुविधाओं के लिए करें वोट

इस गड़बड़ी के बावजूद, सांसद ने हजारीबाग वासियों से लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि नगर की सरकार का गठन हमारे दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ है। रोजमर्रा के कारोबार, शहर की स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी सभी बुनियादी जरूरतें इसी व्यवस्था पर निर्भर करती हैं।

उन्होंने मतदाताओं को संदेश दिया, "लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब लोकतंत्र के जितने भी प्रहरी हैं, वे सभी आएं और अपने मताधिकार का प्रयोग करें... घरों से निकलिए, वोट दीजिए और एक अच्छे व्यक्ति को चुनिए ताकि वह आपकी सेवा कर सके"।

हजारीबाग में चुनावी शोर: एक तरफ सांसद मनीष जायसवाल का रोड शो, तो दूसरी तरफ कांग्रेस की वार्ड बैठकें; 23 को होगा फैसला

हजारीबाग में चुनावी शोर: एक तरफ सांसद मनीष जायसवाल का रोड शो, तो दूसरी तरफ कांग्रेस की वार्ड बैठकें; 23 को होगा फैसला

हजारीबाग: नगर निगम चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, हजारीबाग का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। शहर के महापौर (Mayor) पद के लिए भाजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। दोनों ही खेमों ने जनता को लुभाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शहर के चौक-चौराहों से लेकर गलियों तक चुनाव प्रचार और जनसंपर्क अभियान चरम पर है।

"हजारीबाग में जनसंपर्क करते सांसद मनीष जायसवाल और प्रत्याशी सुदेश कुमार"

भाजपा: सांसद मनीष जायसवाल ने संभाली कमान

भाजपा समर्थित महापौर प्रत्याशी सुदेश कुमार की जीत सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल खुद सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने शिवपुरी, कल्लू चौक, नूरा चौक, कोलघटी और मंडई जैसे प्रमुख इलाकों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया। सांसद ने घर-घर जाकर लोगों से सुदेश कुमार के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

​सांसद मनीष जायसवाल ने कहा, "हजारीबाग को एक सक्षम और ईमानदार नेतृत्व की जरूरत है। सुदेश कुमार जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं और शहर की साफ-सफाई और विकास के लिए उनकी जीत जरूरी है।" वहीं, प्रत्याशी सुदेश कुमार ने जनता को भरोसा दिलाया कि वे हजारीबाग को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए संकल्पित हैं। इस दौरान उन्होंने पूर्व सांसद महावीर लाल विश्वकर्मा से भी आशीर्वाद लिया, जिन्होंने संगठन की एकजुटता पर जोर दिया।

कांग्रेस: वार्डों में बैठकों का दौर जारी

दूसरी ओर, कांग्रेस समर्थित महापौर प्रत्याशी तस्लीम अंसारी के लिए भी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह और प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर के नेतृत्व में वार्ड नंबर 1, 2 और 21 में जोरदार प्रचार किया गया।

"वार्ड बैठकों को संबोधित करते कांग्रेस प्रत्याशी तस्लीम अंसारी और अन्य नेता"

​इस अभियान में केदार पासवान, अरसी मेहता, राजी अहमद और रेणु देवी जैसे कई दिग्गज नेता शामिल रहे। कांग्रेस ने नुक्कड़ सभाओं और बैठकों के जरिए जनता से सीधा संवाद किया। बैठकों में शिक्षा, स्वच्छता और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बैठकों में उमड़ रही भीड़ और जनता का उत्साह यह बता रहा है कि इस बार शहर में बदलाव निश्चित है।

23 को मतदान, 27 को परिणाम

गौरतलब है कि हजारीबाग नगर निगम चुनाव के लिए आगामी 23 तारीख को बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान होना है। प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव के नतीजे 27 तारीख को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। फ़िलहाल, दोनों ही प्रत्याशियों के समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन अंतिम निर्णय हजारीबाग की जनता के हाथ में है।

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