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विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में रक्तदान शिविर, आरोग्यम हॉस्पिटल के सहयोग से हुआ आयोजन

विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में रक्तदान शिविर का आयोजन: आरोग्यम हॉस्पिटल के सहयोग से 16 यूनिट रक्त संग्रहित

​नरेश सोनी, प्रधान संपादक

​हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):

विश्व फार्मासिस्ट दिवस 2026 के उपलक्ष्य में ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हजारीबाग द्वारा 19 सितंबर से 25 सितंबर 2026 तक फार्मेसी सप्ताह के तहत विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की शुरुआत की गई है। इस साप्ताहिक अभियान का विधिवत शुभारंभ रक्तदान शिविर के साथ हुआ, जिसका आयोजन ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी एवं हजारीबाग आरोग्यम हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

Students and staff donating blood at Gyan Jyoti College of Pharmacy blood donation camp in Hazaribagh

​16 यूनिट रक्त संग्रहित, युवाओं ने दिखाया उत्साह

रक्तदान शिविर में कॉलेज के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वेच्छा से रक्तदान किया। शिविर के दौरान कुल 16 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरतमंद मरीजों की जान बचाना और युवाओं में सामाजिक दायित्व की भावना को सुदृढ़ करना था।

​रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं: कॉलेज प्रबंधन

इस अवसर पर कॉलेज के निदेशक शंभू कुमार ने कहा कि रक्तदान केवल एक कार्य नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। समय पर मिला रक्त किसी गंभीर मरीज को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें संवेदनशील और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा नागरिक बनाना भी है।

​वहीं कॉलेज के सचिव बिनय कुमार ने कहा कि 'रक्तदान महादान' है। हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी के घर का चिराग बुझने से बचा सकता है। हर स्वस्थ व योग्य नागरिक को नियमित अंतराल पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए।

​इन छात्र-छात्राओं ने किया रक्तदान

शिविर में स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों में मुख्य रूप से डार्विड कुमार, नमन सिंह, याशा इरफान, करण यादव, प्रीति साव, रितु कुमारी, निम्मी साहम, अफरीन, हिमांशु, आदर्श मोहन, राजा कुमार गुप्ता, निशा कुमारी, गौशी अकरम और सोनिया कुमारी शामिल रहे। कॉलेज प्रबंधन ने सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और आरोग्यम हॉस्पिटल की मेडिकल टीम के प्रति आभार जताया।

​सप्ताह भर चलेंगे विविध जागरूकता कार्यक्रम

प्रबंधन ने बताया कि 25 सितंबर तक चलने वाले इस उत्सव के दौरान कॉलेज परिसर में पोस्टर प्रेजेंटेशन, फार्मा क्विज, रील मेकिंग, पौधरोपण, औषधीय पौधों की पहचान व उनके उपयोग पर आधारित कई रचनात्मक और शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों के कौशल और सामाजिक चेतना का विकास हो सके।

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Hazaribagh Pharmacy College News: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में खेल दिवस का भव्य समापन, विद्यार्थियों ने दिखाया कबड्डी, क्रिकेट व एथलेटिक्स में दम

 

​ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में तीन दिवसीय खेल दिवस का भव्य समापन: रवि शेखर, नमन व मीरा समेत कई विद्यार्थी पुरस्कृत; अनुशासन और टीम भावना का दिखा संगम

​राँची/हजारीबाग। ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में आयोजित तीन दिवसीय खेल दिवस का समापन आज उत्साह, उमंग और उत्कृष्ट खेल भावना के साथ हुआ। तीन दिनों तक चले इस खेल महोत्सव में महाविद्यालय परिसर विभिन्न खेल एवं मनोरंजक प्रतियोगिताओं से सराबोर रहा, जिसमें छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

Prize distribution ceremony at Gyan Jyoti College of Pharmacy annual sports day function

​विभिन्न खेल व बौद्धिक प्रतियोगिताओं का आयोजन

​खेल दिवस के दौरान विद्यार्थियों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए कई स्पर्धाएँ आयोजित की गईं:

  • ​खेलकूद स्पर्धाएँ: दौड़, कबड्डी, क्रिकेट, फुटबॉल, रस्साकशी, स्किपिंग, पास द बॉल और म्यूजिकल चेयर जैसी खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया।
  • ​बौद्धिक व सांस्कृतिक स्पर्धाएँ: विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए लेखन प्रतियोगिता एवं प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।

​विजेता प्रतिभागियों को मिले पुरस्कार

​प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों में रवि शेखर, नमन, मीरा, लोकेश, सनी, हिमांशु, अनूप, करण, अंशु, शर्यम, सोनू एवं पीयूष प्रमुख रूप से शामिल रहे। विजेता और सराहनीय प्रदर्शन करने वाले सभी प्रतिभागियों को महाविद्यालय के प्रभारी एवं शिक्षकगण द्वारा ट्रॉफी, पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

​खेल सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम: प्रबंधन

​समापन समारोह के अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी एवं शिक्षकगण ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, परस्पर सहयोग, आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं।

​महाविद्यालय प्रबंधन ने दोहराया कि ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी का ध्येय केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक व सामाजिक गतिविधियों का समान अवसर प्रदान करना है। इस तीन दिवसीय आयोजन से पूरे कैंपस में नई ऊर्जा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बना रहा।

Gyan Jyoti College of Pharmacy: टालवार फार्मा रुड़की से लौटे छात्र, सचिव बिनय कुमार ने प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित! 🎓🏭

 

ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में सम्मान समारोह: टालवार फार्मा (रुड़की) औद्योगिक भ्रमण से लौटे छात्र, सचिव बिनय कुमार ने प्रमाण पत्र देकर किया सम्मानित

​हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी विशेष ब्यूरो):

ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में टालवार फार्मा (रुड़की, उत्तराखंड) के सफल औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visit) से लौटे बी.फार्मा (B.Pharm) एवं डी.फार्मा (D.Pharm) के विद्यार्थियों के लिए अनुभव साझाकरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के सचिव बिनय कुमार ने औद्योगिक भ्रमण में शामिल सभी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

Gyan Jyoti College of Pharmacy Secretary Binay Kumar felicitating students and teachers after industrial visit



​औद्योगिक अनुभव से मिला व्यावहारिक ज्ञान:

  • ​दवा निर्माण और करियर के अवसरों की समझ: कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि टालवार फार्मा में उन्हें अत्याधुनिक औषधि निर्माण (Medicine Manufacturing), गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control), पैकेजिंग और फार्मेसी के व्यावहारिक पहलुओं को करीब से देखने का अवसर मिला।
  • ​संस्थान व शिक्षकों का जताया आभार: विद्यार्थियों ने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ इस तरह के एक्सपोजर से उन्हें फार्मा सेक्टर में भविष्य के करियर और रोजगार की संभावनाओं को समझने में नई दिशा मिली है। छात्रों ने सचिव बिनय कुमार और मार्गदर्शक शिक्षकों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया।

​व्यावहारिक ज्ञान ही सफलता की कुंजी : बिनय कुमार

​कॉलेज के सचिव बिनय कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी का मुख्य उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि छात्रों को उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष और कुशल बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार होता है और वे फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री की चुनौतियों व अवसरों के लिए तैयार होते हैं।

​शिक्षकों को स्मृति चिन्ह व स्मार्ट वॉच देकर किया गया सम्मानित:

​औद्योगिक भ्रमण के सफल आयोजन और विद्यार्थियों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन के लिए कॉलेज प्रबंधन द्वारा शिक्षक एम.डी. असलम, रंजीत कुमार एवं गुड्डू को विशेष रूप से स्मृति-चिह्न (Momento) और स्मार्ट घड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया।

Hazaribagh Health News: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु जागरूकता अभियान; पढ़ें मानसून हेल्थ टिप्स

 

​Hazaribagh Health Awareness: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु जागरूकता अभियान; रणजीत कुमार ने दिए स्वास्थ्य टिप्स

​हजारीबाग (News Prahari Desk): मानसून के मौसम में तेजी से पनपने वाली बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए हजारीबाग स्थित ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी (Gyan Jyoti College of Pharmacy) की ओर से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, भावी फार्मासिस्टों और आम लोगों को वर्षा ऋतु के दौरान फैलने वाले संक्रमणों और जलजनित रोगों के प्रति जागरूक करना था।

Health awareness campaign on seasonal diseases organized at Gyan Jyoti College of Pharmacy Hazaribagh

​कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के वक्ता रणजीत कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मौसमी बीमारियों के मुख्य कारणों, उनके लक्षणों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

​"मानसून में बढ़ता है डेंगू, मलेरिया और जलजनित रोगों का खतरा": रणजीत कुमार

​विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रणजीत कुमार ने कहा कि मानसून के आगमन के साथ ही वातावरण में नमी बढ़ती है, जिससे बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैलता है। इस मौसम में लापरवाही बरतने पर डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, वायरल फीवर, हैजा (Cholera) और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी गंभीर जलजनित व कीटजनित बीमारियों की चपेट में आने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

​उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी दैनिक जीवनशैली में व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, संतुलित आहार और आसपास की साफ-सफाई पर थोड़ा सा ध्यान दें, तो 90% से अधिक मौसमी बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।

​संक्रमण और बीमारियों से बचाव के लिए प्रमुख सुझाव

​ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा आयोजित इस सत्र में विद्यार्थियों और आमजन के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्वास्थ्य दिशानिर्देश जारी किए गए:

  1. ​सुरक्षित पेयजल और खान-पान: केवल उबला हुआ या अच्छे से फिल्टर किया गया पानी ही पिएं। ताजा और स्वच्छ भोजन ग्रहण करें तथा बाजारों में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों व कटे हुए फलों के सेवन से पूरी तरह बचें।
  2. ​मच्छरों से सुरक्षा: घर, छत, कूलरों और आसपास के बर्तनों में पानी जमा न होने दें। मच्छरों के काटने से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, मॉस्किटो रिपेलेंट लगाएं और पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
  3. ​व्यक्तिगत स्वच्छता: खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं। खांसी या छींक आते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिशू से ढकें।
  4. ​प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, नियमित हल्का व्यायाम करें और आहार में हरी सब्जियाँ व ताजे फल शामिल करें।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार खांसी, उल्टी-दस्त या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें, तो वे बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से दवा (Self-Medication) न लें और तुरंत किसी qualified चिकित्सक से संपर्क करें।

​"स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका": कॉलेज प्रबंधन

​कॉलेज प्रबंधन ने कार्यक्रम के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि फार्मेसी के छात्र भविष्य के स्वास्थ्य योद्धा (Healthcare Professionals) हैं। इस तरह के जागरूकता अभियानों से न केवल विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, बल्कि वे समाज में भी सही और वैज्ञानिक स्वास्थ्य जानकारियों का प्रसार करने में सक्षम बनते हैं।

​कार्यक्रम का समापन एक सशक्त सामाजिक संदेश के साथ किया गया:

​"इलाज से बेहतर है बचाव — स्वच्छ रहें, सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें।"

Gyan Jyoti College of Pharmacy Hazaribagh Official Press Release & Event Outline

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Hazaribagh: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्रों ने तैयार किए औषधीय गार्गल, जन-जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को मिलेगी राहत

 

व्यावहारिक प्रशिक्षण और समाज सेवा का संगम: फार्मेसी छात्रों की पहल से सुधरेगी मौखिक स्वास्थ्य जागरूकता

हजारीबाग: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डी.फार्मा विद्यार्थियों ने अपनी शैक्षणिक कुशलता का परिचय देते हुए औषधीय गार्गल का सफलतापूर्वक निर्माण किया है। सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा के उद्देश्य से तैयार किए गए ये गार्गल—'पोविडोन-आयोडीन गार्गल' (Povidone-Iodine Gargle) और 'सलाइन गार्गल' (Saline Gargle)—आगामी स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में आमजन के बीच वितरण और प्रदर्शन के लिए उपयोग किए जाएंगे।

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स्वास्थ्य के लिए लाभ और उपयोग

कॉलेज में आयोजित सत्र के दौरान विद्यार्थियों को इन गार्गलों के वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया:

  • पोविडोन-आयोडीन गार्गल: यह गले के संक्रमण, खराश को दूर करने और मुंह एवं गले के बैक्टीरिया व वायरस को कम करने में अत्यंत प्रभावी है। यह मौखिक स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

  • सलाइन गार्गल: यह गले की खराश, सूजन और हल्के संक्रमण के लिए एक सुरक्षित व प्रभावी घरेलू उपाय है। यह मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का सरल साधन है।

छात्रों को मिला कुशल मार्गदर्शन

कॉलेज के निदेशक शंभू कुमार ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फार्मेसी शिक्षा का मूल उद्देश्य दवाओं के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ समाज के प्रति सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण छात्रों को भविष्य में एक जिम्मेदार फार्मेसी प्रोफेशनल के रूप में स्थापित करने में सहायक होते हैं।

इस प्रक्रिया में शिक्षिका शिल्पा कुमारी, शिक्षक मणिरत्नम भारद्वाज और शिक्षक अभिक पाल ने विद्यार्थियों को गार्गल निर्माण की सटीक प्रक्रिया, गुणवत्ता मानक, सुरक्षा और जनस्वास्थ्य में इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि स्वास्थ्य संबंधी वैज्ञानिक जानकारी को जिम्मेदारी के साथ समाज तक पहुँचाना उनका मुख्य दायित्व है।

कॉलेज प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने के लिए इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा, ताकि फार्मेसी के छात्र न केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहें, बल्कि धरातल पर जनस्वास्थ्य सुधार में भी योगदान दे सकें।

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फार्मेसी के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान की पहल: ज्ञान ज्योति कॉलेज हजारीबाग के छात्र औद्योगिक भ्रमण के लिए रुड़की रवाना

 

उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और जीएमपी की बारीकियों को समझेंगे बी.फार्मा एवं डी.फार्मा के विद्यार्थी

​संवाददाता, हजारीबाग: तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हजारीबाग में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक गतिविधि का आयोजन किया गया है। संस्थान के बी.फार्मा (B.Pharma) एवं डी.फार्मा (D.Pharma) के छात्र-छात्राओं का एक संयुक्त दल शनिवार, 11 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visit) के लिए उत्तराखंड के प्रमुख औद्योगिक केंद्र रुड़की के लिए रवाना हुआ। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को दवाओं के निर्माण से जुड़ी अत्याधुनिक औद्योगिक तकनीकों और प्रक्रियाओं से रूबरू कराना है।

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​औद्योगिक कार्यप्रणाली और वैश्विक मानकों का व्यावहारिक अध्ययन

​महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस प्रकार के औद्योगिक दौरों का मुख्य लक्ष्य किताबी ज्ञान को धरातलीय कार्यप्रणाली से जोड़ना है। रुड़की प्रवास के दौरान विद्यार्थी देश की प्रतिष्ठित फार्मास्यूटिकल कंपनियों के विनिर्माण संयंत्रों (Manufacturing Plants) का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें निम्नलिखित महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी:

  • ​गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP): दवा निर्माण के दौरान अपनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता और विधिक मानकों का लाइव अध्ययन।
  • ​गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control - QC): दवाओं के रसायनों की शुद्धता और मानकों की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को समझना।
  • ​गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance - QA): उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक हर स्तर पर गुणवत्ता को अक्षुण्ण रखने की विधिक प्रक्रियाओं का विश्लेषण।
  • ​उत्पादन प्रक्रिया (Production Process): आधुनिक स्वचालित मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर दवाओं और कैप्सूल के निर्माण की कड़ियों को देखना।

​करियर निर्माण और कौशल विकास में मिलेगी सहायता

​औद्योगिक भ्रमण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय प्रबंधन शंभू कुमार, निदेशक बिनय कुमार एवं विभागाध्यक्ष नीतू सिन्हा ने संयुक्त रूप से बताया कि वर्तमान समय की प्रतिस्पर्धी दुनिया में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को फार्मा उद्योग की वास्तविक कार्यशैली और कॉर्पोरेट संस्कृति को सूक्ष्मता से समझने का सीधा अवसर मिलता है। यह अनुभव उनके करियर निर्माण, तकनीकी कौशल विकास (Skill Development) और अंतिम वर्ष के बाद होने वाले प्लेसमेंट (रोजगार) के अवसरों में मील का पत्थर साबित होगा।

​प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के समग्र शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास को गति देने के लिए भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार के उच्च स्तरीय औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्रों के भ्रमण आयोजित किए जाते रहेंगे। विद्यार्थियों के इस दल को रवाना करने और उनके मार्गदर्शन के लिए महाविद्यालय के शिक्षक असलम, रंजीत कुमार एवं गुड्डू कुमार सहित संस्थान के अन्य शिक्षणकर्मी और प्रबुद्ध प्रभाग प्रमुख भी साथ में उपस्थित हैं।

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Hazaribagh News:​दवाओं का अनियंत्रित सेवन बन रहा धीमा जहर: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने चलाया वृहद जन-जागरूकता अभियान

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​सेल्फ-मेडिकेशन और प्रिसक्रिप्शन दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर फार्मेसी छात्रों ने समाज को किया जागरूक

​संवाददाता, हजारीबाग:

आधुनिक समाज में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और बिना चिकित्सीय परामर्श के दवाओं का सेवन एक गंभीर संकट बनता जा रहा है। इसी संवेदनशील विषय को केंद्र में रखकर ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा समाज में दवाओं के सुरक्षित, विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विस्तृत जन-जागरूकता अभियान का संचालन किया गया। इस अभियान का मुख्य विषय 'दवाओं का दुरुपयोग (ड्रग एब्यूज) एवं प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का तार्किक उपयोग' था, जिसके माध्यम से जनमानस को जागरूक करने का प्रयास किया गया।

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​बिना परामर्श दवाएं लेने के घातक परिणाम

​अभियान के अंतर्गत फार्मेसी संकाय के भावी फार्मासिस्टों और छात्रों ने विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया। छात्रों ने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ यह स्पष्ट किया कि बिना किसी पंजीकृत चिकित्सक (रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर) की लिखित संस्तुति और वैध प्रिस्क्रिप्शन के औषधियों का स्व-सेवन (सेल्फ-मेडिकेशन) करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आत्मघाती सिद्ध हो सकता है। वर्तमान में इंटरनेट आधारित अधकचरी जानकारी के आधार पर दवाएं खरीदने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है, जो सीधे तौर पर मानव अंगों को क्षति पहुँचा रही है।

​एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक दवाओं का बढ़ता संकट

​फार्मेसी विशेषज्ञों और छात्रों ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि:

  • ​एंटीबायोटिक्स का अनियंत्रित उपयोग: बिना आवश्यकता के एंटीबायोटिक्स खाने से शरीर में 'एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस' (AMR) उत्पन्न हो रहा है, जिससे भविष्य में सामान्य संक्रमण होने पर भी दवाएं बेअसर हो जाती हैं।
  • ​दर्द निवारक (Painkillers) और निद्राकारी औषधियां (Sedatives): चिकित्सक के नियंत्रण के बिना इन दवाओं का दीर्घकालिक उपयोग किडनी, लीवर और हृदय को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर देता है। इसके अतिरिक्त, यह धीरे-धीरे मानसिक निर्भरता और गंभीर नशे की लत में परिवर्तित हो जाता है।

​संस्थान का सामाजिक संकल्प

​जागरूकता कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित नागरिकों को यह संकल्प दिलाया गया कि वे किसी अन्य व्यक्ति के लिए निर्धारित की गई दवाओं का उपयोग स्वयं नहीं करेंगे और न ही किसी को ऐसा करने की सलाह देंगे। प्रत्येक नागरिक को केवल योग्य और प्रमाणित चिकित्सक के परामर्श पर ही औषधियां क्रय करनी चाहिए।

​ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रशासनिक प्रबंधन और संकाय सदस्यों ने इस सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, नशामुक्त और जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में भी इस प्रकार के लोक-कल्याणकारी और स्वास्थ्य-जागरूकता अभियानों का निरंतर विस्तार किया जाएगा।

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Hazaribagh News: हूल दिवस पर ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने सिदो-कान्हू को किया नमन, युवाओं ने ली राष्ट्र सेवा की शपथ!

​🏹 हजारीबाग: हूल दिवस पर ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने किया शहीदों को नमन; छात्रों ने लिया आदर्शों पर चलने का संकल्प

​हजारीबाग: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में आदिवासी समाज के अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक 'हूल दिवस' जिले में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कॉलेज प्रतिनिधियों ने पीडब्ल्यूडी चौक स्थित वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

HAZARIBAGH: Students and faculty members of Gyan Jyoti College of Pharmacy paying floral tributes to the statue of immortal martyrs Sido and Kanhu on Hool Diwas.

​यह कार्यक्रम न केवल शहीदों को याद करने का माध्यम बना, बल्कि युवाओं को देश की आजादी के लिए दिए गए आदिवासी बलिदान से अवगत कराने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी रहा।

​🛡️ शहादत की गाथा: स्वाभिमान और बलिदान का प्रतीक

​श्रद्धांजलि सभा के दौरान कॉलेज के सचिव बिनय कुमार ने हूल विद्रोह के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हूल विद्रोह मात्र एक आंदोलन नहीं था, बल्कि यह जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आदिवासी समाज द्वारा दिखाया गया अदम्य साहस, स्वाभिमान और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। सचिव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सिदो-कान्हू के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।

​⚖️ अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा

​कॉलेज के निदेशक शंभू कुमार ने इस अवसर पर अपना संदेश देते हुए कहा कि सिदो-कान्हू का संघर्ष हमें अन्याय के विरुद्ध सत्य, साहस और एकता के साथ खड़े रहने की अप्रतिम प्रेरणा देता है। उन्होंने जोर दिया कि आज के समय में सिदो-कान्हू के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना और समाज व राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करना ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

​👥 शिक्षण समुदाय और विद्यार्थियों की रही सक्रिय भागीदारी

​इस गरिमामयी कार्यक्रम में ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के शिक्षकगणों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसमें रंजन कुमार, नीतू सिन्हा, शिल्पा कुमार, एम.डी. असलम, अभिक पाल, मनोज कुमार और मणिरत्नम भारद्वाज की उपस्थिति प्रमुख रही। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में कॉलेज के विद्यार्थी उपस्थित थे। सभी ने वीर शहीद सिदो-कान्हू की प्रतिमा के समक्ष शीश नवाया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी परिवार ने इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाते हुए देश के सभी वीर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

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