उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और जीएमपी की बारीकियों को समझेंगे बी.फार्मा एवं डी.फार्मा के विद्यार्थी
संवाददाता, हजारीबाग: तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हजारीबाग में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक गतिविधि का आयोजन किया गया है। संस्थान के बी.फार्मा (B.Pharma) एवं डी.फार्मा (D.Pharma) के छात्र-छात्राओं का एक संयुक्त दल शनिवार, 11 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visit) के लिए उत्तराखंड के प्रमुख औद्योगिक केंद्र रुड़की के लिए रवाना हुआ। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को दवाओं के निर्माण से जुड़ी अत्याधुनिक औद्योगिक तकनीकों और प्रक्रियाओं से रूबरू कराना है।
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औद्योगिक कार्यप्रणाली और वैश्विक मानकों का व्यावहारिक अध्ययन
महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस प्रकार के औद्योगिक दौरों का मुख्य लक्ष्य किताबी ज्ञान को धरातलीय कार्यप्रणाली से जोड़ना है। रुड़की प्रवास के दौरान विद्यार्थी देश की प्रतिष्ठित फार्मास्यूटिकल कंपनियों के विनिर्माण संयंत्रों (Manufacturing Plants) का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें निम्नलिखित महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी:
- गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP): दवा निर्माण के दौरान अपनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता और विधिक मानकों का लाइव अध्ययन।
- गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control - QC): दवाओं के रसायनों की शुद्धता और मानकों की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को समझना।
- गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance - QA): उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक हर स्तर पर गुणवत्ता को अक्षुण्ण रखने की विधिक प्रक्रियाओं का विश्लेषण।
- उत्पादन प्रक्रिया (Production Process): आधुनिक स्वचालित मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर दवाओं और कैप्सूल के निर्माण की कड़ियों को देखना।
करियर निर्माण और कौशल विकास में मिलेगी सहायता
औद्योगिक भ्रमण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय प्रबंधन शंभू कुमार, निदेशक बिनय कुमार एवं विभागाध्यक्ष नीतू सिन्हा ने संयुक्त रूप से बताया कि वर्तमान समय की प्रतिस्पर्धी दुनिया में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को फार्मा उद्योग की वास्तविक कार्यशैली और कॉर्पोरेट संस्कृति को सूक्ष्मता से समझने का सीधा अवसर मिलता है। यह अनुभव उनके करियर निर्माण, तकनीकी कौशल विकास (Skill Development) और अंतिम वर्ष के बाद होने वाले प्लेसमेंट (रोजगार) के अवसरों में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के समग्र शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास को गति देने के लिए भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार के उच्च स्तरीय औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्रों के भ्रमण आयोजित किए जाते रहेंगे। विद्यार्थियों के इस दल को रवाना करने और उनके मार्गदर्शन के लिए महाविद्यालय के शिक्षक असलम, रंजीत कुमार एवं गुड्डू कुमार सहित संस्थान के अन्य शिक्षणकर्मी और प्रबुद्ध प्रभाग प्रमुख भी साथ में उपस्थित हैं।

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