Hazaribagh News: इचाक के जी.एम. इंटर महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा पर संगोष्ठी; गुरु-शिष्य परंपरा और नैतिक मूल्यों पर हुआ मंथन
इचाक/हजारीबाग (News Prahari Desk): हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड स्थित जी.एम. इंटर महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 'गुरु-शिष्य परंपरा एवं आधुनिक शिक्षा प्रणाली' विषय पर एक दिवसीय भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान, उनके आदर्शों, चरित्र निर्माण तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालना था।
![]() |
| Seminar on Guru Shishya Parampara at GM Inter College Ichak Hazaribagh on Guru Purnima |
संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और भारतीय सनातन ज्ञान परंपरा में गुरु की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया।
"गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता नहीं, बल्कि जीवन के मार्गदर्शक हैं"
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुसार किया गया। इसके बाद मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए जी.एम. इंटर महाविद्यालय के प्रभारी पंकज कुमार ने गुरु पूर्णिमा के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में पंकज कुमार ने कहा:
"भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। गुरु केवल किताबी ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं होते, बल्कि वे छात्र के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं, उसमें नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों का बीजारोपण करते हैं और जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। आधुनिक दौर में जहाँ इंटरनेट और तकनीक से सूचनाएँ तो मिल सकती हैं, लेकिन संस्कार, जीवन दर्शन और सही मार्ग केवल गुरु के सानिध्य से ही प्राप्त होता है।"
उन्होंने आगे कहा कि गुरु पूर्णिमा का यह पर्व सभी को अपने गुरुओं के प्रति अपार श्रद्धा, सम्मान, निष्ठा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।
छात्रों की वक्तृत्व प्रतियोगिता: साक्षी कुमारी को मिला प्रथम स्थान
संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों के लिए 'आधुनिक समाज में गुरु-शिष्य संबंधों की प्रासंगिकता' विषय पर विचार अभिव्यक्ति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार रखे।
सटीक तर्क, बेहतरीन भाषण शैली और विषय की स्पष्ट समझ के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया:
- प्रथम स्थान: साक्षी कुमारी
- द्वितीय स्थान: मासूम कुमारी
- तृतीय स्थान: संगम कुमारी
सभी विजेता छात्राओं को महाविद्यालय प्रशासन की ओर से सराहा गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
मंच संचालन और आयोजन समिति की भूमिका
कार्यक्रम का कुशल और प्रभावपूर्ण मंच संचालन शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने किया। उन्होंने संगोष्ठी के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा के पौराणिक संदर्भों (जैसे द्रोणाचार्य-अर्जुन और रामकृष्ण परमहंस-स्वामी विवेकानंद) का उल्लेख कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
इस एक दिवसीय शैक्षणिक आयोजन को सुचारू और सफल बनाने में महाविद्यालय परिवार के शिक्षक अजीत हांसदा, रवि कुमार महतो, संजीत कुमार यादव, संगम कुमारी तथा पार्वती कुमारी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।
और पढ़ें: जी एम इंटर कॉलेज इचाक में नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ

No comments
Post a Comment