विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग में रामनवमी अवकाश में संशोधन और नए कुलपति प्रभार की विस्तृत रिपोर्ट
HAZARIBAGH: झारखंड के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में शुमार विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग ने आगामी रामनवमी के त्यौहार को देखते हुए अपनी वार्षिक अवकाश तालिका में महत्वपूर्ण आंशिक संशोधन किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय राज्य सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा प्राप्त निर्देशों के आलोक में लिया गया है। इस बदलाव का सीधा प्रभाव विश्वविद्यालय मुख्यालय सहित राज्य के विभिन्न जिलों में फैले इसके तमाम अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों पर पड़ेगा। विद्यार्थियों और शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए यह जानना आवश्यक है कि पूर्व में निर्धारित तिथियों में अब बदलाव कर दिया गया है, ताकि त्यौहार की गरिमा और स्थानीय परंपराओं का उचित निर्वहन सुनिश्चित किया जा सके।
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| विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग का प्रशासनिक भवन जहाँ रामनवमी अवकाश के संबंध में नई अधिसूचना जारी की गई है। |
विश्वविद्यालय के कुलसचिव कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, झारखंड सरकार के अवर सचिव द्वारा प्रेषित पत्रांक 1857, दिनांक 25 मार्च 2026 के संदर्भ में यह कार्रवाई की गई है। पूर्व में जारी की गई अवकाश तालिका में रामनवमी के लिए 26 मार्च को छुट्टी निर्धारित की गई थी, लेकिन अब संशोधित आदेश के तहत 26 मार्च के स्थान पर 27 मार्च को पूरे विश्वविद्यालय परिक्षेत्र में अवकाश रहेगा। इसका अर्थ यह है कि विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले सभी कॉलेज अब 27 मार्च को बंद रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह फेरबदल केवल रामनवमी के विशेष अवकाश के लिए है और अन्य दिनों की कार्यप्रणाली पहले की तरह ही संचालित की जाएगी।
कुलसचिव डॉ. प्रणिता ने इस विषय पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि केवल सामान्य अवकाश ही नहीं, बल्कि प्रतिबंधित अवकाशों की सूची में भी कुछ सुधार किए गए हैं। 19 मार्च 2026 को जो अधिसूचना जारी हुई थी, उसमें अब आंशिक बदलाव कर दिया गया है। हजारीबाग जिले में स्थित विश्वविद्यालय के मुख्यालय और इसकी अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों के लिए पहले 25, 26 और 28 मार्च को प्रतिबंधित अवकाश घोषित था। नई अधिसूचना के प्रभावी होने के बाद, अब यह प्रतिबंधित अवकाश 25, 27 और 28 मार्च को मान्य होगा। इस स्पष्टीकरण से कर्मचारियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि इन विशेष तिथियों के अलावा बाकी सभी कार्य दिवस और छुट्टियां अपनी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार ही रहेंगी।
इसी बीच, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ढांचे में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संकाय की वर्तमान अध्यक्षा और गृह विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. रेणु बोस को विश्वविद्यालय के कुलपति का प्रभार सौंपा गया है। वर्तमान कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा के अवकाश पर जाने के कारण यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी डॉ. रेणु बोस को दी गई है। डॉ. बोस ने पदभार ग्रहण करने की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें 6 अप्रैल 2026 तक के लिए यह प्रभार दिया गया है। यह नियुक्ति स्वयं कुलपति द्वारा उनके अवकाश पर प्रस्थान करने से पूर्व की गई है, ताकि विश्वविद्यालय के दैनिक प्रशासनिक कार्यों और शैक्षणिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न हो।
डॉ. रेणु बोस की पहचान विश्वविद्यालय परिसर में एक बेहद अनुशासित और नियमों के प्रति सजग अधिकारी के रूप में रही है। उनके कार्यकाल के दौरान गृह विज्ञान विभाग ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं और अब कुलपति के रूप में उनके अनुभव का लाभ पूरे विश्वविद्यालय को मिलने की उम्मीद है। वह अपनी कार्यशैली में परिनियमें और संवैधानिक प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करने के लिए जानी जाती हैं, जो विश्वविद्यालय जैसे बड़े संस्थान के सुचारू संचालन के लिए अनिवार्य है। उनके इस नए दायित्व को लेकर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ में सकारात्मक माहौल देखा जा रहा है।
यहाँ यह उल्लेख करना आवश्यक है कि डॉ. रेणु बोस के नाम की वर्तनी को लेकर पूर्व में कुछ तकनीकी त्रुटियाँ हुई थीं, जिसे अब सुधार लिया गया है। वरिय ब्यूरो चीफ प्रसन्न मिश्रा के सहयोग से प्राप्त जानकारी के आधार पर नाम की शुद्धता सुनिश्चित की गई है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सभी आगामी दस्तावेजों में अब 'रेणु बोस' नाम का ही प्रयोग किया जाएगा। इस तरह के प्रशासनिक बदलाव और अवकाश संशोधनों की जानकारी समय पर उपलब्ध कराना छात्रों के हित में अत्यंत आवश्यक होता है, विशेषकर तब जब विश्वविद्यालय परीक्षाओं या नामांकन की प्रक्रिया के बीच से गुजर रहा हो।
रामनवमी का पर्व हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों में बहुत ही हर्षोल्लास और व्यापक स्तर पर मनाया जाता है। ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा अवकाश की तिथि में किया गया यह बदलाव स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए व्यवहारिक प्रतीत होता है। छात्र-छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित विभागों और महाविद्यालयों के सूचना पट्ट का अवलोकन करते रहें ताकि किसी भी प्रकार की दुविधा न रहे। डॉ. रेणु बोस के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन वर्तमान में सत्र को नियमित करने और लंबित परिणामों को शीघ्र घोषित करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।
विनोबा भावे विश्वविद्यालय के इस निर्णय से न केवल कर्मचारियों को त्यौहार मनाने की सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी पारदर्शिता बनी रहेगी। कुलपति के प्रभार में आए इस बदलाव से यह भी सुनिश्चित हुआ है कि शीर्ष पद रिक्त न रहे और फाइलों का निष्पादन समय पर होता रहे। आगामी 6 अप्रैल तक डॉ. बोस विश्वविद्यालय के सभी महत्वपूर्ण निर्णयों की निगरानी करेंगी।
Naresh Soni Editor in Chief.

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