Hazaribagh NEET Success Story: हजारीबाग के संजीत कुमार ने NEET में गाड़े सफलता के झंडे; VBU कुलपति कक्ष में मां शीला देवी और संजीत को किया गया सम्मानित
हजारीबाग (News Prahari Desk): हजारीबाग जिले के नगवां गांव निवासी संजीत कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 'राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा' (NEET) में शानदार सफलता हासिल की है। संजीत कुमार विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU) के जियोलॉजी (भूविज्ञान) विभाग में दैनिक भत्ता भोगी (Daily Wager) के रूप में कार्यरत शीला देवी के पुत्र हैं।
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| VBU Vice Chancellor Prof Chandra Bhushan Sharma and Bateshwar Prasad Mehta felicitating NEET achiever Sanjeet Kumar and his mother Sheela Devi |
साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि और सीमित संसाधनों के बावजूद संजीत की इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरा परिवार, नगवां गांव और हजारीबाग क्षेत्र गौरवान्वित है। इस उपलक्ष्य में विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलपति कक्ष में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कुलपति कक्ष में मिला अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मान
विश्वविद्यालय के कुलपति कक्ष में 'स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच' की ओर से संजीत कुमार और उनकी मां शीला देवी का भव्य अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष सह समाजसेवी बटेश्वर प्रसाद मेहता, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा और जियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एच.एन. सिन्हा ने संयुक्त रूप से संजीत कुमार को अंगवस्त्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।
उपस्थित सभी अतिथियों, प्राध्यापकों और समाजशास्त्रियों ने संजीत कुमार को उनकी इस गौरवमयी उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य तथा एक सफल डॉक्टर बनने की कामना की।
"प्रतिभा किसी भौतिक सुविधा की मोहताज नहीं होती": बटेश्वर प्रसाद मेहता
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा:
"संजीत कुमार की यह सफलता हजारीबाग के हजारों युवाओं के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। सीमित साधनों के बीच एक दैनिक वेतनभोगी की मां के संघर्ष को संजीत ने अपनी पढ़ाई से सार्थक किया है। इससे यह साबित होता है कि प्रतिभा किसी बड़े साधन या सुविधा की मोहताज नहीं होती। यदि विद्यार्थी एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर पूरी ईमानदारी, अनुशासन और कड़ी मेहनत के साथ प्रयास करें तो हर कठिन मंजिल को पाया जा सकता है।"
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे होनहार विद्यार्थियों का सम्मान करने से ग्रामीण क्षेत्रों के अन्य छात्र-छात्राओं में भी उच्च शिक्षा हासिल करने और बड़े लक्ष्य तय करने का आत्मविश्वास बढ़ता है।
"अनुशासन और मेहनत से खुलते हैं सफलता के रास्ते": VC प्रो. चंद्र भूषण शर्मा
विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने संजीत की माता शीला देवी को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि माता-पिता के त्याग और बच्चों के अनुशासन से ही ऐसी बड़ी सफलताएँ संभव होती हैं।
कुलपति ने कहा कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय परिवार के एक सदस्य के घर से इस तरह की राष्ट्रीय सफलता निकलना पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संजीत आगे चलकर डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी कर देश और समाज के गरीब व जरूरतमंद लोगों की निस्वार्थ सेवा करेंगे।
जियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एच.एन. सिन्हा ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संजीत ने विषम परिस्थितियों को अपनी ताकत बनाया है और उनकी यह उपलब्धि विभाग के अन्य कर्मचारियों तथा छात्रों को प्रेरित करती रहेगी।
समारोह में दर्जनों गणमान्य लोग रहे मौजूद
सम्मान समारोह के दौरान शिक्षाविद, समाजसेवी और विश्वविद्यालय के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से लोकनाथ प्रसाद मेहता, प्रदीप मेहता, ललन सिंह, समाजसेवी द्रोपदी देवी, निरंजन कुमार मेहता तथा इंदर ठाकुर शामिल थे। सभी उपस्थित लोगों ने संजीत कुमार की माता शीला देवी के निरंतर संघर्ष की सराहना की और संजीत को भावी चिकित्सीय करियर के लिए शुभकामनाएँ दीं।
Vinoba Bhave University (VBU) Press Release & Freedom Fighter Thought Forum Event Input
