-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C

Hazaribagh News: सैकड़ों लड़कियों को नरक से निकालने वाली दैनिक भास्कर की रिपोर्टर महिमा सिंह को न्यूज़ प्रहरी का कड़क सलाम, गूंजा 'ऑपरेशन रेड लाइट'!

हजारीबाग: मानव तस्करी का पर्दाफाश करने वाली जांबाज खोजी पत्रकार महिमा सिंह हजारीबाग परिसदन में सम्मानित, गूंजी 'ऑपरेशन रेड लाइट' की दास्तां।
0

​🏛️ हजारीबाग: 'ऑपरेशन रेड लाइट' से मानव तस्करी का रीढ़ तोड़ने वाली खोजी पत्रकार महिमा सिंह सम्मानित; बटेश्वर मेहता और रंजन चौधरी ने जांबाजी को किया सलाम

हजारीबाग: लोकसभा क्षेत्र की रत्नगर्भा माटी से निकले हुनर ने एक बार फिर देश-दुनिया में अपनी निर्भीक और कड़क पत्रकारिता का लोहा मनवाया है। रामगढ़ जिले के दुलमी प्रखंड स्थित ग्राम कोरचे की बेटी और दैनिक भास्कर की सीनियर इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टर महिमा सिंह ने डिजिटल पत्रकारिता के इस दौर में तमाम विधिक व सामाजिक झंझावातों को पार करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। चालू वर्ष 2026 में बिहार के भीतर फैले मानव तस्करी और आर्केस्ट्रा गिरोह के खौफनाक रैकेट का पर्दाफाश करने वाले उनके अंडरकवर स्टिंग 'ऑपरेशन रेड लाइट' की गूंज आज पूरे देश के शासन और प्रशासन में है। इस ऐतिहासिक कामयाबी और समाज के प्रति उनके अदम्य साहस को सलाम करने के लिए हजारीबाग परिसदन सभागार में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता की अध्यक्षता में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन कर जांबाज रिपोर्टर को सम्मानित किया गया।

investigative reporter mahima singh sting operation red light human trafficking dainik bhaskar hazaribagh bateshwar prasad mehta ranjan choudhary bjp news prahari crime updates

🏬 जान जोखिम में डालकर नरक से निकाली गईं मासूम लड़कियां; शासन-प्रशासन को हिलाने वाली पत्रकारिता पर समाज को नाज

​समारोह को संबोधित करते हुए झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के केंद्रीय अध्यक्ष और क्षेत्र के अभिभावक स्वरूप बटेश्वर प्रसाद मेहता ने बेहद कड़े और भावुक शब्दों में कहा कि महिमा सिंह ने एक छोटे से गांव से निकलकर रांची से लेकर पटना तक अपनी निर्भीक पत्रकारिता का जो परचम लहराया है, उसने व्यवस्था की नींद उड़ा दी है। 'ऑपरेशन रेड लाइट' के जरिए अपनी जान को सीधे जोखिम में डालकर आर्केस्ट्रा की आड़ में चल रहे मानव तस्करी के जिस घिनौने सिंडिकेट को ध्वस्त किया गया, वह अद्भुत है। इस खोजी रिपोर्ट के विधिक और धरातलीय असर के कारण आज सैकड़ों मासूम लड़कियों को दलदल और नरक से सुरक्षित निकाला जा चुका है। शासन-प्रशासन मजबूर होकर अपराधियों पर कार्रवाई कर रहा है, जो यह साबित करता है कि पत्रकारिता में आज भी व्यवस्था को बदलने की कितनी बड़ी ताकत है।

​🛑 खौफनाक मंजर की दास्तां सुन स्तब्ध रह गया परिसदन; नवोदित पत्रकारों के लिए रोल मॉडल बनीं महिमा सिंह

​इस सम्मान समारोह के साक्षी बने हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने महिमा सिंह की दिलेरी की सराहना करते हुए कहा कि परिसदन सभागार में जब महिमा सिंह के मुख से स्टिंग ऑपरेशन के दौरान के उस खौफनाक और दर्दनाक मंजर की दास्तां सुनी गई, तो पूरा हॉल स्तब्ध रह गया। एक साधारण पृष्ठभूमि से आकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के तस्करों से सीधे टकराना और निष्पक्ष पत्रकारिता करना कोई मामूली बात नहीं है। महिमा सिंह ने डिजिटल पत्रकारिता के इस युग में एक नई क्रांति का आगाज किया है और वे आज के नवोदित युवा पत्रकारों के लिए एक प्रेरणापुंज और मजबूत रोल मॉडल बन चुकी हैं। पूरे हजारीबाग संसदीय क्षेत्र को अपनी इस जांबाज बेटी के हौसले पर गर्व है।

​👥 पिता का प्रखर विरोध सहकर भी नहीं डिगा इरादा; सम्मान समारोह में पत्रकारिता और समाज के दिग्गजों की रही उपस्थिति

​समारोह के दौरान महिमा सिंह के पिता शैलेंद्र कुमार सिंह ने अपनी बेटी के संघर्ष के दिनों की कड़वी और ईमानदार हकीकत बयां करते हुए कहा कि पत्रकारिता के इस खतरनाक मुकाम तक पहुँचने के लिए महिमा को खुद उनके अपने प्रखर विरोध का सामना करना पड़ा था। एक पिता के रूप में उन्हें हमेशा बेटी की सुरक्षा की चिंता थी, लेकिन आज जब वे देखते हैं कि बेटी की खोजी पत्रकारिता से समाज में इतना बड़ा बदलाव आ रहा है और बेगुनाह बच्चियों की जिंदगी बच रही है, तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। इस गरिमापूर्ण सम्मान समारोह में महिमा सिंह के साथ उनकी छोटी बहन श्रेयसी सिंह को भी सम्मानित किया गया। मौके पर मुख्य रूप से हजारीबाग प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष सागर कुमार, रवि सिंह, रूपेश दास, रोहित कुमार सहित पत्रकारिता जगत और समाज के कई गणमान्य लोग मुस्तैद रहे, जिन्होंने तस्करों के खिलाफ इस विधिक जंग को निरंतर जारी रखने का हौसला बढ़ाया।

और पढ़ें: ऐतिहासिक बरही चौक को 'धरती आबा' के नाम से मिले पहचान; पीएम मोदी के दरबार पहुंची गुहार, बटेश्वर प्रसाद मेहता ने लिखा पत्र


No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972