🏛️ हजारीबाग: समाज के अंतिम पायदान तक न्याय पहुंचाने की जंग; चौपारण के मायापुर में DLSA का 90 दिवसीय विशेष विधिक आउटरीच कार्यक्रम, 18 जुलाई को लगेगी विशेष लोक अदालत
हजारीबाग: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) हजारीबाग के तत्वावधान में सोमवार को चौपारण प्रखंड की पाण्डेयबारा पंचायत के मायापुर गांव में 90 दिवसीय विशेष जागरूकता आउटरीच कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण विधिक शिविर का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष धुर्व चंद्र मिश्रा के कड़े निर्देश तथा सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी के सीधे मार्गदर्शन व निगरानी में इस अभियान को धरातल पर उतारा जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित विधिक विशेषज्ञों और वक्ताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लाचार और शोषित व्यक्ति तक न्याय और कानूनी सहायता की पहुंच को हर हाल में सुनिश्चित करना है। व्यवस्था की इस मजबूत पहल का मकसद यह है कि क्षेत्र का कोई भी नागरिक अपनी आर्थिक तंगी या सामाजिक पिछड़ेपन के कारण विधिक न्याय से वंचित न रहने पाए।
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🏬 संवैधानिक अधिकारों और मुफ्त विधिक सहायता पर कड़ा विमर्श; नशे के खिलाफ और सुलभ न्याय पर दी गई विस्तृत जानकारी
इस विशेष शिविर के दौरान ग्रामीण इलाकों में फैले अज्ञानता के अंधेरे को दूर करने के लिए ग्रामीणों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी कर्तव्यों तथा न्याय प्राप्ति के विभिन्न विधिक माध्यमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को खोखला कर रहे नशाखोरी के तंत्र और उसके घातक सामाजिक व विधिक दुष्प्रभावों पर कड़ा प्रहार किया गया। उपस्थित जनसमुदाय को स्पष्ट रूप से सचेत किया गया कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएं, मासूम बच्चे, अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के सदस्य तथा कानूनन अन्य सभी पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से बिना एक भी पैसा खर्च किए पूरी तरह से निःशुल्क विधिक सहायता और वकील की सेवा प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को आगामी 18 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत (चेक अनादरण मामलों हेतु) के बारे में भी पूरी विधिक प्रक्रिया समझाई गई ताकि लोग अपने मामलों का त्वरित निपटारा कर सकें।
🛑 सरकारी योजनाओं और नागरिक अधिकारों पर मुखिया व महिलाओं ने दागे सवाल; अधिकार मित्रों ने दिया संतोषजनक जवाब
इस सघन विधिक अभियान के दौरान न केवल किताबी कानून, बल्कि विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं, आवश्यक कानूनी सेवाओं तथा आम नागरिकों के बुनियादी अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण और गुप्त जानकारियां भी साझा की गईं। जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य पड़ाव पर पाण्डेयबारा पंचायत की मुखिया रेखा देवी, वार्ड सदस्यों और स्थानीय महिलाओं ने वर्तमान व्यवस्था और विधिक पेचीदगियों से जुड़े कई तीखे और व्यावहारिक प्रश्न पूछे, जिनका मौके पर मौजूद विधिक विशेषज्ञों द्वारा बेहद सरल, तार्किक और संतोषजनक उत्तर दिया गया। इस खुली चर्चा और विधिक संवाद की सराहना करते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा कि ऐसे जमीनी कार्यक्रमों से आम जनता के भीतर कानून का डर खत्म होता है, अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ती है और शोषकों के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत मिलती है।
👥 विधिक सेना और भारी संख्या में ग्रामीणों की रही मुस्तैद उपस्थिति; अधिकारों की रक्षा का लिया संकल्प
इस गरिमापूर्ण और बड़े विधिक जागरूकता कार्यक्रम के सफल संचालन और धरातलीय क्रियान्वयन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों ने मुख्य भूमिका निभाई। मौके पर विधिक सेना के रूप में अधिकार मित्र हरेंद्र राणा, नंदा कुमारी, अस्मिता कुमारी एवं रेखा कुमारी पूरी मुस्तैदी के साथ उपस्थित रहे, जिन्होंने ग्रामीणों को विधिक सहायता फॉर्म भरने और अपनी समस्याओं को सीधे कोर्ट तक पहुंचाने की प्रक्रिया बताई। इस अवसर पर पाण्डेयबारा और मायापुर क्षेत्र के बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और जागरूक समाजसेवियों ने हिस्सा लिया और अपने अधिकारों की रक्षा करने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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