🏛️ रांची: हेमंत कैबिनेट के बड़े फैसले; रिम्स-2 की स्थापना और सड़कों के कायाकल्प के लिए अरबों की प्रशासनिक स्वीकृति, कई नई नियमावलियों को मिली हरी झंडी
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट की इस बैठक में राज्य के ढांचागत विकास को नई गति देने के लिए अरबों रुपए की योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए जहां राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान द्वितीय (रिम्स 2) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया है, वहीं राज्य के विभिन्न जिलों में सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और पुलों के निर्माण के लिए भारी-भरकम राशि मंजूर की है। इसके अतिरिक्त, युवाओं और सरकारी सेवकों के हित में कई नई सेवा नियमावलियों के गठन तथा संशोधनों पर भी सहमति की मुहर लगाई गई है, जो राज्य के प्रशासनिक ढांचे को अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाएगी।
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| हेमंत कैबिनेट के बड़े फैसले |
🏬 स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर बरसी सरकारी कृपा; रिम्स-2 और प्रमुख पथों के लिए भारी आवंटन
आधिकारिक कैबिनेट बुलेटिन के अनुसार, चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान द्वितीय (RIMS 2) की स्थापना हेतु 41,89,41,26,604 रुपए की विशाल प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस योजना के कार्यान्वयन के लिए जागृति पीएमयू (JAGRITI PMU) का गठन किया जाएगा, जिसमें वित्त नियमावली के नियमों को शिथिल करते हुए आईआईएम रांची को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एक्सआईएसएस रांची को इम्पैक्ट असेसमेंट का कार्य आवंटित किया गया है। राजधानी रांची के पथ प्रमंडल के तहत बिरसा चौक-धुर्वा गोलचक्कर-प्रोजेक्ट बिल्डिंग-चाँदनी चौक पथ के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण, साइकिल ट्रैक निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए 36,30,33,200 रुपए मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा, पाकुड़ जिला अंतर्गत तलवा से खारू टोला पथ के ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरण और पुनर्निर्माण कार्य के लिए 128,20,34,500 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वहीं, साहेबगंज और दुमका जिलों में सड़कों के विकास के लिए क्रमशः 88,84,62,500 रुपए और 221,40,21,000 रुपए की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जबकि चतरा के सिमरिया-टण्डवा पथ में राइडिंग क्वालिटी सुधार के लिए 33,76,45,200 रुपए की मंजूरी मिली है।
🛑 प्रशासनिक सुधारों और नियमावलियों को मिली मंजूरी; नई यूनिवर्सिटी और श्रावणी मेले पर भी फैसला
कैबिनेट ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए कई अहम सेवा नियमावलियों को हरी झंडी दिखाई है. इसके तहत 'झारखंड राज्य निम्नवर्गीय लिपिक-सह-कंप्यूटर संचालक सेवा संवर्ग नियमावली-2026', 'झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग नियमावली-2026' और 'झारखंड योजना सेवा नियमावली-2026' के गठन को स्वीकृति दी गई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब झारखंड सरकार के अधीन नवनियुक्त सरकारी सेवकों द्वारा नियुक्ति-पत्र प्राप्ति एवं पदभार ग्रहण के समय 'निष्ठा एवं गोपनीयता की शपथ अथवा प्रतिज्ञान' को पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में बोकारो के चन्दनकियारी में पैंसिया ऋषिकेश विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु आशय पत्र (LoI) प्रदान करने की स्वीकृति मिली है, जबकि विदेशी आयुर्विज्ञान स्नातकों को राज्य चिकित्सा परिषद में निबंधन के क्रम में वृत्तिका (स्टाइपेंड) देने पर सहमति बनी है। इसके अतिरिक्त, राजकीय श्रावणी मेला-2026 के सफल संचालन हेतु 28 अस्थायी मेला ओपी और 19 अस्थायी यातायात ओपी के गठन की मंजूरी दी गई है। साथ ही, बाणसागर परियोजना समझौता 1973 के तहत सोन नदी बेसिन अंतर्गत पूर्ववर्ती बिहार राज्य को आवंटित जल का बिहार और झारखंड के बीच हुए बंटवारे पर आपसी सहमति के साथ एकरारनामा प्रारूप को भी कैबिनेट ने अपनी हरी झंडी दे दी है।

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