-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter

आम बजट को अंबा प्रसाद ने बताया 'कॉरिडोर बजट', कहा- वित्त मंत्री की साड़ी के रंग से तय हो रही राज्यों की किस्मत

0

आम बजट को अंबा प्रसाद ने बताया 'कॉरिडोर बजट', कहा- वित्त मंत्री की साड़ी के रंग से तय हो रही राज्यों की किस्मत

रांची/हजारीबाग। कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने केंद्रीय बजट पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए इसे 'कॉरिडोर बजट' करार दिया है। उन्होंने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि वित्त मंत्री का यह वित्तीय दस्तावेज केवल कॉरिडोर्स की घोषणाओं तक सीमित है, जबकि इसमें देश के ज्वलंत मुद्दों जैसे बेरोजगारी और औद्योगिकीकरण के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। अंबा प्रसाद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तंज कसते हुए कहा कि बजट आवंटन का पैमाना अब आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि वित्त मंत्री की 'साड़ी' बन गई है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वित्त मंत्री जिस राज्य की वेशभूषा या साड़ी धारण कर सदन में आती हैं, बजट की झोली उसी प्रांत के लिए खुलती है, जबकि अन्य राज्यों के हिस्से केवल निराशा आती है।

​अंबा प्रसाद ने पूर्वी भारत की उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्यों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी सरकार को घेरा और कहा कि तीन नए एम्स खोलने का प्रस्ताव महज कागजी है, क्योंकि दिल्ली को छोड़कर देश के बाकी एम्स की स्थिति आज किसी साधारण जिला अस्पताल से बेहतर नहीं है। आर्थिक मोर्चे पर सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरकर 91 रुपये हो गई है, जो अर्थव्यवस्था की नाजुक स्थिति को बयां करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास बैंकिंग और औद्योगिक क्षेत्र में जान फूंकने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए कोई नीति नहीं है।

​पूर्व विधायक ने केंद्र सरकार पर संघीय ढांचे की धज्जियां उड़ाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बजट में झारखंड के जीएसटी रिफंड के तौर पर बकाये 1.5 लाख करोड़ रुपये की वापसी का कोई जिक्र न होना राज्य के साथ घोर अन्याय है। अंबा प्रसाद ने कहा कि कैग की वार्षिक रिपोर्ट और बजट के आंकड़ों में भारी विरोधाभास है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आम आदमी को महंगाई से राहत देने के बजाय टैक्स चोरों के लिए सजा को जुर्माने में बदलकर उन्हें अभयदान दिया है। उनके अनुसार, यह बजट केवल भाजपा शासित राज्यों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

No comments

Post a Comment

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972