🏛️ हजारीबाग: लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है 1975 का आपातकाल: सांसद मनीष जायसवाल; भाजपा ने लोकतंत्र सेनानियों को किया सम्मानित
हजारीबाग: कांग्रेस सरकार द्वारा वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की विभीषिका और तानाशाही शासन को याद करते हुए शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हजारीबाग जिला इकाई द्वारा बड़ा बाजार स्थित जैन धर्मशाला सभागार में एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान आपातकाल के क्रूर दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले और जेल जाने वाले करीब एक दर्जन लोकतंत्र सेनानियों को शॉल ओढ़ाकर व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
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| MP Manish Jaiswal, MLA Pradip Prasad, and BJP District President Vivekanand Singh honoring democracy fighters during a seminar on the 1975 Emergency at Jain Dharmshala. |
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री जय नारायण प्रसाद व सर्वेश सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुदेश चंद्रवंशी द्वारा किया गया।
👥 मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सांसद मनीष जायसवाल, कई दिग्गज रहे मौजूद
इस गरिमामयी संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल शामिल हुए। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे, भाजपा जिला संगठन प्रभारी सह पूर्व विधायक किशुन कुमार दास और प्रदेश मंत्री डॉ. अमरदीप यादव मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह द्वारा अतिथियों एवं 1974 के आंदोलन में भाग लेने वाले आंदोलनकारियों का स्वागत कर की गई।
🎖️ इन लोकतंत्र सेनानियों का हुआ भव्य सम्मान
देश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं सहने वाले जिन प्रमुख आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
हरीश श्रीवास्तव
अशोक यादव
प्रोफेसर सुरेंद्र सिंहा
अरविंद सहाय
गायत्री राणा
मनजीत कलरा
श्याम किशोर सिंह
विनोध कुमार बिगन
शंभू अग्रवाल
शांति अग्रवाल
सुमन कुमार सिंहा
केपी ओझा
💬 अहंकार और सत्ता बचाने के लिए देश को बेड़ियों में जकड़ा गया: सांसद
संगोष्ठी में उपस्थित भारी जनसमुदाय को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह सबसे कलंकित और काला अध्याय है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सिर्फ अपनी सत्ता और कुर्सी को खतरे में देख, अपने राजनीतिक अहंकार के चलते पूरे देश को आपातकाल की बेड़ियों में जकड़ दिया था। इस 21 महीने के तानाशाही शासन में देशवासियों से उनकी बुनियादी स्वतंत्रता छीन ली गई थी।
जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस दौरान हजारों लोकतंत्र सेनानियों को न सिर्फ जेलों में डाला गया, बल्कि उन्हें अमानवीय यातनाएं भी दी गईं। सच को दबाने के लिए प्रेस की आजादी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था। आखिरकार देशवासियों के कड़े संघर्ष के बाद 21 मार्च 1977 को यह काला दौर समाप्त हुआ।
पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के इस लोकतंत्र विरोधी चेहरे और काले इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आने वाली पीढ़ियां जागरूक रहें। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेसियों द्वारा क्रूरता पूर्वक जिस तरह से जन भावना को कुचला गया, उसकी जानकारी आज के एक-एक बच्चे तक पहुंचाना जरूरी है।
👥 कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों की रही भारी भीड़
इस अवसर पर मुख्य रूप से अनिल मिश्रा, जिला पदाधिकारी उपेंद्र सिंह, रेणुका साहू, मंजू नंदिनी, अजीत बक्शी, मोर्चा जिला अध्यक्ष राजकरण पांडे, सैयद तनवीर अहमद, अजीत चंद्रवंशी, इंद्र नारायण कुशवाहा शामिल हुए। इसके साथ ही मंडल अध्यक्ष कुलदीप कृष्णा, प्रकाश कुशवाहा, अजीत कुशवाहा, शिवपाल यादव, विमल गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश सिंह राठौड़, भुनेश्वर पटेल, अरुण वर्मा, विनय श्रीवास्तव, भोला प्रसाद, अविनाश कसेरा, दुर्गाराम चंद्रवंशी, दीपक मेहता, चंदन सिंह, रामाशंकर प्रसाद, राकेश चंद्रवंशी, टोनी जैन, अजय साहू, शैलेश चंद्रवंशी, तरुण कसेरा, राजेश वर्मा, विनोद ओझा, अरविंद सिकरवार, मिठू मेहता, मनोरमा राणा, हेमंती देवी, इंदु देवी, पूनम कसेरा, डॉक्टर शशी लता, नारायण शाह, नितेश भैया, ऋषि शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। उक्त जानकारी भाजपा जिला महामंत्री सह जिला मीडिया प्रभारी जय नारायण प्रसाद द्वारा दी गई।
















