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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh Hospital: सदर अस्पताल में महीनों से एंटी रेबीज सीरम गायब, सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री और DC से शिकायत!

हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में महीनों से एंटी रेबीज सीरम गायब। सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर डीसी और स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत।
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🏥 हजारीबाग: मेडिकल कॉलेज अस्पताल में महीनों से एंटी-रेबीज सीरम गायब; सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर DC और स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत

हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारीबाग में पिछले कई महीनों से एंटी-रेबीज सीरम (रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन) उपलब्ध नहीं है। इसके कारण अस्पताल पहुंचने वाले जरूरतमंद और गरीब मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद गंभीर स्थिति में दिए जाने वाले इस जीवन रक्षक सीरम को मरीजों को मजबूरी में बाहर की दुकानों से महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

Sansad Media Pratinidhi Ranjan Choudhry,

📱 सांसद मीडिया प्रतिनिधि ने डीसी और स्वास्थ्य मंत्री को ट्वीट कर की शिकायत

इस गंभीर समस्या को देखते हुए हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के दिशा-निर्देश पर सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने जिले के उपायुक्त (DC) हेमंत सती और सूबे के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्वीट) के जरिए मामले की आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने ट्वीट कर इस समस्या पर तत्काल संज्ञान लेने और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एंटी सीरम की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है।

📉 अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने बताया कि हजारीबाग और आसपास के इलाकों से हर दिन ऐसे जरूरतमंद एनिमल बाइट (जानवरों के काटने) के मरीज अस्पताल पहुंचते हैं, जिनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक उन्हें एंटी सीरम प्रिस्क्राइब करते हैं। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यह सीरम उपलब्ध नहीं होना बेहद निराशाजनक है।

उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रबंधन को जनहित के ऐसे गंभीर मुद्दों से कोई सरोकार नहीं रह गया है। यही वजह है कि पिछले कई महीनों से अत्यंत महत्वपूर्ण दवा की अनुपलब्धता होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा इसे मंगाने को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। रंजन चौधरी ने मांग की कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग इस मामले में त्वरित कार्रवाई करे ताकि गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज का लाभ मिल सके।

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