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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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PM Modi Statement on Paper Leak: Strict Law and Fast Track Courts Proposed

 

पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री का बड़ा बयान: दोषियों के खिलाफ बनेगा सख्त कानून, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा

नई दिल्ली: देश भर में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है, बल्कि यह लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए अत्यंत पीड़ादायक है।

Paper Leak Row: पीएम नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान, दोषियों के खिलाफ बनेगा सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट!

​प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शने के मूड में नहीं है और इसके लिए जल्द ही संसद में एक कठोर कानून लाया जाएगा।

​पिछले ढाई महीनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई, कई आरोपी जेल में

​प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई महीनों के दौरान पेपर लीक के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए गए हैं। जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो फिलहाल जेल में हैं।

​उन्होंने बताया कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि विद्यार्थियों का एक पूरा साल बर्बाद न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए कम से कम समय में लगभग 22 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षाएं दोबारा आयोजित कराई गईं और 19 तारीख को उनके परिणाम भी घोषित कर दिए गए।

​फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े प्रावधानों वाला बिल तैयार

​संबोधन में आगे कहा गया कि सरकार केवल परीक्षाओं के आयोजन तक सीमित नहीं रहने वाली है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन और कठोर सजा के प्रावधानों वाला एक विशेष मसौदा (ड्राफ्ट बिल) तैयार कर लिया गया है।

​इस मसौदे पर कैबिनेट की बैठक में विस्तृत चर्चा कर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद संसद के आगामी सत्र में ही इस विधेयक को जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।

और पढ़ें: PM Narendra Modi Announces Fast Track Courts for Paper Leak Cases

NDTA Issues Advisory: Connaught Place Shops Offices to Close Early

 

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के बीच कनॉट प्लेस शाम 6:30 बजे बंद करने का निर्देश: NDTA ने जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जारी छात्र आंदोलनों और उत्पन्न गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने एक अति-महत्वपूर्ण एडवाइजरी सर्कुलर जारी किया है। एनडीएमसी (NDMC) के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन द्वारा फोन पर दी गई सलाह के आलोक में कनॉट प्लेस (CP) के सभी व्यापारिक संस्थानों, दुकानों, दफ्तरों और रेस्तरां को 23 जुलाई 2026 की शाम 6:30 बजे तक पूर्णतः बंद करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

यह लेटर काकरोच जनता पार्टी के X हेंडल से लिया गया है। 

​NDMC के निर्देशों के बाद लिया गया फैसला

​एडवाइजरी सर्कुलर में NDTA के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने बताया कि कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में बनी नाजुक स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

​एसोसिएशन ने कनॉट प्लेस क्षेत्र के सभी दुकान मालिकों, कार्यालयों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे किसी भी अप्रिय घटना, संपत्ति के नुकसान अथवा व्यक्तिगत क्षति से बचने के लिए इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और सहयोग प्रदान करें।

और पढ़ें: PM Narendra Modi Announces Fast Track Courts for Paper Leak Cases

Salman Khan X Post on Student Protest: Paper Leak Issue Education System

 

छात्र आंदोलन पर अभिनेता सलमान खान का बड़ा बयान: बोले—'पेपर लीक गंभीर मुद्दा, राजनीति से परे रहकर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करे सरकार'

नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर के छात्रों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल से एक विस्तृत और भावुक संदेश साझा किया है।

Student Protest: Salman Khan का X पोस्ट पर बड़ा बयान—'छात्रों के आंदोलन पर न हो राजनीति! ( यह फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से लिया गया है).'

​सलमान खान ने छात्रों के साहस, अनुशासन और समर्पण की जमकर तारीफ की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा सीधे तौर पर छात्रों और देश की शिक्षा व्यवस्था के बीच का है, इसलिए इसका राजनीतिकरण (Hijack) नहीं किया जाना चाहिए।

​हिंसक मोड़ पर जताया दुख; छात्रों के साहस की सराहना

​अपनी पोस्ट में सलमान खान ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा:

  • हिंसा पर संवेदना: उन्होंने लिखा कि इतने शांतिपूर्ण और पवित्र आंदोलन का हिंसक रूप लेना अत्यंत दुखद है। आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति उन्होंने गहरी संवेदना व्यक्त की।
  • अभिभावकों का समर्थन: उन्होंने कहा कि पेपर लीक एक अत्यंत गंभीर विषय है। देश के बच्चों को एक बेहतर शिक्षा प्रणाली के लिए एकजुट होते देखना और इसमें उनके माता-पिता का समर्थन मिलना बेहद सराहनीय है।
  • प्रेरणादायक कदम: सलमान खान ने छात्रों के रुख, लगन और ईमानदारी की तारीफ करते हुए कहा कि अपनी पढ़ाई और देश के बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाना युवाओं की बहादुरी को दर्शाता है। यह पीढ़ी भारत का नाम रोशन करेगी।

​"मुद्दे का न हो राजनीतिकरण, श्रेय केवल छात्रों को मिले"

​आंदोलन के राजनीतिक इस्तेमाल पर चेतावनी देते हुए अभिनेता ने लिखा:

"यह मुद्दा पूरी तरह से हमारे छात्रों और देश की शिक्षा प्रणाली के बीच का है। इसे किसी भी राजनीतिक दल द्वारा 'हायजैक' नहीं किया जाना चाहिए। इसका पूरा श्रेय केवल और केवल देश के विद्यार्थियों को जाता है। मुझे पूरा भरोसा है कि सरकार भी छात्रों को अपना पूरा समर्थन देगी और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी व मजबूत बनाएगी। इससे दोनों पक्षों की जीत होगी (Win-Win Situation)।"


​भारत को वैश्विक 'एजुकेशन हब' बनाने की अपील

​शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए सलमान खान ने कहा कि देश में पढ़ाई और शिक्षा को सबसे बड़ा 'फैशन और ट्रेंड' बना देना चाहिए।

​उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की शिक्षा व्यवस्था वर्ष-दर-वर्ष इतनी आधुनिक और समृद्ध बने कि दुनिया भर से लोग पढ़ने के लिए भारत आएं और हमारा देश एक वैश्विक 'एजुकेशन हब' बनकर उभरे।

और पढ़ें: Sonam Wangchuk Letter to Union Ministers Nadda and Jitendra Singh: Fast Condition

Rajnath Singh Statement on Delhi Student Protest: Opposition using students as political tool

 

दिल्ली प्रदर्शन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: बोले—'राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों को बनाया जा रहा औजार, संसद छोड़ सड़क पर राजनीति कर रहा विपक्ष'

नई दिल्ली: दिल्ली में छात्रों और युवाओं के जारी विरोध-प्रदर्शनों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल के माध्यम से सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने निहित राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए देश के छात्रों और युवाओं को एक राजनीतिक औजार की तरह इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं।

Delhi Student Protest: Rajnath Singh का X पोस्ट पर बड़ा हमला—'छात्रों को औजार बना रहा विपक्ष!'

​राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार विद्यार्थियों और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

​"बनावटी आक्रोश (Manufactured Anger) फैला रहा विपक्ष"

​अपने सोशल मीडिया पोस्ट में रक्षा मंत्री ने छात्रों की चिंताओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दोहराते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे:

  • छात्रों के साथ नहीं होगा अन्याय: उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की हर चिंता को सुनने और उसका त्वरित समाधान करने के लिए जिम्मेदार है। किसी भी स्थिति में युवाओं के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
  • भ्रामक प्रयासों पर प्रहार: राजनाथ सिंह ने लिखा कि विपक्ष के कुछ नेताओं द्वारा खड़ा किया गया 'बनावटी आक्रोश' (Manufactured Sense of Anger) केवल जनता और युवाओं को भ्रमित करने का असफल प्रयास है। भारत के जागरूक और विवेकशील युवा इस राजनीति को भली-भांति समझते हैं और वे विकास तथा राष्ट्रनिर्माण का मार्ग ही चुनेंगे।

​"सड़क पर प्रदर्शन के बजाय संसद में करें सार्थक बहस"

​चल रहे संसद सत्र का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:

"युवाओं की भावनाओं और चिंताओं के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। संसद का सत्र चल रहा है और सरकार हर मुद्दे पर सार्थक बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद में नहीं बल्कि सड़क पर मुद्दों का समाधान करने का अनुचित प्रयास कर रहा है। लोकतंत्र में चर्चा का सही स्थान संसद भवन है। यदि विपक्ष गंभीर है तो मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलने दे और सदन में अपनी बात रखे।"

और पढ़ें: Dharmendra Pradhan attacks Rahul Gandhi over NEET protest and Parliament debate

Sonam Wangchuk Letter to Union Ministers Nadda and Jitendra Singh: Fast Condition

 

​सोनम वांगचुक का केंद्रीय मंत्रियों नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र: बोले—'प्रदर्शनकारी छात्रों पर न हो कानूनी कार्रवाई, तभी तोडूंगा अनशन'

नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है।

Sonam Wangchuk का बड़ा कदम: Nadda और Jitendra Singh को लिखा पत्र, अनशन तोड़ने के लिए रखी यह शर्त!

​अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अपना अनशन समाप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बशर्ते सरकार आंदोलन में शामिल युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित और स्पष्ट आश्वासन दे।

​अस्पताल में मुलाकात और अनशन समाप्त करने की अपील

​सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में पिछली रात अस्पताल पहुंचे दोनों केंद्रीय मंत्रियों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि मंत्रियों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।

​बातचीत के दौरान मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों का उल्लेख करते हुए वांगचुक ने लिखा:

  • पीड़ित परिवारों को मुआवजा: परीक्षा पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने पर सरकार सकारात्मक विचार करेगी।
  • संसद में जवाबदेही और चर्चा: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सहित पूरे मामले की जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा कराई जाएगी।

​"65 से अधिक सांसदों ने की अनशन तोड़ने की अपील"

​पत्र में सोनम वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों के दौरे के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 से अधिक सांसदों ने उनसे संपर्क कर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है।

​उन्होंने लिखा, "मैं जीवित रहना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और अपने सामाजिक कार्यों के बीच लौटना चाहता हूं। लेकिन मैं उन युवाओं की बलि देकर ऐसा नहीं कर सकता, जिनके अधिकारों के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।"

​सरकार के समक्ष रखी मुख्य शर्त

​सोनम वांगचुक ने सरकार से स्पष्ट आश्वासन मांगा है कि 20 जुलाई 2026 को आयोजित शांतिपूर्ण 'चलो संसद' मार्च या इस आंदोलन में हिस्सा लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई या मुकदमे दर्ज न किए जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं का एकमात्र अपराध एक निष्पक्ष और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली के लिए अपनी आवाज उठाना था।

​उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा आश्वासन नहीं मिलता है, तो वे अपना अनशन अनिश्चितकाल के लिए जारी रखने को मजबूर होंगे।

और पढ़ें: Chhatrasal Stadium Detention Centre: Rahul Gandhi's Video Message to Students on NEET & Education System

Chhatrasal Stadium Detention Centre: Rahul Gandhi's Video Message to Students on NEET & Education System

 

​छत्रसाल स्टेडियम डिटेंशन सेंटर से राहुल गांधी का सरकार पर हमला: बोले—'शिक्षा व्यवस्था चरमराई, प्रधानमंत्री देश के युवाओं से मांगें माफी'

नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छत्रसाल स्टेडियम डिटेंशन सेंटर से एक वीडियो संदेश जारी कर सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला.

    • Chhatrasal Stadium से राहुल गांधी का बड़ा संदेश: PM देश के युवाओं से माफी मांगें, परीक्षा तंत्र पूरी तरह ध्वस्त!
​वीडियो में सीढ़ियों पर बैठकर देश के छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज देश की संपूर्ण शिक्षा प्रणाली (Higher Education System) ध्वस्त हो चुकी है और लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

​"शिक्षा व्यवस्था चरमराई, परिवारों की गाढ़ी कमाई हो रही बर्बाद": राहुल गांधी

​डिटेंशन सेंटर से जारी अपने संदेश में राहुल गांधी ने निम्नलिखित प्रमुख बातें रखीं:

  • शिक्षा प्रणाली का पतन: देश की उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली पूरी तरह चरमरा चुकी है। लगातार हो रहे पेपर लीक और अनियमितताओं से अभ्यर्थियों का भरोसा टूट रहा है।
  • अभिभावकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ: लाखों परिवार अपने बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए अपनी जमा-पूंजी और संसाधन लगा देते हैं, लेकिन परीक्षा रद्द होने और धांधली के कारण उनका भविष्य और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
  • प्रधानमंत्री मांगे माफी: राहुल गांधी ने कहा कि जिस तरह से देश के करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, उसके लिए प्रधानमंत्री को देश के युवाओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
  • परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग: उन्होंने मांग की कि देश के एग्जामिनेशन सिस्टम और पूरे एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को तुरंत दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में अभ्यर्थियों को ऐसी अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

​"संसद से लेकर सड़क तक संघर्ष रहेगा जारी"

​राहुल गांधी ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता (LoP) के रूप में वे अभ्यर्थियों और युवाओं की आवाज को दबने नहीं देंगे। उन्होंने कहा, "हम संसद के भीतर और सड़क पर आपकी लड़ाई लगातार लड़ते रहेंगे। जब तक देश के छात्रों को न्याय और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली नहीं मिल जाती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"

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Dharmendra Pradhan attacks Rahul Gandhi over NEET protest and Parliament debate

 

NEET और संसद सत्र में हंगामा: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला—'छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रही कांग्रेस'

नई दिल्ली/हजारीबाग: संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET) परीक्षा प्रणाली और अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिरोध गहरा गया है। विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास के समीप किए गए प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा है।

NEET विवाद पर Dharmendra Pradhan की तीखी प्रतिक्रिया! Rahul Gandhi और कांग्रेस पर बोला हमला।

​21 जुलाई 2026 को अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट जारी करते हुए शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी देश के अभ्यर्थियों व युवाओं को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए मोहरा बना रहे हैं।

​शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान के प्रमुख बिंदु

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखते हुए शिक्षा मंत्री ने निम्नलिखित मुख्य बातें रखीं:

  • सुरक्षा नियमों की अनदेखी: राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर आम नागरिकों के लिए बाधा उत्पन्न की और स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।
  • संसदीय बहस से दूरी का आरोप: सरकार ने सदन के पटल पर नीट परीक्षा से जुड़े सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा की पूर्ण सहमति और तैयारी जताई थी। इसके बावजूद विपक्ष ने लोकतांत्रिक चर्चा के स्थान पर राजनीतिक प्रदर्शन का रास्ता चुना।
  • मुद्दों के समाधान के स्थान पर सुर्खियों की होड़: मंत्री के अनुसार, राहुल गांधी का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का ठोस समाधान खोजना नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक विवाद खड़ा कर सुर्खियां बटोरना है।
  • सदन में जवाबदेही के लिए प्रतिबद्धता: केंद्र सरकार युवाओं और अभ्यर्थियों की प्रत्येक वाजिब चिंता पर संसद में चर्चा करने के लिए पूरी तरह (100%) तैयार है।
  • पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार का आश्वासन: उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के छात्र राजनीतिक अभियान का साधन नहीं हैं। उन्हें नारों के स्थान पर ठोस समाधान, अव्यवस्था की जगह स्पष्टता और हंगामे के स्थान पर संस्थागत सुधार की आवश्यकता है।

​परीक्षा प्रणाली में सुधार का भरोसा

​धर्मेंद्र प्रधान ने अपने वक्तव्य में कहा कि सरकार देश के अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभ्यर्थियों को केवल विरोध नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, स्पष्ट उत्तर और स्थायी प्रशासनिक सुधार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​उल्लेखनीय है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है, जबकि सरकार का रुख है कि वह नियमों के तहत संसद के भीतर सभी प्रश्नों के उत्तर देने को तत्पर है।

और पढ़ें:Hazaribagh: NEET परीक्षा को लेकर मुफ़्सिल और लोहसिंघना पुलिस का एक्शन, होटलों-लॉज में विशेष चेकिंग।

Janjatiya Samagam: नई दिल्ली के लाल किला मैदान में गरजे अमित शाह, बिरसा मुंडा के 150वें जयंती वर्ष पर भव्य सांस्कृतिक समागम

 

​लाल किला मैदान में 'जनजाति सांस्कृतिक समागम': केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि, देश भर से जुटे हजारों आदिवासी प्रतिनिधि

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक।

नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में 'जनजाति सुरक्षा मंच' और 'जनजाति जागृति समिति' के संयुक्त तत्वाधान में एक भव्य और ऐतिहासिक "जनजाति सांस्कृतिक समागम" का आयोजन किया गया। यह विशेष समागम धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

Amit Shah Janjatiya Sanskritik Samagam New Delhi 2026

इस महा-समागम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और मंच से उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित किया।


​भगवान बिरसा मुंडा और आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

​मंच से हुंकार भरते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक योगदान, उनके उलगुलान आंदोलन और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए किए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय रहा है, जिसे इतिहास में वह स्थान नहीं मिला जिसका वह हकदार था।

  • Amit Shah Janjatiya Sanskritik Samagam New Delhi 2026
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में घोषित कर पूरे देश के आदिवासी समाज को वह ऐतिहासिक सम्मान और पहचान दिलाने का काम किया है।

​देश भर से उमड़ा जनसैलाब, पारंपरिक परिधानों में सजे दिखे लोग

​लाल किला मैदान में आयोजित इस सांस्कृतिक समागम की भव्यता देखते ही बन रही थी। देश के विभिन्न राज्यों (झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों) से हजारों की संख्या में जनजातीय भाई-बहन इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने पहुंचे थे।

  • Amit Shah Janjatiya Sanskritik Samagam New Delhi 2026
  • ​मैदान में उपस्थित जनसमूह अपने पारंपरिक आदिवासी परिधानों, आभूषणों और वाद्य यंत्रों के साथ पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया।
  • ​कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए आदिवासी कलाकारों ने मनमोहक पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

​जनजातीय समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: अमित शाह

​अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा आदिवासी और जनजातीय समाज के विकास के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद (राष्ट्रपति) पर जनजातीय समाज की बेटी आदरणीय द्रौपदी मुर्मू जी आसीन हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान सरकार में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान मिल रहा है।

​उन्होंने आगे कहा कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार, जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा (सड़क, बिजली, पानी) का सुदृढ़ीकरण और 'पीएम जनमन योजना' के माध्यम से अत्यंत पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) तक सीधे सरकारी लाभ पहुंचाना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है।

​भव्य मंच पर कई प्रबुद्ध और सामाजिक नेता रहे उपस्थित

​इस ऐतिहासिक महा-समागम के दौरान मुख्य मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री के साथ जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति के कई राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रबुद्ध जनजातीय नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में गृह मंत्री ने हाथ उठाकर और मुट्ठी बंद कर 'जय जोहार' और 'भगवान बिरसा मुंडा अमर रहें' के नारों के साथ जनसमूह का अभिवादन स्वीकार किया, जिसके बाद पूरे मैदान में उत्साह का माहौल देखा गया।

बीकानेर में बीएसएफ जवानों के बीच पहुंचे अमित शाह; महिला बैरकों का किया ई-उद्घाटन, सीमाओं की सुरक्षा पर दिया बड़ा बयान

 

​बीकानेर में बीएसएफ जवानों के बीच पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह: महिला बैरकों का किया ई-उद्घाटन; बोले— 'जवानों की मुस्तैदी से ही चैन की नींद सोता है देश'

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

बीकानेर। भारत की पश्चिमी सीमा की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और सीमा प्रहरियों का हौसला बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राजस्थान के बीकानेर पहुंचे। बीकानेर स्थित बीएसएफ 179वीं वाहिनी (179 Battalion BSF) के मुख्यालय में आयोजित 'प्रहरी सम्मेलन' के दौरान गृह मंत्री ने देश की सीमाओं की रक्षा में चौबीसों घंटे मुस्तैद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जांबाज जवानों के साथ सीधा संवाद किया।

Amit Shah Bikaner BSF Jawan Samvad 2026

​इस अवसर पर गृह मंत्री ने एक बड़ी सौगात देते हुए महिला प्रहरियों की सुविधाओं के लिए नवनिर्मित महिला बैरकों का ई-उद्घाटन (E-Inauguration) भी किया।

​शहीद जवानों को किया नमन, विपरीत परिस्थितियों में प्रहरियों के जज्बे को सराहा

​समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे पहले बीएसएफ के इतिहास में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले 2,000 से अधिक शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने प्रहरियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि बीएसएफ के जवानों ने देश की सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व अत्यंत कुशलता से निभाया है। जवानों के इसी पराक्रम के कारण 140 करोड़ भारतीय आज अपने घरों में चैन की नींद सो पा रहे हैं।

  • Amit Shah Bikaner BSF Jawan Samvad 2026

​गृह मंत्री ने कहा कि हमारे सीमा प्रहरी शून्य से नीचे माइनस 45 डिग्री की कंपकंपाती ठंड से लेकर थार रेगिस्तान की 45 डिग्री वाली झुलसाती गर्मी, घने जंगलों और बर्फीली चोटियों जैसी हर विपरीत परिस्थिति में भी 'कर्तव्य से पहले जीवन' के ध्येय के साथ डटे रहते हैं।


​महिला बैरकों की सौगात: सुरक्षा में बेटियां निभा रही हैं अग्रणी भूमिका

​लैंगिक तटस्थता (Gender Neutrality) और महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा में देश की बेटियां लड़कों से दो कदम आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। महिला प्रहरियों की कार्यप्रणाली और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है:

  • बैरक निर्माण: राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से 79 महिला बैरकों की स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 67 बैरकों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हो चुका है और शेष 12 बैरकों का कार्य भी प्रगति पर है।
  • 2030 तक का लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक देश की सीमाओं पर तैनात सभी महिला प्रहरियों के लिए शत-प्रतिशत मूलभूत सुविधाओं और बैरकों की व्यवस्था को पूरी तरह सुनिश्चित कर लिया जाए।

​इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण: सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का बिछेगा जाल

​सीमा सुरक्षा बल की आवाजाही को त्वरित और सुगम बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़ी योजनाओं की घोषणा की गई:

  • सड़कों का निर्माण: राजस्थान के रेगिस्तानी बॉर्डर पर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 1,096 किलोमीटर लंबी लेटरल रोड (Lateral Road) और 520 किलोमीटर लंबी एक्सियल रोड (Axial Road) के निर्माण का कार्य तेजी से शुरू किया गया है।
  • बुनियादी सुविधाएं: इसके अतिरिक्त बॉर्डर की लगभग 180 विंग चौकियों तक पीने का शुद्ध पानी पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाने का कार्य भी रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है।

​नई तकनीक और ड्रोन स्मगलिंग के खिलाफ 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड'

​सीमा पार से होने वाली आधुनिक चुनौतियों और ड्रोन के माध्यम से हथियारों व नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) की स्मगलिंग पर बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार अगले 6 महीनों के भीतर सभी संवेदनशील सीमाओं पर एंटी-ड्रोन सिस्टम (ड्रोन रोधी संयंत्र) लगाने का कार्य शुरू कर देगी।

  • Amit Shah Bikaner BSF Jawan Samvad 2026

उन्होंने सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए एक 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड' (Four-Layer Security Grid) का मंत्र दिया, जिसमें:

  1. ​सीमा सुरक्षा बल (BSF) की मुस्तैदी।
  2. ​भारतीय सेना (Indian Army) का तकनीकी सहयोग।
  3. ​सीमांत गांवों के जागरूक नागरिकों की सक्रियता।
  4. ​स्थानीय राज्य सरकार और जिला प्रशासन (एसपी व कलेक्टर) के साथ जीवंत समन्वय।

​इन चारों अंगों के एक साथ मिलकर काम करने से सीमा पार के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा के खतरों को भी पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जा सकेगा।

​कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी रहे मौजूद

​बीकानेर के इस ऐतिहासिक प्रहरी सम्मेलन के मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय कानून मंत्री सह स्थानीय सांसद  अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय गृह सचिव श्री गोविंद मोहन, आईबी निदेशक तपन कुमार डेका और बीएसएफ के महानिदेशक (DG) मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन गृह मंत्री द्वारा जवानों को अनंत शुभकामनाएं देने और 'वंदे मातरम' के नारों के साथ हुआ।

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