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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Rajnath Singh Statement on Delhi Student Protest: Opposition using students as political tool

 

दिल्ली प्रदर्शन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान: बोले—'राजनीतिक स्वार्थ के लिए छात्रों को बनाया जा रहा औजार, संसद छोड़ सड़क पर राजनीति कर रहा विपक्ष'

नई दिल्ली: दिल्ली में छात्रों और युवाओं के जारी विरोध-प्रदर्शनों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल के माध्यम से सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने निहित राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए देश के छात्रों और युवाओं को एक राजनीतिक औजार की तरह इस्तेमाल करने का प्रयास कर रहे हैं।

Delhi Student Protest: Rajnath Singh का X पोस्ट पर बड़ा हमला—'छात्रों को औजार बना रहा विपक्ष!'

​राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार विद्यार्थियों और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने और उनके कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

​"बनावटी आक्रोश (Manufactured Anger) फैला रहा विपक्ष"

​अपने सोशल मीडिया पोस्ट में रक्षा मंत्री ने छात्रों की चिंताओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दोहराते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे:

  • छात्रों के साथ नहीं होगा अन्याय: उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की हर चिंता को सुनने और उसका त्वरित समाधान करने के लिए जिम्मेदार है। किसी भी स्थिति में युवाओं के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
  • भ्रामक प्रयासों पर प्रहार: राजनाथ सिंह ने लिखा कि विपक्ष के कुछ नेताओं द्वारा खड़ा किया गया 'बनावटी आक्रोश' (Manufactured Sense of Anger) केवल जनता और युवाओं को भ्रमित करने का असफल प्रयास है। भारत के जागरूक और विवेकशील युवा इस राजनीति को भली-भांति समझते हैं और वे विकास तथा राष्ट्रनिर्माण का मार्ग ही चुनेंगे।

​"सड़क पर प्रदर्शन के बजाय संसद में करें सार्थक बहस"

​चल रहे संसद सत्र का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:

"युवाओं की भावनाओं और चिंताओं के प्रति सरकार पूरी तरह संवेदनशील है। संसद का सत्र चल रहा है और सरकार हर मुद्दे पर सार्थक बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद में नहीं बल्कि सड़क पर मुद्दों का समाधान करने का अनुचित प्रयास कर रहा है। लोकतंत्र में चर्चा का सही स्थान संसद भवन है। यदि विपक्ष गंभीर है तो मानसून सत्र को सुचारु रूप से चलने दे और सदन में अपनी बात रखे।"

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GM College Hazaribagh Seminar on National Flag Adoption Day: तिरंगे के सम्मान में सेमिनार

 

​जी.एम महाविद्यालय में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर सेमिनार आयोजित: वक्ताओं ने कहा—'तिरंगा हमारे स्वाभिमान, एकता और बलिदान का अमर प्रतीक'

हजारीबाग: जी.एम महाविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर एक विशेष विचार गोष्ठी (सेमिनार) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के गरिमामय गायन के साथ हुई, जिसके बाद शिक्षकों और विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय ध्वज के ऐतिहासिक महत्व और देशभक्ति के संदेश पर अपने विचार साझा किए।

GM College Hazaribagh: राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर सेमिनार! वक्ताओं ने तिरंगे के इतिहास पर डाला प्रकाश।

​22 जुलाई 1947: संविधान सभा ने तिरंगे को दी थी आधिकारिक पहचान

​राजनीति विज्ञान के शिक्षक कुंदन शशि शर्मा ने विषय प्रवेश कराते हुए बताया कि वर्ष 1947 में संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज को अंगीकृत करने की ऐतिहासिक स्मृति में प्रतिवर्ष 22 जुलाई को यह दिवस मनाया जाता है।

​कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के विभिन्न वक्ताओं ने तिरंगे के महत्व पर प्रकाश डाला:

  • एकता और स्वाभिमान का प्रतीक: महाविद्यालय के प्राचार्य शंभू कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस देशवासियों में एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
  • बलिदान की गाथा: वरिष्ठ शिक्षक विनय कुमार मेहता ने कहा कि 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में आधिकारिक रूप से स्वीकार किया था। यह केवल तीन रंगों का संयोजन नहीं, बल्कि देश के गौरव, स्वाभिमान और बलिदान का अमर प्रतीक है।
  • राष्ट्र निर्माण का संकल्प: शिक्षक रेयाज अहमद ने विद्यार्थियों से राष्ट्र की एकता, अखंडता और निरंतर प्रगति के लिए सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया।
  • संप्रभुता का जीवंत प्रतीक: डॉ. उमेश ठाकुर ने कहा कि हमारा तिरंगा देश के स्वतंत्रता संग्राम, संप्रभुता और विविधता में एकता का जीवंत प्रतीक है।

​विद्यार्थियों ने भी रखे अपने विचार

​सेमिनार में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आशीष पांडे, मनोज राणा, पवन सिंह और अमित कुमार सहित कई छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपने सम्मान और विचारों को प्रस्तुत किया।

और पढ़ें: Hazaribagh: जी.एम. संध्याकालीन कॉलेज के NSS स्वयंसेवकों ने भरी हुंकार; नशा मुक्ति के लिए निकाली भव्य प्रभात फेरी, चौराहों पर रुककर लोगों को किया जागरूक!

कांवड़ यात्रा 2026: सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्त हिदायत, यात्रा मार्ग पर मांस-शराब की दुकानें रहेंगी बंद, ड्रोन से होगी निगरानी

सुरक्षित और सुगम होगी कांवड़ यात्रा: सीएम योगी ने कांवड़ मार्ग पर ड्रोन से निगरानी और सख्त सुरक्षा के दिए आदेश

संवाददाता, गाजियाबाद:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मेरठ और सहारनपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आगामी श्रावण मास में प्रस्तावित कांवड़ यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और आस्था का पूरा सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

CM-Yogi-Adityanath-reviewing-Kanwar-Yatra-preparations-in-Ghaziabad

​सीएम योगी के प्रमुख दिशा-निर्देश:

  • सुरक्षा और निगरानी: पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • सड़क और स्वच्छता: लोक निर्माण और सिंचाई विभाग को कांवड़ मार्ग को 'गड्ढामुक्त' करने और झाड़ियों व कचरे की पूरी सफाई समय रहते सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
  • प्रतिबंध और नियम: कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली मांस और शराब की दुकानें पूरी यात्रा के दौरान बंद रहेंगी। पुलिस को इसकी प्रभावी निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
  • डीजे और कांवड़ के मानक: डीजे की आवाज और कांवड़ की ऊंचाई निर्धारित मानकों के दायरे में ही होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन कांवड़ संघों और डीजे संचालकों के साथ पहले से समन्वय स्थापित करेगा।
  • यात्रियों के लिए सुविधाएं: कांवड़ शिविरों में बिजली, साफ पेयजल, शौचालय, स्ट्रीट लाइट और सात्विक भोजन की बेहतर व्यवस्था अनिवार्य है।
  • अंतरराज्यीय समन्वय: यात्रा को सुचारू बनाने के लिए दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ निरंतर सूचनाओं का आदान-प्रदान और समन्वय बनाए रखा जाएगा।

​मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्तों को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए अपनी कमर कस ली है।

और पढ़ें: UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मास्टरस्ट्रोक! यूपी के हर मंडल में खुलेगा कैंसर अस्पताल, एंबुलेंस और बेड की होगी रियल-टाइम ट्रैकिंग!

हजारीबाग: एसपी के निर्देश पर जिले भर के थानों में शांति समिति की बैठक आयोजित; आपसी सौहार्द से बकरीद मनाने की अपील

 हजारीबाग: एसपी के निर्देश पर जिले भर के थानों में शांति समिति की बैठक आयोजित; आपसी सौहार्द से बकरीद मनाने की अपील

डीएसपी, एसडीपीओ और अंचलाधिकारियों की मौजूदगी में प्रबुद्ध जनों के साथ हुआ विचार-विमर्श; प्रशासन ने त्योहार को लेकर जारी किए आवश्यक दिशा-निर्देश।

हजारीबाग: आगामी ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर्व 2026 को पूरे जिले में शांति, आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर हजारीबाग जिला पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक (SP) हजारीबाग के दिशा-निर्देशानुसार, रविवार (24 मई 2026) को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 'शांति समिति' की बैठकों का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना है।

Shanti Samity ki Baithak.

जिले के अलग-अलग थानों में आयोजित इन बैठकों का नेतृत्व संबंधित क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) ने किया। बैठकों में मुख्य रूप से स्थानीय थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर), अंचलाधिकारी (CO) सहित थाना क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति, प्रबुद्ध नागरिक और केंद्रीय शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

Sthaniye Jan.

आपसी सौहार्द और मर्यादा पर हुआ गहन विचार-विमर्श

बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय प्रबुद्ध जनों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। प्रशासन द्वारा थाना क्षेत्र के वासियों से अपील की गई कि वे इस पवित्र पर्व को शांति और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाएं। इसके साथ ही, त्योहार से संबंधित कई आवश्यक और कड़े दिशा-निर्देश भी जारी किए गए:

स्थानीय समन्वय: सभी अंचलाधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वे स्थानीय स्तर पर छोटी-छोटी कमेटियों के साथ लगातार संपर्क में रहें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते संभाला जा सके।

साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाएं: कुर्बानी के बाद अवशेषों के व्यवस्थित निष्पादन और नगर निकाय व पंचायत स्तर पर साफ-सफाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

सख्त निगरानी: असामाजिक और उपद्रवी तत्वों पर पैनी नजर रखने तथा किसी भी प्रकार की संदेहास्पद गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने की हिदायत दी गई।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

अधिकारियों ने बैठक में विशेष रूप से डिजिटल सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं को सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करें। किसी भी भ्रामक, सांप्रदायिक या अनवेरिफाइड (बिना जांचे) मैसेज, वीडियो या पोस्ट को व्हाट्सएप, फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आगे बढ़ाने से पूरी तरह बचने को कहा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि अफवाह फैलाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

✍️ शॉर्ट सम्पादकीय (Short Editorial):

शीर्षक: शांति समितियों की सार्थकता और धरातल पर नागरिक समन्वय

त्योहारों के करीब आते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा थानों में शांति समिति की बैठकें आयोजित करना हमारी प्रशासनिक व्यवस्था का एक अनिवार्य और सफल हिस्सा रहा है। हजारीबाग एसपी के निर्देश पर जिले के तमाम अनुमंडलों और थानों में डीएसपी, एसडीपीओ और अंचलाधिकारियों की उपस्थिति में इन बैठकों का होना यह साबित करता है कि प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर है। किसी भी क्षेत्र की शांति केवल पुलिस की लाठियों और बंदूकों के दम पर कायम नहीं रखी जा सकती; उसके लिए स्थानीय जनता, समाज के प्रबुद्ध जनों और प्रशासन के बीच सीधा और पारदर्शी संवाद होना सबसे जरूरी शर्त है।

इस बार की बैठकों में अंचलाधिकारियों (CO) और गणमान्य व्यक्तियों की संयुक्त भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि जमीनी स्तर पर भूमि संबंधी या स्थानीय छोटे विवाद त्योहारों के समय बड़ा रूप ले लेते हैं, जिन्हें यह टीम आपसी विमर्श से तुरंत सुलझा सकती है। हालांकि, इन बैठकों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शांति समिति के सदस्य केवल बैठकों में शामिल होने तक सीमित न रहें, बल्कि वे अपने-अपने मोहल्लों और गांवों में जाकर शांति और भाईचारे के इस संदेश को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। जब समाज का हर वर्ग सजग रहकर अफवाहों को नकारेगा और प्रशासन का सहयोग करेगा, तभी त्योहारों की असली रौनक और सौहार्द सुरक्षित रह सकेगा।

हजारीबाग में कचरा अलग-अलग नहीं किया तो लगेगा भारी जुर्माना, नगर आयुक्त ने वार्ड पार्षदों संग की बैठक; नियमों के उल्लंघन पर मोबाइल पोस्ट करेगी दंडात्मक कार्रवाई

हजारीबाग में कचरा अलग-अलग नहीं किया तो लगेगा भारी जुर्माना, नगर आयुक्त ने वार्ड पार्षदों संग की बैठक; नियमों के उल्लंघन पर मोबाइल पोस्ट करेगी दंडात्मक कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 कड़ाई से लागू; अब हरा, नीला, लाल और काला डस्टबिन रखना अनिवार्य।

हजारीबाग। शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से हजारीबाग नगर निगम अब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाने जा रहा है। सोमवार, 18 मई को नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त

saaf suraksha or swasthay.

 

कूड़े के पृथक्करण (Segregation) के लिए रंगीन डस्टबिन अनिवार्य

नगर आयुक्त ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि शहर के सभी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर डस्टबिन में रखना होगा:

  • 🟢 हरा डस्टबिन: गीला कचरा (रसोई का अपशिष्ट, फल-सब्जियों के छिलके आदि)

  • 🔵 नीला डस्टबिन: सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज, गत्ता, कांच आदि)

  • 🔴 लाल डस्टबिन: सैनिटरी अपशिष्ट (डायपर, सैनिटरी पैड आदि)

  • काला डस्टबिन: विशेष देखभाल कचरा (घरेलू खतरनाक अपशिष्ट जैसे बैटरी, केमिकल शीशियां आदि)

सुप्रीम कोर्ट का आदेश, नियमों में ढिलाई नहीं

बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चूंकि यह नियम माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के आदेशों के आलोक में तैयार किया गया है, इसलिए इसके अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

'मोबाइल पोस्ट' रखेगी नजर, लगेगा जुर्माना

कार्ययोजना को सफल बनाने के लिए सेनेटरी सुपरवाइजर और सिटी मैनेजर, संबंधित वार्ड पार्षदों के साथ मिलकर लगातार फील्ड मॉनिटरिंग करेंगे। इसके साथ ही, पूरे नगर निगम क्षेत्र में विशेष निगरानी दस्ते यानी मोबाइल पोस्ट की व्यवस्था की जा रही है। शहर में कहीं भी अनावश्यक रूप से गंदगी फैलाने या कचरा अलग-अलग न करने वालों के विरुद्ध अब ऑन-द-स्पॉट सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।

खबर का स्रोत (Source): यह महत्वपूर्ण जानकारी हजारीबाग नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 19/18.05.2026 के माध्यम से प्राप्त हुई है।


और पढ़ें:हजारीबाग में नगर निगम का 'बुलडोजर एक्शन- PTC चौक और सिमसन पार्क के पास से हटा अवैध अतिक्रमण, मुख्य सड़कें हुईं जाम मुक्त

जी.एम. इंटर कॉलेज में मना 'अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस', छात्रों ने सीखा पारिवारिक समरसता और संस्कारों का पाठ

जी.एम. इंटर कॉलेज में मना 'अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस', छात्रों ने सीखा पारिवारिक समरसता और संस्कारों का पाठ

पास होकर भी दूर कर रहा मोबाइल"— आधुनिक युग में पारिवारिक समरसता बनाए रखने पर कॉलेज में विशेष व्याख्यान।

इचाक (हजारीबाग): समाज की सबसे छोटी लेकिन सबसे मजबूत इकाई 'परिवार' के महत्व को रेखांकित करने के लिए शुक्रवार (15 मई) को इचाक स्थित जी.एम. इंटर महाविद्यालय में 'अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को आधुनिक दौर में पारिवारिक मूल्यों को सहेजने और आपसी प्रेम व समरसता बनाए रखने की सीख दी गई।

Ratnesh Kumar Rana

परिवार: जीवन की पहली पाठशाला

कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र के शिक्षक रत्नेश कुमार राणा द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिवार ही वह स्थान है जहाँ बच्चा सबसे पहले संस्कार, व्यवहार और नैतिकता सीखता है। माता-पिता, दादा-दादी और भाई-बहन का साथ न केवल हमें सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि हमारे आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।

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डिजिटल दौर में बढ़ती दूरियों पर चिंता

शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने आज के तकनीकी युग की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा:

मोबाइल और इंटरनेट का प्रभाव: आधुनिकता की दौड़ में मोबाइल ने लोगों को एक ही छत के नीचे होते हुए भी एक-दूसरे से दूर कर दिया है।

समय का अभाव: लोग काम में इतने व्यस्त हैं कि अपनों के साथ बैठने का समय नहीं निकाल पा रहे हैं।

समाधान: उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे प्रतिदिन अपने बड़ों के साथ समय बिताएं, उनका सम्मान करें और छोटे सदस्यों को स्नेह दें।

सुखी परिवार से ही बनेगा मजबूत राष्ट्र

व्याख्यान के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि एक सुखी और संगठित परिवार ही एक स्वस्थ समाज और अंततः एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखता है। यदि परिवार में एकता, विश्वास और प्रेम बना रहे, तो जीवन की बड़ी से बड़ी कठिनाइयों को भी आसानी से पार किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने परिवार के प्रति कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाने का संकल्प लिया।

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में प्रगाढ़ता: नई दिल्ली में 17वें विदेश कार्यालय परामर्श में व्यापार, निवेश और नवाचार पर हुई अहम चर्चा

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में प्रगाढ़ता: नई दिल्ली में 17वें विदेश कार्यालय परामर्श में व्यापार, निवेश और नवाचार पर हुई अहम चर्चा

सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और उज्बेकिस्तान के प्रथम उप विदेश मंत्री बख्रोमजोन एलोव ने की सह-अध्यक्षता; द्विपक्षीय संबंधों के पूर्ण स्पेक्ट्रम की हुई समीक्षा। 

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

नई दिल्ली:भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 17वें विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) का आयोजन नई दिल्ली में किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज और उज्बेकिस्तान की ओर से प्रथम उप विदेश मंत्री बख्रोमजोन एलोव ने की.
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द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा


परामर्श के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के पूरे स्पेक्ट्रम की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया:

आर्थिक सहयोग: व्यापार और निवेश की संभावनाओं का विस्तार।

तकनीक और नवाचार: तकनीकी आदान-प्रदान और नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना।

ऊर्जा और पर्यटन: ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और दोनों देशों के बीच पर्यटन को प्रोत्साहित करना।

सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंध: शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करना।

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा विजन


दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने न केवल आपसी हितों पर चर्चा की, बल्कि परस्पर हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। इसमें मध्य एशिया की स्थिरता और वैश्विक शांति जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। इसके अलावा, काउंसलर (Consular) मुद्दों और जन-दर-जन (People-to-people) संपर्क को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

रणनीतिक महत्व


भारत के लिए उज्बेकिस्तान मध्य एशिया का एक प्रमुख भागीदार है। यह परामर्श दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा। दोनों पक्षों ने भविष्य में भी उच्च स्तरीय संवाद जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत-ओमान समुद्री साझेदारी को मिलेगी नई ऊँचाई: बंदरगाहों के विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर हुई उच्च स्तरीय वार्ता

भारत-ओमान समुद्री साझेदारी को मिलेगी नई ऊँचाई: बंदरगाहों के विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर हुई उच्च स्तरीय वार्ता

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ओमान के परिवहन मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की चर्चा; ओमान के पोर्ट्स में भारतीय भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी

नई दिल्ली:भारत और ओमान ने समुद्री क्षेत्र में अपने द्विपक्षीय सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक प्रभावी कदम उठाया है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ओमान के परिवहन, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सईद बिन हमूद अल मावली के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत चर्चा की।
पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल

बंदरगाहों में भारतीय भागीदारी पर चर्चा


बैठक का मुख्य केंद्र ओमान के प्रमुख बंदरगाहों में भारतीय भागीदारी और निवेश के अवसरों का विस्तार करना रहा। ओमान की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, भारतीय शिपिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए वहाँ के बंदरगाहों में उपस्थिति दर्ज कराना वैश्विक व्यापार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास का रोडमैप


संवाद के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (Regional Connectivity) को मजबूत करने और साझा आर्थिक विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई:
समुद्री व्यापारिक मार्गों को और अधिक सुगम बनाना।
दोनों देशों के बीच लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार।

ब्लू इकोनॉमी और समुद्री बुनियादी ढांचे में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान।

रणनीतिक महत्व


ओमान, पश्चिम एशिया में भारत के सबसे करीबी समुद्री पड़ोसियों में से एक है। इस वार्ता से न केवल दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध प्रगाढ़ होंगे, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह चर्चा भविष्य में ठोस परिणामों में तब्दील होगी।

21वीं सदी भारत की होगी": 2047 तक $1 ट्रिलियन तक पहुंचेगी देश की बायो-इकोनॉमी, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का बड़ा दावा

21वीं सदी भारत की होगी": 2047 तक $1 ट्रिलियन तक पहुंचेगी देश की बायो-इकोनॉमी, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह का बड़ा दावा

IIT रुड़की में बोले डॉ. जितेंद्र सिंह- जीन से लेकर क्यूबिट और गहरे समुद्र से अंतरिक्ष तक तकनीक में परचम लहरा रहा है भारत।


नई दिल्ली/रुड़की: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने एक बार फिर दोहराया है कि 21वीं सदी पूरी तरह से भारत की होने वाली है। IIT रुड़की में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने देश की बढ़ती आर्थिक और तकनीकी शक्ति का खाका पेश किया। मंत्री ने विशेष रूप से जैव-अर्थव्यवस्था (Bio-Economy) पर जोर देते हुए भविष्यवाणी की कि वर्ष 2047 तक भारत की बायो-इकोनॉमी 1 ट्रिलियन डॉलर के विशाल आंकड़े को छू लेगी।
Bio-Economy par Vishesh antrasriye sammelan

तकनीकी क्षमता: जीन से लेकर क्यूबिट तक


डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत आज केवल उपभोगता नहीं, बल्कि नवाचार का केंद्र बन चुका है। उन्होंने भारत की 'फुल-स्पेक्ट्रम' तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि हम जीन (Biotechnology) से लेकर क्यूबिट (Quantum Computing) तक अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। भारत की पहुंच आज समुद्र की गहराइयों (Deep Ocean Mission) से लेकर अंतरिक्ष की ऊंचाइयों (Outer Space) तक है।

BioE3 नीति: अर्थव्यवस्था और पर्यावरण का संगम


सरकार की दूरदर्शी नीतियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने BioE3 नीति (Biotechnology for Economy, Environment, and Employment) पर प्रकाश डाला। 2024 में स्वीकृत इस नीति का उद्देश्य है:

अर्थव्यवस्था (Economy): जैव-आधारित विनिर्माण को बढ़ावा देकर जीडीपी में योगदान देना।

पर्यावरण (Environment): कार्बन उत्सर्जन कम करना और टिकाऊ समाधान खोजना।

रोजगार (Employment): बायोटेक क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना।

उन्होंने बताया कि यह नीति 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करेगी।

निष्कर्ष

डॉ. सिंह के अनुसार, भारत की यह प्रगति वैश्विक स्तर पर देश की नई पहचान बना रही है। उच्च तकनीक और नवाचार के मेल से भारत न केवल अपनी समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि दुनिया को भी नई दिशा दिखा रहा है।

उपायुक्त ने की डीएमएफटी और आकांक्षी प्रखंडों की समीक्षा; लंबित योजनाओं पर कड़े निर्देश

उपायुक्त ने की डीएमएफटी और आकांक्षी प्रखंडों की समीक्षा; लंबित योजनाओं पर कड़े निर्देश

भूमि और एनओसी के अभाव में अटकी योजनाएं होंगी निरस्त; दिव्यांगों के बीच जल्द बंटेंगी ट्राईसाइकिल।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग, 13 मई 2026: उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में आज समाहरणालय में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) प्रबंधन समिति और नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विकास योजनाओं की गति तेज करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।

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योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर:

समयबद्ध प्रगति: उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक आकांक्षी प्रखंडों के लिए प्राप्त राशि और संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर विशेष बल दिया।

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लंबित योजनाओं पर कार्रवाई: भूमि विवाद या वन विभाग से एनओसी (NOC) न मिलने के कारण लंबे समय से लंबित योजनाओं को निरस्त करने का निर्देश दिया गया है।

तत्काल हैंडओवर: भवन निर्माण जैसी योजनाएं पूरी होते ही संबंधित विभागों को हैंडओवर करने का निर्देश दिया गया ताकि उनका उपयोग तुरंत शुरू हो सके।

निविदा प्रक्रिया: निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू करने का निर्देश दिया गया ताकि देरी से बचा जा सके।

सामाजिक और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा:

दिव्यांग कल्याण: डीएमएफटी मद से प्राप्त ट्राईसाइकिल को समाज कल्याण पदाधिकारी के माध्यम से शीघ्र ही जरूरतमंद लाभुकों के बीच वितरित करने का आदेश दिया गया।

सदर अस्पताल की सेवाएं: सदर अस्पताल में डीएमएफटी मद से नियुक्त चिकित्सकों, लैब टेक्नीशियन और हेल्थ मैनेजरों के कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया।

बैठक में उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त रिया सिंह, एसडीओ आदित्य पांडेय, जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी सहित विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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हजारीबाग: उपायुक्त हेमंत सती का सदर प्रखंड कार्यालय में औचक निरीक्षण; लापरवाही पर सख्त, सुधार के दिए कड़े निर्देश

हजारीबाग: उपायुक्त हेमंत सती का सदर प्रखंड कार्यालय में औचक निरीक्षण; लापरवाही पर सख्त, सुधार के दिए कड़े निर्देश

म्यूटेशन मामलों में तेजी लाने और मंगलवार-शुक्रवार को कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य करने का आदेश; कार्यालय परिसर को आकर्षक बनाने की पहल।

नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी प्रधान संपादक. 

हजारीबाग: जिले के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने के उद्देश्य से उपायुक्त हेमंत सती एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को उपायुक्त ने बिना किसी पूर्व सूचना के सदर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने न केवल फाइलों की जांच की, बल्कि धरातल पर जन-सुविधाओं की स्थिति को भी परखा।

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अभिलेखों और पंजी की गहन जांच निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पंचायतों की संख्या, हल्का की स्थिति और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के आंकड़ों का मिलान किया। उन्होंने विभिन्न पंजियों और सरकारी अभिलेखों की बारीकी से जांच की। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनके दैनिक कार्यों और दायित्वों के बारे में जानकारी ली। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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आम जनता के लिए तय किए दिन सदर अंचल अधिकारी से चर्चा करते हुए उपायुक्त ने लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को संबंधित कर्मचारी अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। यह व्यवस्था इसलिए सुनिश्चित की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाली आम जनता को अपने कार्यों के लिए भटकना न पड़े और उनकी समस्याओं का त्वरित निष्पादन हो सके।

म्यूटेशन और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्देश भूमि संबंधी मामलों (म्यूटेशन) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित आवेदनों को जल्द से जल्द निष्पादित करने का आदेश दिया। उन्होंने अंचल निरीक्षक कक्ष का भी मुआयना किया और रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित तरीके से रखने पर बल दिया। इसके अलावा, उन्होंने सभी चौकीदारों को सख्त हिदायत दी कि वे ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से अपनी निर्धारित वर्दी (ड्रेस कोड) में रहें।

परिसर के सौंदर्यीकरण पर जोर कार्यालय परिसर के अवलोकन के दौरान उपायुक्त ने अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न कमरों में जमा अनावश्यक कागजों और कबाड़ को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। परिसर को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए उन्होंने निम्नलिखित कार्यों के आदेश दिए:

  • स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था।

  • परिसर में पेवर ब्लॉक का निर्माण और वृक्षारोपण।

  • आम जनता के बैठने के लिए शेड का निर्माण।

  • नियमित साफ-सफाई का प्रबंधन।

उपायुक्त के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक जन-हितैषी बनाने की तैयारी की जा चुकी है।

रिकवा ग्राम को मिली 3 करोड़ की सड़क की सौगात, सांसद और विधायक ने संयुक्त रूप से किया शिलान्यास

 

रिकवा ग्राम को मिली 3 करोड़ की सड़क की सौगात, सांसद और विधायक ने संयुक्त रूप से किया शिलान्यास

DMFT मद से 3 किमी पथ का होगा कायाकल्प; सांसद मनीष जायसवाल ने महिला समितियों की समस्याओं का मौके पर किया समाधान।

डाडी (हजारीबाग): हजारीबाग जिले के डाडी प्रखंड अंतर्गत मिश्राईन मोढ़ा पंचायत के ग्राम रिकवा के लिए गुरुवार का दिन विकास की नई इबारत लिखने वाला रहा। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल और मांडू विधानसभा क्षेत्र के विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो ने संयुक्त रूप से यहाँ एक महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।

शिलान्यास कार्यक्रम
 

3 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक पथ जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) के मद से करीब 3 करोड़ रुपए की लागत स्वीकृत की गई है। इस राशि से ग्राम रिकवा में बाला महतो के घर से लेकर चानो पक्की सड़क (भाया मोती महतो के घर) तक लगभग 3 किलोमीटर लंबे पथ का निर्माण होगा। शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने विधिवत नारियल फोड़कर और शिलापट्ट का अनावरण कर विकास कार्यों की शुरुआत की। ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और ढोल-नगाड़ों के साथ नेताओं का भव्य स्वागत किया।

सभा को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल

जनसंवाद: महिला समितियों और ग्रामीणों की सुनी समस्याएँ विकास कार्यों के साथ-साथ सांसद मनीष जायसवाल ने स्थानीय महिला समिति की दीदियों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। दीदियों ने बैंक पासबुक अपडेट कराने में आने वाली तकनीकी दिक्कतों और सामुदायिक भवन की कमी की ओर ध्यान आकृष्ट कराया।

  • त्वरित समाधान: सांसद ने मौके पर ही बैंक अधिकारियों से फोन पर बात कर समस्या सुलझाने के निर्देश दिए।

  • आश्वासन: उन्होंने दीदियों के लिए जल्द ही भवन निर्माण और तत्काल कालीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

  • मंदिर सौंदर्यीकरण: ग्रामीणों के आग्रह पर निर्माणाधीन मंदिर का निरीक्षण कर उन्होंने टाइल्स उपलब्ध कराने की घोषणा की।

विकास और भौगोलिक सुगमता पर जोर सभा को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि सड़क संपर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की रीढ़ होती है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं के संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएं।

वहीं, विधायक तिवारी महतो ने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि डाडी प्रखंड की हजारीबाग जिला मुख्यालय से दूरी अधिक है। उन्होंने सांसद से आग्रह किया कि भौगोलिक सुगमता के लिए डाडी प्रखंड को रामगढ़ जिले के अधीन करने की प्रक्रिया पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को प्रशासनिक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

कार्यक्रम में गणमान्य लोगों की उपस्थिति इस अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा जिला महामंत्री सर्वेश सिंह, जिप सदस्य पिंकू देवी, सांसद प्रतिनिधि अजय कुमार साहू, रंजीत पांडेय, द्वारिका सिंह, पुरुषोत्तम पाण्डेय और गुंजन साव मौजूद रहे। साथ ही स्थानीय मुखिया दासो मरांडी, विनोद महतो, वकील महतो और बड़ी संख्या में महिला समितियां एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

डुमरी विधायक जयराम महतो पहुंचे नावाडीह, शोकाकुल परिजनों से मिलकर बांटा दर्द, कहा- दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ हूं

डुमरी विधायक जयराम महतो पहुंचे नावाडीह, शोकाकुल परिजनों से मिलकर बांटा दर्द, कहा- दुख की इस घड़ी में परिवार के साथ हूं

नावाडीह:  डुमरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयराम कुमार महतो ने नावाडीह प्रखंड अंतर्गत बिरनी पंचायत का दौरा कर क्षेत्र में हुई दुखद घटनाओं पर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की है। विधायक को जैसे ही बिरनी पंचायत निवासी सुनील रजवार की माताजी स्वर्गीय गीता देवी और अजय रजवार के पिताजी स्वर्गीय लालजी रजवार के आकस्मिक निधन की सूचना मिली वे तत्काल शोकाकुल परिवारों से मिलने उनके आवास पहुंचे।

विधायक जयराम महतो ने दोनों पीड़ित परिवारों के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढाढ़स बंधाया। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताते हुए कहा कि माता-पिता का साया सिर से उठ जाना जीवन की सबसे बड़ी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। विधायक ने शोकसंतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस भारी घड़ी में वे पूरी तरह परिवार के साथ खड़े हैं।

मुलाकात के दौरान विधायक ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उनकी इस आत्मीयता और सरल स्वभाव ने वहां मौजूद ग्रामीणों और परिजनों को संबल प्रदान किया। इस मौके पर उनके साथ पार्टी के कई कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे जिन्होंने नम आंखों से दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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