हजारीबाग: उपायुक्त हेमंत सती का सदर प्रखंड कार्यालय में औचक निरीक्षण; लापरवाही पर सख्त, सुधार के दिए कड़े निर्देश
म्यूटेशन मामलों में तेजी लाने और मंगलवार-शुक्रवार को कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य करने का आदेश; कार्यालय परिसर को आकर्षक बनाने की पहल।
हजारीबाग: जिले के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने के उद्देश्य से उपायुक्त हेमंत सती एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को उपायुक्त ने बिना किसी पूर्व सूचना के सदर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने न केवल फाइलों की जांच की, बल्कि धरातल पर जन-सुविधाओं की स्थिति को भी परखा।
![]() |
| dc hazaribagh ne sadar prakhand aur anchal ka kiya nirakshan. |
अभिलेखों और पंजी की गहन जांच निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पंचायतों की संख्या, हल्का की स्थिति और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के आंकड़ों का मिलान किया। उन्होंने विभिन्न पंजियों और सरकारी अभिलेखों की बारीकी से जांच की। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनके दैनिक कार्यों और दायित्वों के बारे में जानकारी ली। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
![]() |
| dc in sadar block. |
आम जनता के लिए तय किए दिन सदर अंचल अधिकारी से चर्चा करते हुए उपायुक्त ने लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को संबंधित कर्मचारी अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। यह व्यवस्था इसलिए सुनिश्चित की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाली आम जनता को अपने कार्यों के लिए भटकना न पड़े और उनकी समस्याओं का त्वरित निष्पादन हो सके।
म्यूटेशन और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्देश भूमि संबंधी मामलों (म्यूटेशन) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित आवेदनों को जल्द से जल्द निष्पादित करने का आदेश दिया। उन्होंने अंचल निरीक्षक कक्ष का भी मुआयना किया और रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित तरीके से रखने पर बल दिया। इसके अलावा, उन्होंने सभी चौकीदारों को सख्त हिदायत दी कि वे ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से अपनी निर्धारित वर्दी (ड्रेस कोड) में रहें।
परिसर के सौंदर्यीकरण पर जोर कार्यालय परिसर के अवलोकन के दौरान उपायुक्त ने अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न कमरों में जमा अनावश्यक कागजों और कबाड़ को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। परिसर को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए उन्होंने निम्नलिखित कार्यों के आदेश दिए:
स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था।
परिसर में पेवर ब्लॉक का निर्माण और वृक्षारोपण।
आम जनता के बैठने के लिए शेड का निर्माण।
नियमित साफ-सफाई का प्रबंधन।
उपायुक्त के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक जन-हितैषी बनाने की तैयारी की जा चुकी है।


No comments
Post a Comment