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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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झारखंड प्रशासनिक सेवा फेरबदल: राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर JAS अधिकारियों का स्थानांतरण, देखें पूरी सूची

झारखंड प्रशासनिक सेवा फेरबदल: राज्य सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर JAS अधिकारियों का स्थानांतरण, देखें पूरी सूची

"कार्मिक विभाग की अधिसूचना संख्या 2/स्थापना0-02-01/2025 के तहत बदले गए कई अनुमंडल पदाधिकारी, बीडीओ और अंचल अधिकारी; तत्काल प्रभाव से नए पदों पर प्रतिनियुक्ति"— विशेष ब्यूरो रिपोर्ट

प्रशासनिक ब्यूरो, रांची:

झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से एक बड़ा निर्णय लेते हुए झारखंड प्रशासनिक सेवा (JAS) के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में व्यापक फेरबदल किया है। राज्यपाल के आदेश से जारी इस आधिकारिक अधिसूचना के तहत कई अनुमंडल पदाधिकारियों, नगर निकायों के पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को तत्काल प्रभाव से नए पदों पर तैनात किया गया है।

नगर निकाय एवं प्रमंडलीय स्तर पर उच्च स्तरीय पदस्थापन

​इस फेरबदल के तहत सरायकेला-खरसावां जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के लेखा प्रशासन एवं स्वनिधोजन निदेशक अजय कुमार तिर्की को रांची का विशिष्ट अनुमंडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त सचिव एलाज अनवर को आदित्यपुर नगर निगम का नया नगर आयुक्त बनाया गया है। धनबाद के अपर समाहर्ता विनोद कुमार को स्थानांतरित करते हुए मेदिनीनगर नगर निगम का अपर नगर आयुक्त और परिवहन विभाग के संयुक्त परिवहन आयुक्त (सड़क सुरक्षा) प्रदीप कुमार को हजारीबाग नगर निगम का अपर नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।

JAS Bada Fer Badalna 

​इसके अतिरिक्त, गढ़वा के अधिसूचित जिला पंचायत राज पदाधिकारी सौरभ प्रसाद विभागीय अधिसूचना के आलोक में अपने पद का प्रभार ग्रहण करेंगे। पलामू प्रमंडल के आयुक्त के सचिव विजय वर्मा को मानगो नगर निगम का उप नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव योगेन्द्र प्रसाद को जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति का नगर आयुक्त, स्वर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के अपर निदेशक रविन्द्र गगराई को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल (रांची) के आयुक्त का सचिव, देवघर के नगर आयुक्त रोहित सिन्हा को पलामू प्रमंडल (मेदिनीनगर) के आयुक्त का सचिव तथा पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे रजनीश कुमार को देवघर नगर निगम का अपर नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।

​आदित्यपुर नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश को संताल परगना प्रमंडल (दुमका) के आयुक्त का सचिव बनाया गया है। परिवहन विभाग के उप सचिव मुकेश मछुआ को जमशेदपुर का अपर जिला दंडाधिकारी (विधि व्यवस्था) और खाद्य एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय के उप निदेशक सुधीर कुमार को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) का उप परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है।

मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग को सौंपी गई सेवाएं

​प्रशासनिक कार्यकुशलता को देखते हुए कई अधिकारियों को उप निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर प्रतिनियुक्त करने हेतु उनकी सेवाएं मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग को सौंपी गई हैं। इनमें कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की अवर सचिव कुमुदिनी टुडू, पदस्थापन की प्रतीक्षा में चल रहे ललन कुमार और बिपिन कुमार दुबे शामिल हैं।

​इसके साथ ही सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की अवर सचिव पायल राज, गढ़वा के अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, पदस्थापन की प्रतीक्षा में चल रही पारुल सिंह, पूर्वी सिंहभूम की जिला भू-अर्जन पदाधिकारी गुंजन कुमारी सिन्हा, पाकुड़ के जिला परिवहन पदाधिकारी मोजााहिद अंसारी, जामताड़ा के जिला आपूर्ति पदाधिकारी कयूम अंसारी और हजारीबाग के जिला पंचायत राज पदाधिकारी रविन्द्र कुमार को भी उप निर्वाचन पदाधिकारी के पद पर प्रतिनियुक्त किया गया है।

अनुमंडल एवं विशेष जिला स्तरीय नियुक्तियां

​हजारीबाग-रांची एन०जी० पाइप लाइन परियोजना के सक्षम प्राधिकार राजेश ढुंगढुंग को जमशेदपुर का जिला भू-अर्जन पदाधिकारी बनाया गया है, साथ ही उन्हें आदित्यपुर के विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी कार्यालय संख्या 1 और 3 का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इसके अलावा पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे संजय पाण्डेय को मेदिनीनगर (पलामू) का अनुमंडल पदाधिकारी, कुमार मयंक भूषण को गढ़वा का अनुमंडल पदाधिकारी और सार्ड के व्याख्याता रवि शंकर को जिला आपूर्ति पदाधिकारी (दुमका) के पद पर तैनात किया गया है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) एवं अंचल अधिकारी (CO) नियुक्तियां

​विभिन्न प्रखंडों और अंचलों में सुचारू कामकाज के लिए नई तैनातियां की गई हैं। प्रतीक्षा सूची में चल रहे राकेश कुमार श्रीवास्तव को रातू (रांची) का प्रखंड विकास पदाधिकारी, गुलजार अंजुम को अड़की (खूंटी) का बीडीओ-सह-सीओ और अभिषेक कुमार को आनन्दपुर (पश्चिम सिंहभूम) का बीडीओ-सह-सीओ बनाया गया है। इसके अलावा, विजय कुमार नंबर-1 को सतबरवा (पलामू) का बीडीओ-सह-सीओ, रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार के निगरानी पदाधिकारी सुशान्त कुमार मुखर्जी को धनबाद का जिला पंचायत राज पदाधिकारी, असलम को सगामा (गढ़वा) का बीडीओ-सह-सीओ, आशीष कुमार मंडल को उधवा (साहेबगंज) का अंचल अधिकारी और समीर कच्छप को रनिया (खूंटी) का अंचल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नगर विकास एवं आवास विभाग में पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे राजीव कुमार मिश्र को मानगो नगर निगम का उप नगर आयुक्त तथा प्रवीण कुमार सिंह को बरडीहा (गढ़वा) का बीडीओ-सह-सीओ बनाया गया है।

​इसी क्रम में आशीष कुमार को पाटन (पलामू) का अंचल अधिकारी, मधुश्री मिश्रा को विष्णुगढ़ (हजारीबाग) का प्रखंड विकास पदाधिकारी, हरिश्चन्द्र मुण्डा को तरहसी (पलामू) का प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी और अमित कुमार श्रीवास्तव को सरायकेला का बीडीओ-सह-सीओ बनाया गया है। सुमन कुमार सौरभ को बरकट्ठा (हजारीबाग) का बीडीओ-सह-सीओ, अरविन्द देवाशीष टोप्पो को विशुनपुर (गुमला) का बीडीओ-सह-सीओ, गढ़वा सदर के अंचल अधिकारी शफी आलम को बेंगाबाद (गिरिडीह) का अंचल अधिकारी, जगन्नाथपुर के बीडीओ सत्यम कुमार को चैनपुर (पलामू) का अंचल अधिकारी तथा प्रताप मिंज को डंडई (गढ़वा) का बीडीओ-सह-सीओ नियुक्त किया गया है।

​लातेहार सदर के कार्यपालक दंडाधिकारी अनिल कुमार मिंज को तमाड़ (रांची) का प्रखंड विकास पदाधिकारी और तोपचांची के बीडीओ एजाज हुसैन अंसारी को करमाटांड़ विद्यासागर (जामताड़ा) का प्रखंड विकास पदाधिकारी बनाया गया है। हुसैनाबाद (पलामू) के कार्यपालक दंडाधिकारी अनन्त कुमार झा को सेवा राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को सौंपते हुए हजारीबाग जिला अंतर्गत इचाक अंचल का नया अंचल अधिकारी (CO) नियुक्त किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग में पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे पार्श्व नंदन को पालोजोरी (देवघर) का बीडीओ-सह-सीओ बनाया गया है।

​गोविन्दपुर (धनबाद) के अंचल अधिकारी धर्मेन्द्र कुमार दुबे को धनवार (गिरिडीह) का अंचल अधिकारी और पाटन (पलामू) के बीडीओ अनिल कुमार झा को टाटीझरिया (हजारीबाग) का नया अंचल अधिकारी बनाया गया है। धालभूमगढ़ के कार्यपालक दंडाधिकारी सुदीप्त राज को अरगोड़ा (रांची) का अंचल अधिकारी और धनबाद के कार्यपालक दंडाधिकारी रविन्द्र नाथ ठाकुर को धालभूम (पूर्वी सिंहभूम) का कार्यपालक दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है। बुंडू (रांची) की कार्यपालक दंडाधिकारी अंजली मेहता को पदमा (हजारीबाग) का प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी बनाया गया है। करमाटांड़ विद्यासागर की बीडीओ नुपुर कुमारी को तोपचांची (धनबाद) का प्रखंड विकास पदाधिकारी, चतरा सदर के बीडीओ हरिनाध महतो को दुमका सदर का प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रतीक्षारत धीरेन्द्र टुडू को ईटकी (रांची) का अंचल अधिकारी और कोडरमा के कार्यपालक दंडाधिकारी ओम प्रकाश बड़ाईक को गांडेय (गिरिडीह) का अंचल अधिकारी बनाया गया है।

​बेंगाबाद के अंचल अधिकारी अमीर हमजा को सिमडेगा का कार्यपालक दंडाधिकारी, देवघर सदर के कार्यपालक दंडाधिकारी ओम प्रियदर्शी गुप्ता को गढ़वा सदर का अंचल अधिकारी, चतरा सदर के कार्यपालक दंडाधिकारी अनुजंन झा को धुरकी (गढ़वा) का प्रखंड विकास पदाधिकारी, सरायकेला-खरसावां के कार्यपालक दंडाधिकारी कमलेश कुमार दास को नारायणपुर (जामताड़ा) का प्रखंड विकास पदाधिकारी और गांडेय के अंचल अधिकारी हुसैन को गढ़वा का कार्यपालक दंडाधिकारी नियुक्त किया गया है। खूंटी सदर के कार्यपालक दंडाधिकारी विपिन चन्द्र विश्वास को केरेडारी (हजारीबाग) का अंचल अधिकारी, रामगढ़ सदर की कार्यपालक दंडाधिकारी अम्बिका कुमारी को जगन्नाथपुर (पश्चिम सिंहभूम) का प्रखंड विकास पदाधिकारी, पलामू के पदस्थापन उप समाहर्ता राजीव कुमार को बरकठ्ठा (गढ़वा) का प्रखंड विकास पदाधिकारी, साहेबगंज के पदस्थापन उप समाहर्ता पवन कुमार को लिट्टीपाड़ा (पाकुड़) का अंचल अधिकारी, गढ़वा के पदस्थापन उप समाहर्ता रविकांत शर्मा को अल्बर्टएक्का (गुमला) का बीडीओ-सह-सीओ, गिरिडीह के पदस्थापन उप समाहर्ता माढ़वारी साहु को रामगढ़ (पलामू) का प्रखंड विकास पदाधिकारी और धनवार (गिरिडीह) के अंचल अधिकारी यशवंत कुमार सिन्हा को गोविन्दपुर (धनबाद) का नया अंचल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

महत्वपूर्ण निर्देश

​इस अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि जिन पदाधिकारियों को अनुमंडल पदाधिकारी अथवा कार्यपालक दंडाधिकारी के पद पर पदस्थापित किया गया है, उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-14 के तहत संबंधित अनुमंडल के लिए दंडाधिकारी की शक्तियां प्रदान की जाती हैं। इसके अतिरिक्त, यदि किसी प्रखंड या अंचल में पहले से ही एक ही पदाधिकारी बीडीओ और सीओ दोनों के दायित्व संभाल रहे हैं, तो वे अगले आदेश तक दोनों प्रभारों में बने रहेंगे। प्रभार से मुक्त होने वाले सभी पदाधिकारियों को कार्मिक विभाग में योगदान करने का निर्देश दिया गया है।

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हजारीबाग: उपायुक्त हेमंत सती का सदर प्रखंड कार्यालय में औचक निरीक्षण; लापरवाही पर सख्त, सुधार के दिए कड़े निर्देश

हजारीबाग: उपायुक्त हेमंत सती का सदर प्रखंड कार्यालय में औचक निरीक्षण; लापरवाही पर सख्त, सुधार के दिए कड़े निर्देश

म्यूटेशन मामलों में तेजी लाने और मंगलवार-शुक्रवार को कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य करने का आदेश; कार्यालय परिसर को आकर्षक बनाने की पहल।

नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी प्रधान संपादक. 

हजारीबाग: जिले के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गतिशीलता लाने के उद्देश्य से उपायुक्त हेमंत सती एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को उपायुक्त ने बिना किसी पूर्व सूचना के सदर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने न केवल फाइलों की जांच की, बल्कि धरातल पर जन-सुविधाओं की स्थिति को भी परखा।

dc hazaribagh ne sadar prakhand aur anchal ka kiya nirakshan.
 

अभिलेखों और पंजी की गहन जांच निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने पंचायतों की संख्या, हल्का की स्थिति और वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के आंकड़ों का मिलान किया। उन्होंने विभिन्न पंजियों और सरकारी अभिलेखों की बारीकी से जांच की। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से सीधे संवाद कर उनके दैनिक कार्यों और दायित्वों के बारे में जानकारी ली। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

dc in sadar block.

आम जनता के लिए तय किए दिन सदर अंचल अधिकारी से चर्चा करते हुए उपायुक्त ने लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा कि प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को संबंधित कर्मचारी अनिवार्य रूप से अपने कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। यह व्यवस्था इसलिए सुनिश्चित की गई है ताकि दूर-दराज से आने वाली आम जनता को अपने कार्यों के लिए भटकना न पड़े और उनकी समस्याओं का त्वरित निष्पादन हो सके।

म्यूटेशन और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्देश भूमि संबंधी मामलों (म्यूटेशन) की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लंबित आवेदनों को जल्द से जल्द निष्पादित करने का आदेश दिया। उन्होंने अंचल निरीक्षक कक्ष का भी मुआयना किया और रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित तरीके से रखने पर बल दिया। इसके अलावा, उन्होंने सभी चौकीदारों को सख्त हिदायत दी कि वे ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से अपनी निर्धारित वर्दी (ड्रेस कोड) में रहें।

परिसर के सौंदर्यीकरण पर जोर कार्यालय परिसर के अवलोकन के दौरान उपायुक्त ने अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न कमरों में जमा अनावश्यक कागजों और कबाड़ को तुरंत हटाने के निर्देश दिए। परिसर को सुव्यवस्थित और आकर्षक बनाने के लिए उन्होंने निम्नलिखित कार्यों के आदेश दिए:

  • स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था।

  • परिसर में पेवर ब्लॉक का निर्माण और वृक्षारोपण।

  • आम जनता के बैठने के लिए शेड का निर्माण।

  • नियमित साफ-सफाई का प्रबंधन।

उपायुक्त के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट है कि जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक जन-हितैषी बनाने की तैयारी की जा चुकी है।

हजारीबाग उपायुक्त का समाहरणालय में औचक निरीक्षण: कार्यालयों की कार्यप्रणाली परखी, अधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन के दिए निर्देश

 हजारीबाग उपायुक्त का समाहरणालय में औचक निरीक्षण: कार्यालयों की कार्यप्रणाली परखी, अधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन के दिए निर्देश

डीसी हेमंत सती ने फाइलों के रख-रखाव और जनहित के कार्यों की प्रगति का लिया जायजा; लापरवाह कार्यशैली पर सुधार के सख्त निर्देश।

हजारीबाग, झारखंड:

हजारीबाग के नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती ने आज जिला प्रशासन की कार्यशैली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित विभिन्न सरकारी कार्यालयों का व्यापक निरीक्षण किया। शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को हुए इस औचक निरीक्षण से समाहरणालय परिसर में दिनभर हलचल मची रही। उपायुक्त ने एक-एक कर विभिन्न विभागों का जायजा लिया और अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ-साथ फाइलों के निष्पादन की स्थिति को देखा।

Upaukt Hemant Sati 

कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने कार्यालयों में संचालित दैनिक कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कर्मियों से संवाद किया और उनके दायित्वों व कार्यप्रणाली के संबंध में पूछताछ की। उपायुक्त ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुँचने में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।

Karyalayon ka nirakshan

अभिलेखों के संधारण पर जो

डीसी ने निरीक्षण के क्रम में कार्यालयों में संधारित किए जा रहे अभिलेखों (Records) और रजिस्टरों की जांच की। उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर फाइलों के रख-रखाव में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

सभी महत्वपूर्ण फाइलों और अभिलेखों का संधारण सुव्यवस्थित तरीके से किया जाए।

लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो ताकि फरियादियों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

कार्यालय परिसर में स्वच्छता और अनुशासित कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए।

पदाधिकारियों को सख्त निर्देश

उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। सती ने कहा कि "प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है, और इसके लिए कार्यालयों का सुचारू रूप से चलना अनिवार्य है।"

इस निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ जिला स्तर के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। जिला प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में उपायुक्त द्वारा प्रखंड स्तरीय कार्यालयों का भी इसी प्रकार निरीक्षण किया जा सकता है।

हजारीबाग DC हेमंत सती का 'एक्शन मोड'; जनता दरबार में सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

हजारीबाग DC हेमंत सती का 'एक्शन मोड'; जनता दरबार में सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

संवेदनशीलता और समाधान: विधवा पेंशन से लेकर सेवानिवृत्ति लाभ तक, उपायुक्त ने विभिन्न मामलों पर तय की समय सीमा।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क)।

हजारीबाग के नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती ने कार्यभार संभालते ही आम जनता की समस्याओं के सीधे समाधान के लिए 'जनता दरबार' का आयोजन किया। समाहरणालय स्थित कार्यालय में आयोजित इस दरबार में उपायुक्त ने न केवल लोगों की शिकायतें सुनीं, बल्कि कई मामलों में ऑन-द-स्पॉट संबंधित अधिकारियों को कड़ी समय सीमा के भीतर निष्पादन के निर्देश भी दिए।

Hazaribagh DC ka Janta-Darbaar.

लाचार परिवारों को सरकारी योजनाओं का सहारा

​जनता दरबार में दारू प्रखंड की निवासी सुशीला कुमारी ने अपनी व्यथा सुनाई। पति की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी और ससुर की किडनी की बीमारी से जूझ रही सुशीला ने सहायता की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुशीला को तत्काल निम्नलिखित योजनाओं से जोड़ा जाए:

  • स्पॉन्सरशिप योजना और विधवा पेंशन
  • नया राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड
  • मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत उपचार सहायता

पेंशन और बकाया राशि पर सख्त निर्देश

​सेवानिवृत्त शिक्षिका विद्यावती कुमारी ने अपने स्थानांतरण अनुदान की बकाया राशि के भुगतान के लिए आवेदन दिया। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को फटकार लगाते हुए 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने और भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लाभ में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिव्यांगता और जमीन से जुड़े मामले

​कोलघट्टी निवासी आयुष सिन्हा ने अपनी दिव्यांगता का हवाला देते हुए आवागमन के लिए ट्राई-साइकिल की मांग की, जिस पर समाज कल्याण पदाधिकारी को तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया गया। वहीं, खिरगांव के पाचू साव द्वारा भूमि के रैयतीकरण और मालगुजारी रसीद से संबंधित शिकायत पर खास महल पदाधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।

अफसरशाही को संदेश: 'संवेदनशीलता ही प्राथमिकता'

​जनता दरबार में भू-मापी, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), आवास योजना और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं से जुड़े दर्जनों आवेदन प्राप्त हुए। सभी विभागों को प्राथमिकता के आधार पर काम करने का निर्देश देते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने कहा:

"जनता दरबार का एकमात्र उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान है। सभी पदाधिकारी फाइलों को अटकाने के बजाय संवेदनशीलता के साथ जनहित के मामलों का निष्पादन करें।"


निष्कर्ष

​हजारीबाग में नए उपायुक्त की यह सक्रियता संकेत देती है कि जिले में प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी। जनता दरबार में उमड़ी भीड़ और मौके पर हुए फैसलों से आम नागरिकों में उम्मीद जगी है कि अब उनके लंबित मामलों का निपटारा तेजी से होगा।

प्रस्तुति: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

हजारीबाग में रामनवमी की अभूतपूर्व तैयारियां: सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्रशासन का विशेष जोर

हजारीबाग में रामनवमी की अभूतपूर्व तैयारियां: सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्रशासन का विशेष जोर

HAZARIBAGH: झारखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी के रूप में विख्यात हजारीबाग शहर एक बार फिर विश्व प्रसिद्ध रामनवमी महापर्व के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। वर्ष 2026 की रामनवमी को ऐतिहासिक, शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में प्रशासनिक अमले ने जमीन पर उतरकर तैयारियों का जायजा लिया ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक की गुंजाइश न रहे। जिले के आला अधिकारियों ने स्वयं सड़कों पर उतरकर सुरक्षा मानकों और जन सुविधाओं की समीक्षा की है, जो इस बार के आयोजन की गंभीरता को दर्शाता है।

हजारीबाग में रामनवमी जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

शुक्रवार को हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य उन सभी संवेनदशील और महत्वपूर्ण बिंदुओं की पहचान करना था, जहां से भव्य रामनवमी जुलूस गुजरना है। इस दौरान अधिकारियों ने जुलूस मार्ग के एक-एक मोड़ और चौराहे का सूक्ष्म अवलोकन किया। प्रशासन का मानना है कि केवल कागजी योजनाओं से बेहतर है कि धरातल पर मौजूद चुनौतियों को समझकर उनका तत्काल समाधान निकाला जाए। इसी सोच के साथ पूरी रूट मैप की बारीकी से जांच की गई।

हजारीबाग में रामनवमी जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी-1

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर इस बार प्रशासन ने एक नई और आधुनिक दृष्टि अपनाई है। अक्सर भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में एम्बुलेंस का समय पर पहुंचना एक बड़ी चुनौती होती है, इस समस्या के समाधान के लिए हजारीबाग प्रशासन ने बाइक एम्बुलेंस की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। यह पहल संकरी गलियों और भारी भीड़ के बीच तत्काल प्राथमिक उपचार पहुंचाने में क्रांतिकारी सिद्ध होगी। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ट्रॉमा सेंटर की सक्रियता और रक्त की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया। यह सुनिश्चित किया गया है कि आपात स्थिति में रक्त की कोई कमी न हो और मेडिकल टीमें चौबीसों घंटे तैनात रहें।

हजारीबाग में रामनवमी जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी-2

शहर के निजी अस्पतालों को भी इस बार बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित के इस बड़े आयोजन में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों का समन्वय आवश्यक है। उप विकास आयुक्त रिया सिंह को निर्देशित किया गया है कि वे सभी निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ संवाद स्थापित करें ताकि किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में घायलों को अविलंब और श्रेष्ठ उपचार मिल सके। अस्पताल की पार्किंग से लेकर दवाओं के स्टॉक तक, हर छोटी कड़ी को मजबूती से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आम नागरिकों का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।

हजारीबाग में रामनवमी जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी-3

सड़कों पर सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा रहा है। जामा मस्जिद रोड और मुख्य मंच जैसे संवेदनशील और प्रमुख स्थलों पर प्रशासन की पैनी नजर है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि जिन स्थानों पर पूर्व में बैरिकेडिंग कम पाई गई थी, वहां अतिरिक्त मजबूती के साथ घेराबंदी की जाए। इसके साथ ही, रात के समय जुलूस की भव्यता और सुरक्षा को देखते हुए पूरे मार्ग पर दूधिया रोशनी का प्रबंध करने की योजना है। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न केवल सौंदर्य बढ़ाती है, बल्कि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने में भी पुलिस की मदद करती है।

प्रशासनिक स्तर पर की जा रही इन व्यापक तैयारियों के बीच उपायुक्त ने हजारीबाग की जनता से भी विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। इसे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना न केवल प्रशासन की बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की बात कही गई है। हजारीबाग का इतिहास साझा संस्कृति का रहा है और इस बार भी प्रशासन उसी गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए संकल्पित है।

कुल मिलाकर, हजारीबाग जिला प्रशासन इस बार तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के माध्यम से रामनवमी को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता, पुलिस की मुस्तैदी और नागरिक सुविधाओं का विस्तार यह सुनिश्चित करता है कि श्रद्धालु बिना किसी भय और असुविधा के अपनी आस्था का उत्सव मना सकें। आने वाले दिनों में सुरक्षा जांच के और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

Naresh Soni Editor in Chief.

हजारीबाग में झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति की बड़ी बैठक, विकास योजनाओं और मुआवजे पर कड़ा रुख

हजारीबाग में झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति की बड़ी बैठक, विकास योजनाओं और मुआवजे पर कड़ा रुख

हजारीबाग: झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने मंगलवार को हजारीबाग जिले का आधिकारिक दौरा किया। इस महत्वपूर्ण दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही विभिन्न जन-कल्याणकारी और विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखना और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करना था। परिसदन भवन में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के विकास का खाका खींचते हुए कई लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

हजारीबाग परिसदन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति के सभापति और सदस्य।

समिति की अध्यक्षता और उपस्थिति

इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में समिति के माननीय सदस्य मंगल कालिंदी एवं रोशन लाल चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए इस संवाद में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोपरि रखा गया। जिला प्रशासन की ओर से उपविकास आयुक्त रिया सिंह, अपर समाहर्ता संतोष सिंह सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे।

प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

बैठक के दौरान समिति ने केवल कागजी आंकड़ों पर संतोष न जताते हुए, निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही व्यावहारिक बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की। विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया

विधायक फंड और विकास कार्य: विधानसभा सदस्यों के कोष से संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

DMFT और CSR मद: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर खर्च होने वाली राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

जलापूर्ति योजनाएं: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की किल्लत को दूर करने के लिए चल रही पाइपलाइन योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर समिति ने चिंता जताई।

NTPC मुआवजा और विस्थापन का मुद्दा

बैठक का सबसे संवेदनशील हिस्सा NTPC से संबंधित मुआवजा भुगतान का रहा। समिति ने एनटीपीसी के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन (Updated) रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करें। विस्थापितों और प्रभावितों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अवैध बालू खनन और राजस्व पर चर्चा

जिले में हो रहे अवैध बालू खनन पर रोक लगाने के लिए समिति ने कड़ा रुख अपनाया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अवैध उत्खनन के खिलाफ टास्क फोर्स को सक्रिय करें और राजस्व की क्षति को रोकें। इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन और खनन विभाग की कार्यप्रणाली की भी बारीकी से जांच की गई।

किसानों के हित में कड़े निर्देश

पैक्स (PACS) के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में हो रही देरी को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव को फटकार लगाई गई। सभापति ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिलना चाहिए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनी रहे।

प्रशासनिक जवाबदेही और अंतिम व्यक्ति तक लाभ

सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, "लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही हमारी सफलता है। अधिकारियों को केवल फाइलों तक सीमित न रहकर धरातल पर उतरकर कार्य करना होगा।" उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और समयबद्ध कार्यशैली अपनाने पर जोर दिया।

बैठक में शामिल अन्य पदाधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में डीआरडीए निदेशक मां देवप्रिया, भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती, जिला योजना पदाधिकारी पंकज तिवारी सहित भवन प्रमंडल और पीएचईडी विभाग के कई अभियंता और कर्मचारी उपस्थित थे।

हजारीबाग उपायुक्त की अनूठी पहल: समाहरणालय में लगा रक्तदान शिविर, DC सहित कई अधिकारियों ने किया रक्तदान

हजारीबाग उपायुक्त की अनूठी पहल: समाहरणालय में लगा रक्तदान शिविर, DC सहित कई अधिकारियों ने किया रक्तदान

रक्तदान महादान: हजारीबाग समाहरणालय में 28 यूनिट रक्त संग्रहित, उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने पेश की मिसाल
"हजारीबाग समाहरणालय में रक्तदान करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं अन्य अधिकारी।"


हजारीबाग: समाज में मानवता की सेवा और जरूरतमंदों की मदद के उद्देश्य से हजारीबाग जिला प्रशासन ने एक सराहनीय कदम उठाया है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के दिशा-निर्देश पर गुरुवार को समाहरणालय परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक विशेष रक्तदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर की खास बात यह रही कि स्वयं उपायुक्त ने आगे बढ़कर रक्तदान किया और समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया।

पदाधिकारियों और कर्मियों में दिखा भारी उत्साह

समाहरणालय परिसर में आयोजित इस शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के कर्मियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उपायुक्त के साथ-साथ जिले के कई बड़े पदाधिकारियों ने भी रक्तदान कर इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम की देखरेख में चले इस अभियान के दौरान कुल 28 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जिसका उपयोग आपात स्थिति में जरूरतमंद मरीजों के लिए किया जाएगा।

रक्तदान जीवन बचाने का संकल्प: उपायुक्त

इस अवसर पर उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्तदान केवल एक दान नहीं, बल्कि जीवन बचाने का एक संकल्प है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे नियमित रूप से रक्तदान करें ताकि जिले में रक्त की कमी के कारण किसी की जान न जाए।

जागरूकता बढ़ाने की कोशिश

जिला प्रशासन का उद्देश्य इस तरह के आयोजनों के माध्यम से समाज में रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को इस मानवीय अभियान का हिस्सा बनाना है। शिविर के सफल संचालन में स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम और संबंधित अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


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