हजारीबाग DC हेमंत सती का 'एक्शन मोड'; जनता दरबार में सुनी फरियाद, अधिकारियों को दिए समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
संवेदनशीलता और समाधान: विधवा पेंशन से लेकर सेवानिवृत्ति लाभ तक, उपायुक्त ने विभिन्न मामलों पर तय की समय सीमा।
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क)।
हजारीबाग के नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती ने कार्यभार संभालते ही आम जनता की समस्याओं के सीधे समाधान के लिए 'जनता दरबार' का आयोजन किया। समाहरणालय स्थित कार्यालय में आयोजित इस दरबार में उपायुक्त ने न केवल लोगों की शिकायतें सुनीं, बल्कि कई मामलों में ऑन-द-स्पॉट संबंधित अधिकारियों को कड़ी समय सीमा के भीतर निष्पादन के निर्देश भी दिए।
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| Hazaribagh DC ka Janta-Darbaar. |
लाचार परिवारों को सरकारी योजनाओं का सहारा
जनता दरबार में दारू प्रखंड की निवासी सुशीला कुमारी ने अपनी व्यथा सुनाई। पति की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी और ससुर की किडनी की बीमारी से जूझ रही सुशीला ने सहायता की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुशीला को तत्काल निम्नलिखित योजनाओं से जोड़ा जाए:
- स्पॉन्सरशिप योजना और विधवा पेंशन
- नया राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड
- मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत उपचार सहायता
पेंशन और बकाया राशि पर सख्त निर्देश
सेवानिवृत्त शिक्षिका विद्यावती कुमारी ने अपने स्थानांतरण अनुदान की बकाया राशि के भुगतान के लिए आवेदन दिया। उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को फटकार लगाते हुए 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने और भुगतान की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लाभ में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दिव्यांगता और जमीन से जुड़े मामले
कोलघट्टी निवासी आयुष सिन्हा ने अपनी दिव्यांगता का हवाला देते हुए आवागमन के लिए ट्राई-साइकिल की मांग की, जिस पर समाज कल्याण पदाधिकारी को तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया गया। वहीं, खिरगांव के पाचू साव द्वारा भूमि के रैयतीकरण और मालगुजारी रसीद से संबंधित शिकायत पर खास महल पदाधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।
अफसरशाही को संदेश: 'संवेदनशीलता ही प्राथमिकता'
जनता दरबार में भू-मापी, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), आवास योजना और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं से जुड़े दर्जनों आवेदन प्राप्त हुए। सभी विभागों को प्राथमिकता के आधार पर काम करने का निर्देश देते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने कहा:
"जनता दरबार का एकमात्र उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान है। सभी पदाधिकारी फाइलों को अटकाने के बजाय संवेदनशीलता के साथ जनहित के मामलों का निष्पादन करें।"
निष्कर्ष
हजारीबाग में नए उपायुक्त की यह सक्रियता संकेत देती है कि जिले में प्रशासनिक जवाबदेही तय की जाएगी। जनता दरबार में उमड़ी भीड़ और मौके पर हुए फैसलों से आम नागरिकों में उम्मीद जगी है कि अब उनके लंबित मामलों का निपटारा तेजी से होगा।
प्रस्तुति: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग।
रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

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