हजारीबाग में झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति की बड़ी बैठक, विकास योजनाओं और मुआवजे पर कड़ा रुख
हजारीबाग: झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने मंगलवार को हजारीबाग जिले का आधिकारिक दौरा किया। इस महत्वपूर्ण दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही विभिन्न जन-कल्याणकारी और विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखना और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करना था। परिसदन भवन में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के विकास का खाका खींचते हुए कई लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
![]() |
| हजारीबाग परिसदन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति के सभापति और सदस्य। |
समिति की अध्यक्षता और उपस्थिति
इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में समिति के माननीय सदस्य मंगल कालिंदी एवं रोशन लाल चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए इस संवाद में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोपरि रखा गया। जिला प्रशासन की ओर से उपविकास आयुक्त रिया सिंह, अपर समाहर्ता संतोष सिंह सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे।
प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान समिति ने केवल कागजी आंकड़ों पर संतोष न जताते हुए, निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही व्यावहारिक बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की। विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया
विधायक फंड और विकास कार्य: विधानसभा सदस्यों के कोष से संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
DMFT और CSR मद: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर खर्च होने वाली राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
जलापूर्ति योजनाएं: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की किल्लत को दूर करने के लिए चल रही पाइपलाइन योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर समिति ने चिंता जताई।
NTPC मुआवजा और विस्थापन का मुद्दा
बैठक का सबसे संवेदनशील हिस्सा NTPC से संबंधित मुआवजा भुगतान का रहा। समिति ने एनटीपीसी के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन (Updated) रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करें। विस्थापितों और प्रभावितों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अवैध बालू खनन और राजस्व पर चर्चा
जिले में हो रहे अवैध बालू खनन पर रोक लगाने के लिए समिति ने कड़ा रुख अपनाया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अवैध उत्खनन के खिलाफ टास्क फोर्स को सक्रिय करें और राजस्व की क्षति को रोकें। इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन और खनन विभाग की कार्यप्रणाली की भी बारीकी से जांच की गई।
किसानों के हित में कड़े निर्देश
पैक्स (PACS) के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में हो रही देरी को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव को फटकार लगाई गई। सभापति ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिलना चाहिए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनी रहे।
प्रशासनिक जवाबदेही और अंतिम व्यक्ति तक लाभ
सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, "लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही हमारी सफलता है। अधिकारियों को केवल फाइलों तक सीमित न रहकर धरातल पर उतरकर कार्य करना होगा।" उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और समयबद्ध कार्यशैली अपनाने पर जोर दिया।
बैठक में शामिल अन्य पदाधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में डीआरडीए निदेशक मां देवप्रिया, भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती, जिला योजना पदाधिकारी पंकज तिवारी सहित भवन प्रमंडल और पीएचईडी विभाग के कई अभियंता और कर्मचारी उपस्थित थे।

No comments
Post a Comment