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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी की मौजूदगी में शुरू हुई दिशा की बैठक; बिना आंकड़ों के पहुंचे सिविल सर्जन की सदन ने ताली बजाकर की खिंचाई

हजारीबाग 'दिशा' की बैठक में लापरवाह अधिकारियों पर बरसे सांसद मनीष जायसवाल; स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल विभाग को बताया फिसड्डी

दोपहर 12:36 बजे केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के प्रस्थान के बाद उपाध्यक्ष सह सांसद मनीष जायसवाल ने संभाली बैठक की कमान।

मनरेगा, पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन और अमृत सहित केंद्र व राज्य सरकार की दर्जनों विकास योजनाओं की हुई गहन समीक्षा।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग: जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक पूर्व निर्धारित समयानुसार अत्यंत गरमागरम माहौल में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत मुख्य रूप से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद माननीय अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में हुई। दोपहर 12:36 बजे केंद्रीय मंत्री ने दिशा के उपाध्यक्ष सह हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल को आगे की बैठक संचालित करने का निर्देश दिया और वे अपने अगले कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान कर गईं। इसके बाद पूरी बैठक की कमान सांसद मनीष जायसवाल ने संभाली।

Disha Ki Baithak Sampann.

अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना लक्ष्य, राज्य सरकार पर निशाना:

बैठक को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इस त्रैमासिक बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। समीक्षा के दौरान उन्होंने वर्तमान राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए उसे बैशाखी पर टिकी सरकार करार दिया। उन्होंने तंज कसा कि इस बार की समीक्षा में स्वास्थ्य विभाग खुद बीमार पाया गया है, जबकि पेयजल एवं स्वच्छता तथा बिजली विभाग पूरी तरह फिसड्डी साबित हुए हैं।

दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं

Disha Ki Baithak.

की गहन समीक्षा:

उच्चस्तरीय बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की तमाम महत्वपूर्ण योजनाओं पर बिंदुवार चर्चा की गई। इसमें मुख्य रूप से मनरेगा, अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना, उज्ज्वला योजना, नेशनल हेल्थ मिशन और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। इसके साथ ही रेलवे, हाईवे, माइंस, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना और आदर्श ग्राम योजना जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई।

Disha Ki Baithak ke Bahar Aate Saansad Manish Jaiswal , Mantri Annapurna Devi

बिना आंकड़ों के पहुंचे अधिकारियों का ताली बजाकर विरोध:

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, बिजली और बैंकिंग क्षेत्र के अधिकारियों को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। जिले के सिविल सर्जन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी सुप्रिटेंडेंट जब बिना किसी सटीक आंकड़े के बैठक में पहुंचे, तो सदन के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से ताली बजाकर अनोखे अंदाज में उनकी कुव्यवस्था और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का प्रतिकार किया। इसके अलावा, मुद्रा लोन को लेकर शिथिलता बरतने पर बैंक अधिकारियों को भी कड़ी फटकार लगाई गई।

बिजली विभाग के 'झूठे' दावों पर भड़का सदन:

बिजली विभाग पर तंज कसते हुए सांसद ने कहा कि विभाग इतनी 'बेहतर' बिजली दे रहा है कि जनता त्रस्त है। लोहसिंघना फीडर में विभागीय लापरवाही के कारण सैकड़ों उपभोक्ताओं के एसी, कूलर और पंखे जलने का मुद्दा सदन में गूंजा। जब बिजली अधिकारियों ने जिले में 20 से 22 घंटे बिजली देने का दावा किया, तो सदन के सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में उनके इस दावे को झूठ बताते हुए जमकर लताड़ लगाई। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को भी खराब चापानलों और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को तुरंत सुदृढ़ करने की हिदायत दी गई।

लापरवाह अधिकारियों को सख्त निर्देश:

सांसद मनीष जायसवाल ने आरईओ (ग्रामीण कार्य संगठन) के कार्यपालक अभियंता की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि क्षेत्र में सड़कों के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही एनएचएआई को सर्विस लेन दुरुस्त करने, प्रखंड स्तर पर दिव्यांगता प्रमाण पत्र के लिए कैंप लगाने, एल एंड टी कंपनी के जलापूर्ति कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और सभी पात्र दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

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बैठक में उपस्थित गणमान्य:

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से सांसद मनीष जायसवाल, बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो, बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता, जिला परिषद उपाध्यक्ष किशुन यादव और मेयर अरविंद राणा उपस्थित थे। प्रशासनिक अधिकारियों में उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, उपविकास आयुक्त रिया सिंह सहित कई अन्य वरीय अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण / संपादकीय टिप्पणी (Sampadakiye)

​हजारीबाग 'दिशा' की बैठक में जनप्रतिनिधियों का जो कड़ा रुख देखने को मिला, वह जिला प्रशासन और विभिन्न तकनीकी विभागों के लिए एक गंभीर चेतावनी है। जब जिले के सिविल सर्जन और मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार अधिकारी बिना किसी ठोस आंकड़े के इतनी महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक में पहुंच जाएं, तो व्यवस्था के प्रति उनकी गंभीरता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। सदन द्वारा ताली बजाकर किया गया अनोखा विरोध अधिकारियों की कार्यशैली पर एक बड़ा तमाचा है।

​बिजली विभाग द्वारा एसी, कूलर जलने जैसी गंभीर शिकायतों के बीच 22 घंटे निर्बाध आपूर्ति का कागजी दावा करना यह साबित करता है कि जमीनी हकीकत और दफ्तरी दावों में कितना बड़ा फासला है। जनप्रतिनिधियों का यह गुस्सा पूरी तरह जायज है क्योंकि जनता के प्रति सीधे तौर पर वही जवाबदेह होते हैं। अधिकारियों को यह समझना होगा कि जन कल्याणकारी योजनाएं फाइलों को चमकाने के लिए नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन को सुगम बनाने के लिए हैं। केवल फटकार से काम नहीं चलेगा, अब जिला प्रशासन को लापरवाह अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

जन सुझाव / पब्लिक सजेशंस (Public Suggestions)

  1. अधिकारियों की जवाबदेही और 'एक्शन टेकन रिपोर्ट': बैठक में जिन विभागों (विशेषकर स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल) को फटकार लगी है, जिला प्रशासन उनसे अगले 15 दिनों के भीतर की गई सुधारात्मक कार्रवाई की 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) तलब करे और उसे सार्वजनिक करे।
  2. बिजली नुकसान का मुआवजा और तकनीकी ऑडिट: लोहसिंघना फीडर में जिन उपभोक्ताओं के उपकरण विभागीय लापरवाही से जले हैं, उसकी जांच कर तकनीकी खराबी को दुरुस्त किया जाए और भविष्य में ऐसी हाई-वोल्टेज या न्यूट्रल फॉल्ट की घटनाओं को रोकने के लिए सेफ्टी रिले स्थापित किए जाएं।
  3. सटीक डेटा के साथ बैठक की अनिवार्यता: भविष्य में होने वाली बैठकों के लिए एक कड़ा प्रोटोकॉल बने कि कोई भी विभागाध्यक्ष बिना डिजिटल प्रजेंटेशन और सटीक आंकड़ों के शामिल नहीं होगा। अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों (जैसे आरईओ इंजीनियर) पर तत्काल शो-कॉज नोटिस जारी हो।
  4. जलापूर्ति व डंपिंग यार्ड का थर्ड पार्टी असेसमेंट: हजारीबाग शहरी जलापूर्ति योजना में एल एंड टी कंपनी के कार्यों और मंडई स्थित डंपिंग यार्ड की कचरा गाड़ियों की सुरक्षा के लिए एक स्वतंत्र तकनीकी टीम से थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए, ताकि नगर निगम की पारदर्शिता बनी रहे।

हजारीबाग में झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति की बड़ी बैठक, विकास योजनाओं और मुआवजे पर कड़ा रुख

हजारीबाग में झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति की बड़ी बैठक, विकास योजनाओं और मुआवजे पर कड़ा रुख

हजारीबाग: झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने मंगलवार को हजारीबाग जिले का आधिकारिक दौरा किया। इस महत्वपूर्ण दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही विभिन्न जन-कल्याणकारी और विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखना और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करना था। परिसदन भवन में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के विकास का खाका खींचते हुए कई लंबित मामलों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

हजारीबाग परिसदन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश देते झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति के सभापति और सदस्य।

समिति की अध्यक्षता और उपस्थिति

इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में समिति के माननीय सदस्य मंगल कालिंदी एवं रोशन लाल चौधरी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए इस संवाद में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोपरि रखा गया। जिला प्रशासन की ओर से उपविकास आयुक्त रिया सिंह, अपर समाहर्ता संतोष सिंह सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे।

प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

बैठक के दौरान समिति ने केवल कागजी आंकड़ों पर संतोष न जताते हुए, निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही व्यावहारिक बाधाओं पर विस्तार से चर्चा की। विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया

विधायक फंड और विकास कार्य: विधानसभा सदस्यों के कोष से संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और उन्हें समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया।

DMFT और CSR मद: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर खर्च होने वाली राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

जलापूर्ति योजनाएं: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की किल्लत को दूर करने के लिए चल रही पाइपलाइन योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर समिति ने चिंता जताई।

NTPC मुआवजा और विस्थापन का मुद्दा

बैठक का सबसे संवेदनशील हिस्सा NTPC से संबंधित मुआवजा भुगतान का रहा। समिति ने एनटीपीसी के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन (Updated) रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करें। विस्थापितों और प्रभावितों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अवैध बालू खनन और राजस्व पर चर्चा

जिले में हो रहे अवैध बालू खनन पर रोक लगाने के लिए समिति ने कड़ा रुख अपनाया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अवैध उत्खनन के खिलाफ टास्क फोर्स को सक्रिय करें और राजस्व की क्षति को रोकें। इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन और खनन विभाग की कार्यप्रणाली की भी बारीकी से जांच की गई।

किसानों के हित में कड़े निर्देश

पैक्स (PACS) के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में हो रही देरी को लेकर जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव को फटकार लगाई गई। सभापति ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और समय पर भुगतान मिलना चाहिए ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनी रहे।

प्रशासनिक जवाबदेही और अंतिम व्यक्ति तक लाभ

सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, "लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही हमारी सफलता है। अधिकारियों को केवल फाइलों तक सीमित न रहकर धरातल पर उतरकर कार्य करना होगा।" उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और समयबद्ध कार्यशैली अपनाने पर जोर दिया।

बैठक में शामिल अन्य पदाधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में डीआरडीए निदेशक मां देवप्रिया, भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती, जिला योजना पदाधिकारी पंकज तिवारी सहित भवन प्रमंडल और पीएचईडी विभाग के कई अभियंता और कर्मचारी उपस्थित थे।

झारखंड में पंचायत सशक्तिकरण की नई लहर: हजारीबाग में मुखिया जनप्रतिनिधियों हेतु उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न

झारखंड में पंचायत सशक्तिकरण की नई लहर: हजारीबाग में मुखिया जनप्रतिनिधियों हेतु उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न
हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-1

हजारीबाग, झारखंड: राज्य में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय स्थित बहुउद्देशीय परीक्षा भवन में 'प्रमंडल स्तरीय मुखिया जनप्रतिनिधि उन्मुखीकरण कार्यशाला' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री  दीपिका पांडेय सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-2

सुशासन और विकास का नया रोडमैप

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों में सुशासन (Good Governance) को सुदृढ़ करना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना था। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट किया कि मुखिया केवल एक पद नहीं, बल्कि लोकतंत्र के वे सशक्त स्तंभ हैं जिनके कंधों पर ग्रामीण विकास की पूरी जिम्मेदारी टिकी है। उन्होंने कहा कि जब तक मुखिया सक्रिय और जागरूक नहीं होंगे, तब तक गांवों का समग्र विकास संभव नहीं है।

हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-3

वित्तीय सुदृढ़ीकरण और फंड का आवंटन

पंचायतों के विकास में धन की कमी आड़े न आए, इसके लिए मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की ग्राम पंचायतों के लिए 318 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही, उन्होंने आश्वस्त किया कि शेष राशि 31 मार्च 2026 तक हस्तांतरित कर दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त, पंचायतों के दैनिक कार्यों और मूलभूत आवश्यकताओं (जैसे पेयजल मरम्मत और स्वच्छता) के लिए प्रत्येक पंचायत को 15,000 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह राशि पंचायतों को छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान के लिए आत्मनिर्भर बनाएगी।

हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-4

शिक्षा और तकनीक: "ज्ञान केंद्र" योजना

झारखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए “ज्ञान केंद्र” योजना की शुरुआत की है। इस प्रमंडल में अब तक 928 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों की विशेषताएं निम्नलिखित हैं

 * आधुनिक फर्नीचर (बेंच और डेस्क) की उपलब्धता।

 * पुस्तकालय की सुविधा और कंप्यूटर लैब।

 * हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी।

 * प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु संसाधन।

मंत्री ने इस संदर्भ में धनबाद जिले की विशेष प्रशंसा की, जिसने इस योजना के क्रियान्वयन में एक 'मॉडल जिले' के रूप में पहचान बनाई है।

जल जीवन मिशन और महिला सशक्तिकरण

आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए जल संकट से निपटने के लिए मुखियाओं को विशेष निर्देश दिए गए। 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर नल से जल की योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।

सामाजिक सुरक्षा और बजट

राज्य सरकार के बजट का 34 प्रतिशत हिस्सा विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए आरक्षित किया गया है। पंचायतों को अब केवल विकास कार्यों तक सीमित न रखकर उन्हें 'सेवा केंद्र' बनाया जा रहा है, जहां आधार कार्ड निर्माण जैसी नागरिक सुविधाएं ग्राम स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों का सम्मान

कार्यशाला के दौरान उन मुखियाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किए हैं। P.A.I.-2.0 (Panchayat Achievement Index) के तहत विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए:

श्रेणी/ विजेता मुखिया का नाम/ग्राम पंचायत/प्रखंड

1. गरीबी मुक्त गाँव /कथरीना हाँसदा/ अरमो, बोकारो |

2.स्वस्थ गाँव /उषा देवी /गिद्दी बी, हजारीबाग |

3. जल पर्याप्त गाँव / दीपिका देवी/ बांधडीह उत्तरी, बोकारो |

4.सुशासन वाला गाँव / श्यामदेव यादव /काको, कोडरमा |

5.बाल हितैषी गाँव /सुरेश कुमार महतो / लईयो उत्तरी, रामगढ़ |

6.महिला हितैषी गाँव / अमित कुमार / पीहरा पश्चिमी, गिरीडीह |

इसके अलावा, इनोवेटिव थीम (महिला सशक्तिकरण) के तहत कुमारी माधुरी (टाटीझरिया), सीमा सिंह (हजारीबाग सदर), और काकोली मुखर्जी (धनबाद) सहित कई अन्य महिला प्रतिनिधियों को उनके साहसी प्रयासों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। चतरा की कुमारी अनीता यादव को 'स्वच्छ पंचायत' और अरविंद सिंह को 'जल पर्याप्त पंचायत' के लिए विशेष पुरस्कार मिला।

प्रशासनिक समन्वय और भविष्य की राह

पंचायती राज विभाग की निदेशक  राजेश्वरी बी ने कार्यशाला में प्रशासनिक तालमेल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मुखिया और जिला प्रशासन के बीच की कड़ी जितनी मजबूत होगी, योजनाओं का लाभ उतनी ही तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही को विकास का मूल मंत्र बताया।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री और निदेशक ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया, जहां स्वयं सहायता समूहों और विभागों द्वारा अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया था। इस अवसर पर हजारीबाग विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष और उप विकास आयुक्त (DDC) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Naresh Soni Editor in Chief (News Prahari)


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