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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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झारखंड में पंचायत सशक्तिकरण की नई लहर: हजारीबाग में मुखिया जनप्रतिनिधियों हेतु उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न

झारखंड में पंचायत सशक्तिकरण की नई लहर: हजारीबाग में मुखिया जनप्रतिनिधियों हेतु उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न
हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-1

हजारीबाग, झारखंड: राज्य में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय स्थित बहुउद्देशीय परीक्षा भवन में 'प्रमंडल स्तरीय मुखिया जनप्रतिनिधि उन्मुखीकरण कार्यशाला' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री  दीपिका पांडेय सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-2

सुशासन और विकास का नया रोडमैप

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों में सुशासन (Good Governance) को सुदृढ़ करना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना था। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट किया कि मुखिया केवल एक पद नहीं, बल्कि लोकतंत्र के वे सशक्त स्तंभ हैं जिनके कंधों पर ग्रामीण विकास की पूरी जिम्मेदारी टिकी है। उन्होंने कहा कि जब तक मुखिया सक्रिय और जागरूक नहीं होंगे, तब तक गांवों का समग्र विकास संभव नहीं है।

हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-3

वित्तीय सुदृढ़ीकरण और फंड का आवंटन

पंचायतों के विकास में धन की कमी आड़े न आए, इसके लिए मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की ग्राम पंचायतों के लिए 318 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही, उन्होंने आश्वस्त किया कि शेष राशि 31 मार्च 2026 तक हस्तांतरित कर दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त, पंचायतों के दैनिक कार्यों और मूलभूत आवश्यकताओं (जैसे पेयजल मरम्मत और स्वच्छता) के लिए प्रत्येक पंचायत को 15,000 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह राशि पंचायतों को छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान के लिए आत्मनिर्भर बनाएगी।

हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-4

शिक्षा और तकनीक: "ज्ञान केंद्र" योजना

झारखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए “ज्ञान केंद्र” योजना की शुरुआत की है। इस प्रमंडल में अब तक 928 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों की विशेषताएं निम्नलिखित हैं

 * आधुनिक फर्नीचर (बेंच और डेस्क) की उपलब्धता।

 * पुस्तकालय की सुविधा और कंप्यूटर लैब।

 * हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी।

 * प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु संसाधन।

मंत्री ने इस संदर्भ में धनबाद जिले की विशेष प्रशंसा की, जिसने इस योजना के क्रियान्वयन में एक 'मॉडल जिले' के रूप में पहचान बनाई है।

जल जीवन मिशन और महिला सशक्तिकरण

आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए जल संकट से निपटने के लिए मुखियाओं को विशेष निर्देश दिए गए। 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर नल से जल की योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।

सामाजिक सुरक्षा और बजट

राज्य सरकार के बजट का 34 प्रतिशत हिस्सा विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए आरक्षित किया गया है। पंचायतों को अब केवल विकास कार्यों तक सीमित न रखकर उन्हें 'सेवा केंद्र' बनाया जा रहा है, जहां आधार कार्ड निर्माण जैसी नागरिक सुविधाएं ग्राम स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों का सम्मान

कार्यशाला के दौरान उन मुखियाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किए हैं। P.A.I.-2.0 (Panchayat Achievement Index) के तहत विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए:

श्रेणी/ विजेता मुखिया का नाम/ग्राम पंचायत/प्रखंड

1. गरीबी मुक्त गाँव /कथरीना हाँसदा/ अरमो, बोकारो |

2.स्वस्थ गाँव /उषा देवी /गिद्दी बी, हजारीबाग |

3. जल पर्याप्त गाँव / दीपिका देवी/ बांधडीह उत्तरी, बोकारो |

4.सुशासन वाला गाँव / श्यामदेव यादव /काको, कोडरमा |

5.बाल हितैषी गाँव /सुरेश कुमार महतो / लईयो उत्तरी, रामगढ़ |

6.महिला हितैषी गाँव / अमित कुमार / पीहरा पश्चिमी, गिरीडीह |

इसके अलावा, इनोवेटिव थीम (महिला सशक्तिकरण) के तहत कुमारी माधुरी (टाटीझरिया), सीमा सिंह (हजारीबाग सदर), और काकोली मुखर्जी (धनबाद) सहित कई अन्य महिला प्रतिनिधियों को उनके साहसी प्रयासों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। चतरा की कुमारी अनीता यादव को 'स्वच्छ पंचायत' और अरविंद सिंह को 'जल पर्याप्त पंचायत' के लिए विशेष पुरस्कार मिला।

प्रशासनिक समन्वय और भविष्य की राह

पंचायती राज विभाग की निदेशक  राजेश्वरी बी ने कार्यशाला में प्रशासनिक तालमेल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मुखिया और जिला प्रशासन के बीच की कड़ी जितनी मजबूत होगी, योजनाओं का लाभ उतनी ही तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही को विकास का मूल मंत्र बताया।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री और निदेशक ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया, जहां स्वयं सहायता समूहों और विभागों द्वारा अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया था। इस अवसर पर हजारीबाग विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष और उप विकास आयुक्त (DDC) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Naresh Soni Editor in Chief (News Prahari)


हजारीबाग में ग्रामीण विकास की नई रणनीति-मंत्री दीपिका पांडे सिंह का मुन्ना

हजारीबाग में ग्रामीण विकास की नई रणनीति: मंत्री दीपिका पांडे सिंह का मुन्ना सिंह के आवास पर भव्य स्वागत और संवाद
हजारीबाग में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह के आवास पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह का अभिनंदन करते जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता।

हजारीबाग:झारखंड की राजनीति में जमीनी पकड़ और विकास के रोडमैप को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी क्रम में, सूबे की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह का हजारीबाग दौरा क्षेत्र के राजनीतिक और विकास परिदृश्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विनोबा भावे विश्वविद्यालय में आयोजित 'मुखिया सम्मेलन' में शिरकत करने पहुंचीं मंत्री का, पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुन्ना सिंह के आवास पर भव्य अभिनंदन किया गया। यह केवल एक औपचारिक स्वागत समारोह नहीं था, बल्कि जिले के विकास और संगठन की मजबूती के लिए एक महत्वपूर्ण वैचारिक मंच भी साबित हुआ।

विकास की नींव- जनप्रतिनिधियों का विशाल जमावड़ा

​मंत्री दीपिका पांडे सिंह के आगमन पर मुन्ना सिंह के आवास पर कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। मुन्ना सिंह ने मंत्री को पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख, उप-प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। कटकमदाग प्रखंड प्रमुख विनिता कुमारी, सदर प्रखंड उप प्रमुख रविकांत सिंह, प्रमुख प्रतिनिधि गणेश मेहता और पदमा प्रमुख की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को एक प्रशासनिक और राजनीतिक संवाद का रूप दे दिया।

​विशेष रूप से जेएसएलपीएस (JSLPS) के पदाधिकारियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि राज्य सरकार ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तिकरण को लेकर कितनी गंभीर है। कार्यक्रम में बैहरी पंचायत के मुखिया पप्पू यादव और गुरहेत पंचायत के मुखिया महेश तिग्गा सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।

संवाद और समाधान - क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन विमर्श

​स्वागत कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर संक्षिप्त लेकिन सारगर्भित चर्चा की। इस चर्चा के केंद्र में निम्नलिखित मुख्य बिंदु रहे

  1. बुनियादी ढांचा और सड़कें: ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को सुधारने और लंबित पथ निर्माण परियोजनाओं को गति देने पर विचार साझा किए गए।
  2. जनकल्याणकारी योजनाएं: 'अबुआ आवास' और 'सर्वजन पेंशन' जैसी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की रणनीति पर बात हुई।
  3. JSLPS का सुदृढ़ीकरण: ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जेएसएलपीएस के माध्यम से चलाए जा रहे समूहों को और अधिक सक्रिय करने के निर्देश दिए गए।
  4. प्रशासनिक जवाबदेही: मंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुखिया सम्मेलन- जमीनी लोकतंत्र को मजबूती

​मुन्ना सिंह के आवास पर कार्यक्रम के उपरांत मंत्री दीपिका पांडे सिंह विनोबा भावे विश्वविद्यालय पहुंचीं, जहाँ जिला प्रशासन द्वारा आयोजित 'मुखिया सम्मेलन' में उन्होंने भाग लिया। यहाँ उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के विकास का रास्ता गाँवों की गलियों से होकर गुजरता है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मुखियाओं के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों में तेजी लाएं।

संगठन और भविष्य की राह

​पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने इस दौरे को लेकर कहा कि मंत्री दीपिका पांडे सिंह का मार्गदर्शन कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम करेगा। कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश स्पष्ट है कि आगामी समय में सरकार और संगठन मिलकर हजारीबाग की तस्वीर बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मंत्री ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर जन-समस्याओं के समाधान में जुटी रहने की अपील की।

Naresh Soni Editor in Chief (News Prahari)

विधानसभा में गूंजा हजारीबाग की जर्जर सड़कों का मुद्दा विधायक प्रदीप प्रसाद की पहल पर मंत्री ने दिया निर्माण का आश्वासन

विधानसभा में गूंजा हजारीबाग की जर्जर सड़कों का मुद्दा विधायक प्रदीप प्रसाद की पहल पर मंत्री ने दिया निर्माण का आश्वासन

रांची/हजारीबाग:झारखंड विधानसभा के सत्र में हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने विधानसभा क्षेत्र की जर्जर सड़कों और पुल-पुलियों का मुद्दा पूरी प्रमुखता और गंभीरता के साथ उठाया। उन्होंने सदन के पटल पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खराब सड़कों के कारण आम जनता को हो रही भारी परेशानियों, दुर्घटनाओं की बढ़ती आशंकाओं और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं का तथ्यात्मक विवरण पेश किया।

"झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान हजारीबाग क्षेत्र की जर्जर सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण की मांग उठाते सदर विधायक प्रदीप प्रसाद।"

​विधायक ने सरकार से इस दिशा में शीघ्र और ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण की अनुशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से दारू प्रखंड के पेट्टो से लेकर विभिन्न मार्गों, झुमरा के कोंय जोन्हिया भाया सिवाने नदी और झुमरा डीपू से रामदेव खरिका तक पक्की सड़क निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अतिरिक्त सदर प्रखंड, कटकमदाग और कटकमसांडी प्रखंड को मिलाकर कई दर्जन सड़कों और पुल-पुलियों के जीर्णोद्धार और नव-निर्माण की मांग सरकार के समक्ष रखी गई।

​सदन में अपनी बात रखते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने स्पष्ट रूप से कहा कि लंबे समय से इन मार्गों की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। बुनियादी सुविधाओं के इस अभाव में विद्यार्थियों, किसानों और आम नागरिकों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि इस गंभीर विषय पर केवल गोलमटोल जवाब देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जनता की सहूलियत के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कार्य होना चाहिए। हजारीबाग का समुचित विकास और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​विधायक की इस पुरजोर मांग और तथ्यात्मक तथ्यों पर राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने सदन में आश्वासन दिया कि संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में पंद्रह किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण और करोड़ों की लागत से बनने वाले पुल की स्वीकृति जल्द ही दी जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्रीय विकास कार्यों को गति देने के लिए विधायक निधि की राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे रुके हुए कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके।

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