-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Special Offer
🎙️ न्यूज़ प्रहरी रिपोर्टर बनें
क्या आप अपने क्षेत्र की आवाज बनना चाहते हैं?
मात्र 5 मिनट में अपनी पत्रकार ID एवं अपॉइंटमेंट लेटर प्राप्त करें!
Jal Jeevan Mission Jharkhand लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Jal Jeevan Mission Jharkhand लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

झारखंड में पंचायत सशक्तिकरण की नई लहर: हजारीबाग में मुखिया जनप्रतिनिधियों हेतु उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न

झारखंड में पंचायत सशक्तिकरण की नई लहर: हजारीबाग में मुखिया जनप्रतिनिधियों हेतु उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न
हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-1

हजारीबाग, झारखंड: राज्य में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत हजारीबाग के विनोबा भावे विश्वविद्यालय स्थित बहुउद्देशीय परीक्षा भवन में 'प्रमंडल स्तरीय मुखिया जनप्रतिनिधि उन्मुखीकरण कार्यशाला' का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री  दीपिका पांडेय सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-2

सुशासन और विकास का नया रोडमैप

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों में सुशासन (Good Governance) को सुदृढ़ करना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करना था। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने स्पष्ट किया कि मुखिया केवल एक पद नहीं, बल्कि लोकतंत्र के वे सशक्त स्तंभ हैं जिनके कंधों पर ग्रामीण विकास की पूरी जिम्मेदारी टिकी है। उन्होंने कहा कि जब तक मुखिया सक्रिय और जागरूक नहीं होंगे, तब तक गांवों का समग्र विकास संभव नहीं है।

हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-3

वित्तीय सुदृढ़ीकरण और फंड का आवंटन

पंचायतों के विकास में धन की कमी आड़े न आए, इसके लिए मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल की ग्राम पंचायतों के लिए 318 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही, उन्होंने आश्वस्त किया कि शेष राशि 31 मार्च 2026 तक हस्तांतरित कर दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त, पंचायतों के दैनिक कार्यों और मूलभूत आवश्यकताओं (जैसे पेयजल मरम्मत और स्वच्छता) के लिए प्रत्येक पंचायत को 15,000 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह राशि पंचायतों को छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान के लिए आत्मनिर्भर बनाएगी।

हजारीबाग में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले मुखियाओं को सम्मानित करतीं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और विभागीय अधिकारी-4

शिक्षा और तकनीक: "ज्ञान केंद्र" योजना

झारखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए “ज्ञान केंद्र” योजना की शुरुआत की है। इस प्रमंडल में अब तक 928 केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों की विशेषताएं निम्नलिखित हैं

 * आधुनिक फर्नीचर (बेंच और डेस्क) की उपलब्धता।

 * पुस्तकालय की सुविधा और कंप्यूटर लैब।

 * हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी।

 * प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु संसाधन।

मंत्री ने इस संदर्भ में धनबाद जिले की विशेष प्रशंसा की, जिसने इस योजना के क्रियान्वयन में एक 'मॉडल जिले' के रूप में पहचान बनाई है।

जल जीवन मिशन और महिला सशक्तिकरण

आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए जल संकट से निपटने के लिए मुखियाओं को विशेष निर्देश दिए गए। 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर नल से जल की योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।

सामाजिक सुरक्षा और बजट

राज्य सरकार के बजट का 34 प्रतिशत हिस्सा विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए आरक्षित किया गया है। पंचायतों को अब केवल विकास कार्यों तक सीमित न रखकर उन्हें 'सेवा केंद्र' बनाया जा रहा है, जहां आधार कार्ड निर्माण जैसी नागरिक सुविधाएं ग्राम स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों का सम्मान

कार्यशाला के दौरान उन मुखियाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने क्षेत्रों में अनुकरणीय कार्य किए हैं। P.A.I.-2.0 (Panchayat Achievement Index) के तहत विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए:

श्रेणी/ विजेता मुखिया का नाम/ग्राम पंचायत/प्रखंड

1. गरीबी मुक्त गाँव /कथरीना हाँसदा/ अरमो, बोकारो |

2.स्वस्थ गाँव /उषा देवी /गिद्दी बी, हजारीबाग |

3. जल पर्याप्त गाँव / दीपिका देवी/ बांधडीह उत्तरी, बोकारो |

4.सुशासन वाला गाँव / श्यामदेव यादव /काको, कोडरमा |

5.बाल हितैषी गाँव /सुरेश कुमार महतो / लईयो उत्तरी, रामगढ़ |

6.महिला हितैषी गाँव / अमित कुमार / पीहरा पश्चिमी, गिरीडीह |

इसके अलावा, इनोवेटिव थीम (महिला सशक्तिकरण) के तहत कुमारी माधुरी (टाटीझरिया), सीमा सिंह (हजारीबाग सदर), और काकोली मुखर्जी (धनबाद) सहित कई अन्य महिला प्रतिनिधियों को उनके साहसी प्रयासों के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। चतरा की कुमारी अनीता यादव को 'स्वच्छ पंचायत' और अरविंद सिंह को 'जल पर्याप्त पंचायत' के लिए विशेष पुरस्कार मिला।

प्रशासनिक समन्वय और भविष्य की राह

पंचायती राज विभाग की निदेशक  राजेश्वरी बी ने कार्यशाला में प्रशासनिक तालमेल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मुखिया और जिला प्रशासन के बीच की कड़ी जितनी मजबूत होगी, योजनाओं का लाभ उतनी ही तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा। उन्होंने पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही को विकास का मूल मंत्र बताया।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री और निदेशक ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया, जहां स्वयं सहायता समूहों और विभागों द्वारा अपनी उपलब्धियों का प्रदर्शन किया गया था। इस अवसर पर हजारीबाग विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष और उप विकास आयुक्त (DDC) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Naresh Soni Editor in Chief (News Prahari)


© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972