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Editor EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग में रामनवमी की अभूतपूर्व तैयारियां: सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्रशासन का विशेष जोर

हजारीबाग में रामनवमी की अभूतपूर्व तैयारियां: सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्रशासन का विशेष जोर

HAZARIBAGH: झारखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी के रूप में विख्यात हजारीबाग शहर एक बार फिर विश्व प्रसिद्ध रामनवमी महापर्व के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। वर्ष 2026 की रामनवमी को ऐतिहासिक, शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में प्रशासनिक अमले ने जमीन पर उतरकर तैयारियों का जायजा लिया ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक की गुंजाइश न रहे। जिले के आला अधिकारियों ने स्वयं सड़कों पर उतरकर सुरक्षा मानकों और जन सुविधाओं की समीक्षा की है, जो इस बार के आयोजन की गंभीरता को दर्शाता है।

हजारीबाग में रामनवमी जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी।

शुक्रवार को हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस उच्च स्तरीय निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य उन सभी संवेनदशील और महत्वपूर्ण बिंदुओं की पहचान करना था, जहां से भव्य रामनवमी जुलूस गुजरना है। इस दौरान अधिकारियों ने जुलूस मार्ग के एक-एक मोड़ और चौराहे का सूक्ष्म अवलोकन किया। प्रशासन का मानना है कि केवल कागजी योजनाओं से बेहतर है कि धरातल पर मौजूद चुनौतियों को समझकर उनका तत्काल समाधान निकाला जाए। इसी सोच के साथ पूरी रूट मैप की बारीकी से जांच की गई।

हजारीबाग में रामनवमी जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी-1

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर इस बार प्रशासन ने एक नई और आधुनिक दृष्टि अपनाई है। अक्सर भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में एम्बुलेंस का समय पर पहुंचना एक बड़ी चुनौती होती है, इस समस्या के समाधान के लिए हजारीबाग प्रशासन ने बाइक एम्बुलेंस की व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है। यह पहल संकरी गलियों और भारी भीड़ के बीच तत्काल प्राथमिक उपचार पहुंचाने में क्रांतिकारी सिद्ध होगी। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ट्रॉमा सेंटर की सक्रियता और रक्त की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया। यह सुनिश्चित किया गया है कि आपात स्थिति में रक्त की कोई कमी न हो और मेडिकल टीमें चौबीसों घंटे तैनात रहें।

हजारीबाग में रामनवमी जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी-2

शहर के निजी अस्पतालों को भी इस बार बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित के इस बड़े आयोजन में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों का समन्वय आवश्यक है। उप विकास आयुक्त रिया सिंह को निर्देशित किया गया है कि वे सभी निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ संवाद स्थापित करें ताकि किसी भी आकस्मिक घटना की स्थिति में घायलों को अविलंब और श्रेष्ठ उपचार मिल सके। अस्पताल की पार्किंग से लेकर दवाओं के स्टॉक तक, हर छोटी कड़ी को मजबूती से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आम नागरिकों का भरोसा प्रशासन पर बना रहे।

हजारीबाग में रामनवमी जुलूस मार्ग का निरीक्षण करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह, एसपी अंजनी अंजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी-3

सड़कों पर सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा रहा है। जामा मस्जिद रोड और मुख्य मंच जैसे संवेदनशील और प्रमुख स्थलों पर प्रशासन की पैनी नजर है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि जिन स्थानों पर पूर्व में बैरिकेडिंग कम पाई गई थी, वहां अतिरिक्त मजबूती के साथ घेराबंदी की जाए। इसके साथ ही, रात के समय जुलूस की भव्यता और सुरक्षा को देखते हुए पूरे मार्ग पर दूधिया रोशनी का प्रबंध करने की योजना है। पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न केवल सौंदर्य बढ़ाती है, बल्कि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने में भी पुलिस की मदद करती है।

प्रशासनिक स्तर पर की जा रही इन व्यापक तैयारियों के बीच उपायुक्त ने हजारीबाग की जनता से भी विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। इसे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना न केवल प्रशासन की बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की बात कही गई है। हजारीबाग का इतिहास साझा संस्कृति का रहा है और इस बार भी प्रशासन उसी गौरवशाली परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए संकल्पित है।

कुल मिलाकर, हजारीबाग जिला प्रशासन इस बार तकनीक और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के माध्यम से रामनवमी को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता, पुलिस की मुस्तैदी और नागरिक सुविधाओं का विस्तार यह सुनिश्चित करता है कि श्रद्धालु बिना किसी भय और असुविधा के अपनी आस्था का उत्सव मना सकें। आने वाले दिनों में सुरक्षा जांच के और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

Naresh Soni Editor in Chief.

हजारीबाग: सौहार्द और परंपरा के साथ मनाएं ईद, सरहुल और रामनवमी; शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने कसी कमर

हजारीबाग: सौहार्द और परंपरा के साथ मनाएं ईद, सरहुल और रामनवमी; शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने कसी कमर

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
हजारीबाग के पैराडाइज रिजॉर्ट में शांति समिति की बैठक को संबोधित करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी): झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी और अपनी ऐतिहासिक रामनवमी के लिए विश्व विख्यात हजारीबाग जिला एक बार फिर आगामी त्योहारों के स्वागत के लिए तैयार है। चैत्र मास के प्रमुख त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और मर्यादित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से स्थानीय पैराडाइज रिजॉर्ट में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

इस उच्चस्तरीय बैठक की संयुक्त अध्यक्षता उपायुक्त  शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन ने की। बैठक में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पूजा समितियों के बीच सीधा संवाद हुआ, ताकि त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जा सके।

प्रशासन की प्राथमिकता: अनुशासन और परंपरा का संगम

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि हजारीबाग की रामनवमी अपने अनुशासन और वैभव के लिए देश भर में पहचानी जाती है। उन्होंने कहा, "इस विरासत को बचाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।" प्रशासन ने इस वर्ष नशामुक्त वातावरण में त्योहार मनाने पर विशेष जोर दिया है।

डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध: बैठक में यह कड़ा निर्देश दिया गया कि जुलूस के दौरान डीजे का प्रयोग वर्जित रहेगा। उपायुक्त ने बताया कि डीजे से होने वाले अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों, हृदय रोगियों और संवेदनशील वर्गों को भारी परेशानी होती है, इसलिए परंपरा के अनुसार वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाए।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी

पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन ने सुरक्षा रोडमैप साझा करते हुए बताया कि लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

रियल टाइम मॉनिटरिंग: प्रत्येक जुलूस की नंबरिंग की जाएगी और उनकी आवाजाही की पल-पल की जानकारी ली जाएगी।

तकनीकी सुरक्षा: पूरे शहर और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी।

नियंत्रण कक्ष: जिले में तीन प्रमुख नियंत्रण कक्ष—हजारीबाग, बड़कागांव और बरही—में 24x7 संचालित होंगे।

जनसुविधाओं पर ध्यान: समितियों के सुझाव पर अमल

शांति समिति और अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे, जिन्हें स्वीकार करते हुए प्रशासन ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया:

बिजली व पेड़ों की छंटाई: जुलूस मार्गों पर बिजली के लटकते तारों को ठीक करना और पेड़ों की छंटाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य एवं पेयजल: प्रमुख स्थानों पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, पेयजल टैंकर और सचल शौचालयों की व्यवस्था होगी।

महिला सुरक्षा: भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

आपातकालीन मार्ग: एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए वैकल्पिक रास्तों (Green Corridor) की व्यवस्था की जाएगी।

सोशल मीडिया पर अपील

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह न फैलाएं और न ही उस पर ध्यान दें। सौहार्दपूर्ण वातावरण बिगाड़ने वालों पर साइबर सेल की पैनी नजर रहेगी।

निष्कर्ष

बैठक में महापौर  अरविंद राणा, उप महापौर अविनाश यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। अंत में, प्रशासन ने हजारीबाग की जनता से आग्रह किया कि वे आपसी भाईचारे के साथ इन पर्वों को मनाकर झारखंड की 'गंगा-जमुनी तहजीब' को और सशक्त करें।

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