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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग: सौहार्द और परंपरा के साथ मनाएं ईद, सरहुल और रामनवमी; शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने कसी कमर

हजारीबाग में ईद, सरहुल और रामनवमी को लेकर शांति समिति की बैठक। उपायुक्त और एसपी ने दिए निर्देश, ड्रोन से होगी निगरानी और डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध।
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हजारीबाग: सौहार्द और परंपरा के साथ मनाएं ईद, सरहुल और रामनवमी; शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने कसी कमर

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
हजारीबाग के पैराडाइज रिजॉर्ट में शांति समिति की बैठक को संबोधित करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी): झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी और अपनी ऐतिहासिक रामनवमी के लिए विश्व विख्यात हजारीबाग जिला एक बार फिर आगामी त्योहारों के स्वागत के लिए तैयार है। चैत्र मास के प्रमुख त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और मर्यादित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से स्थानीय पैराडाइज रिजॉर्ट में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

इस उच्चस्तरीय बैठक की संयुक्त अध्यक्षता उपायुक्त  शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन ने की। बैठक में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पूजा समितियों के बीच सीधा संवाद हुआ, ताकि त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जा सके।

प्रशासन की प्राथमिकता: अनुशासन और परंपरा का संगम

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि हजारीबाग की रामनवमी अपने अनुशासन और वैभव के लिए देश भर में पहचानी जाती है। उन्होंने कहा, "इस विरासत को बचाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।" प्रशासन ने इस वर्ष नशामुक्त वातावरण में त्योहार मनाने पर विशेष जोर दिया है।

डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध: बैठक में यह कड़ा निर्देश दिया गया कि जुलूस के दौरान डीजे का प्रयोग वर्जित रहेगा। उपायुक्त ने बताया कि डीजे से होने वाले अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों, हृदय रोगियों और संवेदनशील वर्गों को भारी परेशानी होती है, इसलिए परंपरा के अनुसार वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाए।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी

पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन ने सुरक्षा रोडमैप साझा करते हुए बताया कि लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

रियल टाइम मॉनिटरिंग: प्रत्येक जुलूस की नंबरिंग की जाएगी और उनकी आवाजाही की पल-पल की जानकारी ली जाएगी।

तकनीकी सुरक्षा: पूरे शहर और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी।

नियंत्रण कक्ष: जिले में तीन प्रमुख नियंत्रण कक्ष—हजारीबाग, बड़कागांव और बरही—में 24x7 संचालित होंगे।

जनसुविधाओं पर ध्यान: समितियों के सुझाव पर अमल

शांति समिति और अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे, जिन्हें स्वीकार करते हुए प्रशासन ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया:

बिजली व पेड़ों की छंटाई: जुलूस मार्गों पर बिजली के लटकते तारों को ठीक करना और पेड़ों की छंटाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य एवं पेयजल: प्रमुख स्थानों पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, पेयजल टैंकर और सचल शौचालयों की व्यवस्था होगी।

महिला सुरक्षा: भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

आपातकालीन मार्ग: एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए वैकल्पिक रास्तों (Green Corridor) की व्यवस्था की जाएगी।

सोशल मीडिया पर अपील

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह न फैलाएं और न ही उस पर ध्यान दें। सौहार्दपूर्ण वातावरण बिगाड़ने वालों पर साइबर सेल की पैनी नजर रहेगी।

निष्कर्ष

बैठक में महापौर  अरविंद राणा, उप महापौर अविनाश यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। अंत में, प्रशासन ने हजारीबाग की जनता से आग्रह किया कि वे आपसी भाईचारे के साथ इन पर्वों को मनाकर झारखंड की 'गंगा-जमुनी तहजीब' को और सशक्त करें।

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