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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग: कटकमदाग के मरहन्द में प्रदूषण का तांडव, विधानसभा में गूँजी जनसमस्याएं; विक्की कुमार धान ने विधायक का जताया आभार

विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने विधानसभा में उठाई कटकमदाग के मरहन्द की जनसमस्याएं। विक्की कुमार धान ने प्रदूषण और स्वास्थ्य खतरों पर जताया आभार।
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हजारीबाग: कटकमदाग के मरहन्द में प्रदूषण का तांडव, विधानसभा में गूँजी जनसमस्याएं; विक्की कुमार धान ने विधायक का जताया आभार

सम्पादकीय 
झारखंड विधानसभा में विधायक मथुरा प्रसाद महतो को ज्ञापन सौंपते विक्की कुमार धान एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क): झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड अंतर्गत बेस पंचायत के मरहन्द क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण और जनसमस्याओं का मुद्दा अब प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत यानी विधानसभा तक पहुँच गया है। स्थानीय ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर मुखर रहने वाले बेस पंचायत के पूर्व मुखिया प्रत्याशी विक्की कुमार धान ने टुंडी विधायक सह झामुमो के मुख्य सचेतक मथुरा प्रसाद महतो और बाल संरक्षण आयोग की सदस्य रुचि कुजूर के प्रति विशेष आभार प्रकट किया है।

12 मार्च की मुलाकात और ज्ञापन का असर

विक्की कुमार धान ने बताया कि उन्होंने विगत 12 मार्च 2026 को झारखंड विधानसभा परिसर में विधायक मथुरा प्रसाद महतो से औपचारिक मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने मरहन्द क्षेत्र की बदहाली और उद्योगों के कारण दम घोटते पर्यावरण पर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था। विक्की ने विधायक से आग्रह किया था कि क्षेत्र की जनता गंभीर बीमारियों और प्रदूषण की मार झेल रही है, जिसे सदन के पटल पर रखना अनिवार्य है। विधायक ने इस मामले की गंभीरता को समझा और इसे विधानसभा में प्रमुखता से उठाया।

इन फैक्ट्रियों से त्रस्त है मरहन्द क्षेत्र

सौंपे गए ज्ञापन में विक्की कुमार धान ने स्पष्ट रूप से क्षेत्र में संचालित प्रमुख औद्योगिक इकाइयों— नरसिंम्हा आयरन स्पंज, झारखंड सेल्स, जगतारनी और हिंदुस्तान जैसी फैक्ट्रियों का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि इन इकाइयों से निकलने वाला जहरीला धुआं और अपशिष्ट पदार्थ न केवल हवा को प्रदूषित कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय जल स्रोतों को भी नष्ट कर रहे हैं।

पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ रहा घातक प्रभाव

विक्की कुमार धान ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि:

स्वास्थ्य संकट: प्रदूषण के कारण ग्रामीणों में सांस से जुड़ी बीमारियां, त्वचा रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

खेती और आजीविका: फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण के कारण खेती योग्य भूमि धीरे-धीरे बंजर होती जा रही है। किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, जिससे आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

वन संपदा का विनाश: मरहन्द क्षेत्र के आसपास के घने जंगल इन उद्योगों की भेंट चढ़ रहे हैं, जिससे पारिस्थितिक तंत्र पूरी तरह डगमगा गया है।

दुर्घटनाओं का खतरा: भारी वाहनों के अनियंत्रित परिचालन से क्षेत्र में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है।

सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद

इस अवसर पर विक्की कुमार धान के साथ बाल संरक्षण आयोग की सदस्य रुचि कुजूर, रोजर नाइट, धर्मेंद्र ठाकुर, मुख्तार अंसारी सहित कई स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। विक्की ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि विधायक मथुरा प्रसाद महतो द्वारा सदन में आवाज उठाने के बाद राज्य सरकार इस पर कड़ा संज्ञान लेगी। उन्होंने मांग की कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन फैक्ट्रियों की जांच करे और नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि पर्यावरण की सुरक्षा और ग्रामीणों का स्वास्थ्य सुनिश्चित हो सके।

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