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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग के झंडा चौक पर ध्वज परिवर्तन परंपरा, आस्था और सनातन संस्कृति का भव्य संगम

हजारीबाग के झंडा चौक पर ध्वज परिवर्तन परंपरा, आस्था और सनातन संस्कृति का भव्य संगम
हजारीबाग के ऐतिहासिक झंडा चौक पर नए ध्वज की स्थापना करते महासमिति अध्यक्ष करण यादव व अन्य सदस्य।

हजारीबाग, झारखंड: झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले हजारीबाग में रामनवमी का उत्साह अपने चरम पर पहुंचने लगा है। चैत्र नवरात्रि की पंचमी तिथि के पावन अवसर पर शहर के हृदय स्थल 'झंडा चौक' पर ऐतिहासिक ध्वज परिवर्तन की परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ निभाया गया। श्री श्री चैत्र रामनवमी महासमिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे शहर को भक्तिमय कर दिया।
हजारीबाग के ऐतिहासिक झंडा चौक पर नए ध्वज की स्थापना करते महासमिति अध्यक्ष करण यादव व अन्य सदस्य।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बदला गया ध्वज

परंपरा के अनुसार, महासमिति के अध्यक्ष करण यादव (लड्डू यादव) के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं और स्थानीय श्रद्धालुओं की उपस्थिति में यह अनुष्ठान संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पुरोहितों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ। सबसे पहले पुराने ध्वज की विधिवत विदाई की गई और उसे सम्मानपूर्वक उतारा गया। इसके पश्चात, नए केसरिया ध्वज का पूजन किया गया, जो शौर्य, त्याग और सेवा का प्रतीक माना जाता है।

Jhanda fahrate

जय श्रीराम के गगनभेदी नारों के बीच जब नया ध्वज स्थापित हुआ, तो पूरा झंडा चौक क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। इस दौरान क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि और सामाजिक समरसता के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

झंडा पंचमी का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

हजारीबाग में रामनवमी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन और आस्था का महाकुंभ है। झंडा पंचमी के दिन ध्वज परिवर्तन की यह परंपरा दशकों पुरानी है। मान्यता है कि झंडा चौक का यह मुख्य ध्वज पूरे शहर की सुरक्षा और धार्मिक एकता का केंद्र है।

महासमिति के अध्यक्ष करण यादव ने इस अवसर पर कहा कि यह ध्वज केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति की जीवंत पहचान है। उन्होंने जोर दिया कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए ऐसे पारंपरिक आयोजनों का भव्य स्वरूप में होना अनिवार्य है। महासमिति का लक्ष्य है कि इस बार की रामनवमी ऐतिहासिक हो और इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

भव्य रामनवमी की तैयारियां तेज

ध्वज परिवर्तन के साथ ही हजारीबाग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध रामनवमी महोत्सव की आधिकारिक सुगबुगाहट तेज हो गई है। महासमिति के पदाधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहर के विभिन्न अखाड़ों द्वारा जुलूस निकालने की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। प्रशासन और महासमिति के बीच समन्वय बिठाया जा रहा है ताकि शांतिपूर्ण ढंग से इस महापर्व को संपन्न कराया जा सके।

गणमान्य जनों की गरिमामयी उपस्थिति

इस पावन अवसर पर केवल वर्तमान समिति ही नहीं, बल्कि पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ समाजसेवियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो इस उत्सव की एकजुटता को दर्शाता है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष टिंकू कुमार, रितेश तिवारी, मीडिया प्रभारी आशीष यादव, रोशन यादव, रामू यादव उपस्थित थे।

साथ ही, महासमिति के पूर्व अध्यक्षों में बसंत यादव, कुणाल यादव और जीतू यादव ने भी अपने अनुभव साझा किए और नई समिति का उत्साहवर्धन किया। स्थानीय व्यवसायियों और आम नागरिकों ने भी पुष्प वर्षा कर नए ध्वज का स्वागत किया।

निष्कर्ष सामाजिक समरसता का संदेश

हजारीबाग की रामनवमी अपनी भव्यता के साथ-साथ आपसी भाईचारे के लिए भी जानी जाती है। झंडा चौक पर ध्वज परिवर्तन के इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि परंपराएं समाज को जोड़ने का काम करती हैं। आने वाले दिनों में जब पूरा शहर महावीरी झंडों से पट जाएगा, तब झंडा चौक का यह मुख्य ध्वज नेतृत्व करता नजर आएगा।

Naresh Soni Editor in Chief (News Prahari)

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: रमजान, रामनवमी और सरहुल के संगम पर खतियानी परिवार ने दी बधाई

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल: रमजान, रामनवमी और सरहुल के संगम पर खतियानी परिवार ने दी बधाई
झारखंड में आपसी भाईचारे और त्योहारों के संगम पर संदेश देते खतियानी परिवार के सदस्य।

हजारीबाग/झारखंड: भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती उसके पर्व-त्योहारों और आपसी सद्भाव में निहित है। वर्तमान समय में झारखंड का सामाजिक परिवेश भक्ति, उल्लास और लोकतांत्रिक जीत के अद्भुत संगम का गवाह बन रहा है। इसी कड़ी में 'खतियानी परिवार' के महासचिव मोहम्मद हकीम और जिला अध्यक्ष अशोक राम ने प्रदेशवासियों को आगामी त्योहारों और नगर निगम चुनाव के सुखद परिणामों पर बधाई संदेश प्रेषित किया है।

लोकतंत्र की मजबूती और नगर विकास की नई उम्मीद

हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनाव के परिणामों पर हर्ष व्यक्त करते हुए मोहम्मद हकीम ने कहा कि जनता का फैसला लोकतंत्र की नींव को और मजबूत करता है। नए महापौर (मेयर) और निर्वाचित पार्षदों से शहर के चहुंमुखी विकास और बेहतर भविष्य की उम्मीदें जगी हैं। खतियानी परिवार ने सभी नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को उनके उज्ज्वल कार्यकाल के लिए कोटि-कोटि शुभकामनाएं दी हैं।

इबादत, आस्था और रंगों का संगम

यह महीना आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां इस्लाम धर्मावलंबियों का पवित्र महीना 'रमजान' अपने समापन की ओर है, वहीं दूसरी ओर हिंदू भाइयों का उल्लास भरा 'होली' पर्व और मर्यादा का प्रतीक 'रामनवमी' का पावन महीना भी चल रहा है।

मोहम्मद हकीम ने जोर देकर कहा कि रमजान और रामनवमी का एक साथ आना आत्म-परीक्षण का एक बड़ा अवसर है। रमजान हमें ईमान, संयम और त्याग की शिक्षा देता है, तो रामनवमी का संदेश है कि 'दूसरों की भलाई से बड़ा कोई पुण्य नहीं है'। ये दोनों त्योहार समाज को सेवा और परोपकार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने अपील की है कि करोड़ों हिंदू-मुस्लिम भाई आपसी मतभेद भुलाकर शांतिपूर्ण तरीके से इन पर्वों को संपन्न करें।

सरहुल: प्रकृति पर्व और आदिवासी अस्मिता की पहचान

झारखंड की माटी का सबसे प्रमुख त्योहार 'सरहुल' भी नजदीक है। जिला अध्यक्ष अशोक राम ने आदिवासी समाज को प्रकृति पर्व सरहुल की पूर्व संध्या पर बधाई दी। उन्होंने मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन को भी विशेष रूप से शुभकामनाएं देते हुए 'जोहार झारखंड' का नारा बुलंद किया। सरहुल न केवल फूलों का त्योहार है, बल्कि यह जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प भी है।

निष्कर्ष

सांप्रदायिक सौहार्द और सांस्कृतिक विविधता ही झारखंड की असली पहचान है। खतियानी परिवार का यह संदेश समाज में एकता की नई मिसाल पेश करता है। त्योहारों का यह सीजन हमें यह सिखाता है कि विभिन्न मजहबों के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन मंजिल मानवता की सेवा ही है।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक झारखंड भारत।

HAZARIBAGH:'पंकज मेटल प्लांट' के जहरीले धुएं से भेलवारा और चपवा के लोग परेशान, खतियानी परिवार ने की जांच की मांग

हजारीबाग: सौहार्द और परंपरा के साथ मनाएं ईद, सरहुल और रामनवमी; शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने कसी कमर

हजारीबाग: सौहार्द और परंपरा के साथ मनाएं ईद, सरहुल और रामनवमी; शांति समिति की बैठक में प्रशासन ने कसी कमर

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 
हजारीबाग के पैराडाइज रिजॉर्ट में शांति समिति की बैठक को संबोधित करते उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह एवं पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी): झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी और अपनी ऐतिहासिक रामनवमी के लिए विश्व विख्यात हजारीबाग जिला एक बार फिर आगामी त्योहारों के स्वागत के लिए तैयार है। चैत्र मास के प्रमुख त्योहारों—ईद, सरहुल और रामनवमी को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और मर्यादित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से स्थानीय पैराडाइज रिजॉर्ट में एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

इस उच्चस्तरीय बैठक की संयुक्त अध्यक्षता उपायुक्त  शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन ने की। बैठक में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न पूजा समितियों के बीच सीधा संवाद हुआ, ताकि त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जा सके।

प्रशासन की प्राथमिकता: अनुशासन और परंपरा का संगम

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि हजारीबाग की रामनवमी अपने अनुशासन और वैभव के लिए देश भर में पहचानी जाती है। उन्होंने कहा, "इस विरासत को बचाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।" प्रशासन ने इस वर्ष नशामुक्त वातावरण में त्योहार मनाने पर विशेष जोर दिया है।

डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध: बैठक में यह कड़ा निर्देश दिया गया कि जुलूस के दौरान डीजे का प्रयोग वर्जित रहेगा। उपायुक्त ने बताया कि डीजे से होने वाले अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण से बुजुर्गों, हृदय रोगियों और संवेदनशील वर्गों को भारी परेशानी होती है, इसलिए परंपरा के अनुसार वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाए।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी

पुलिस अधीक्षक  अंजनी अंजन ने सुरक्षा रोडमैप साझा करते हुए बताया कि लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।

रियल टाइम मॉनिटरिंग: प्रत्येक जुलूस की नंबरिंग की जाएगी और उनकी आवाजाही की पल-पल की जानकारी ली जाएगी।

तकनीकी सुरक्षा: पूरे शहर और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी।

नियंत्रण कक्ष: जिले में तीन प्रमुख नियंत्रण कक्ष—हजारीबाग, बड़कागांव और बरही—में 24x7 संचालित होंगे।

जनसुविधाओं पर ध्यान: समितियों के सुझाव पर अमल

शांति समिति और अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे, जिन्हें स्वीकार करते हुए प्रशासन ने निम्नलिखित व्यवस्थाओं का आश्वासन दिया:

बिजली व पेड़ों की छंटाई: जुलूस मार्गों पर बिजली के लटकते तारों को ठीक करना और पेड़ों की छंटाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्वास्थ्य एवं पेयजल: प्रमुख स्थानों पर मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, पेयजल टैंकर और सचल शौचालयों की व्यवस्था होगी।

महिला सुरक्षा: भारी भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

आपातकालीन मार्ग: एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के लिए वैकल्पिक रास्तों (Green Corridor) की व्यवस्था की जाएगी।

सोशल मीडिया पर अपील

पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह न फैलाएं और न ही उस पर ध्यान दें। सौहार्दपूर्ण वातावरण बिगाड़ने वालों पर साइबर सेल की पैनी नजर रहेगी।

निष्कर्ष

बैठक में महापौर  अरविंद राणा, उप महापौर अविनाश यादव सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। अंत में, प्रशासन ने हजारीबाग की जनता से आग्रह किया कि वे आपसी भाईचारे के साथ इन पर्वों को मनाकर झारखंड की 'गंगा-जमुनी तहजीब' को और सशक्त करें।

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