हजारीबाग उपायुक्त के नाम पर बना फर्जी फेसबुक अकाउंट, जिला प्रशासन ने जारी की चेतावनी; कानूनी कार्रवाई शुरू
निवर्तमान उपायुक्त की तस्वीर का हो रहा दुरुपयोग; साइबर ठगों से सावधान रहने और गोपनीय जानकारी साझा न करने की अपील।
नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी प्रधान संपादक
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| DC hazaribagh Ka fek facebook page. |
क्या है पूरा मामला? सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 225/27.04.2026) के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'फेसबुक' पर उपायुक्त (DC) हजारीबाग के नाम से एक फर्जी प्रोफाइल बनाई गई है। साइबर अपराधियों ने इस अकाउंट को विश्वसनीय दिखाने के लिए निवर्तमान उपायुक्त की तस्वीर का दुरुपयोग किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस फर्जी अकाउंट का जिला प्रशासन या उपायुक्त कार्यालय से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।
जिला प्रशासन की अपील: न दें कोई व्यक्तिगत जानकारी जिला प्रशासन ने सभी जिलेवासियों और सोशल मीडिया यूजर्स से पुरजोर अपील की है कि वे इस संदिग्ध अकाउंट पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया न दें। अक्सर ऐसे फर्जी अकाउंट्स के जरिए ठग लोगों से वित्तीय मदद मांगते हैं या उनकी गोपनीय जानकारी (जैसे आधार, ओटीपी या बैंक विवरण) चुराने का प्रयास करते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
इस फर्जी अकाउंट से आने वाले किसी भी संदेश या फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें।
अपनी कोई भी व्यक्तिगत, गोपनीय या वित्तीय जानकारी साझा न करें।
यदि आपके पास इस अकाउंट से कोई संदिग्ध मैसेज आता है, तो तुरंत पुलिस या जिला प्रशासन को इसकी सूचना दें।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी हजारीबाग जिला प्रशासन ने इस डिजिटल धोखाधड़ी को गंभीरता से लिया है। आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साइबर सेल इस अकाउंट की जांच कर रहा है ताकि इसे बनाने वालों तक पहुँचा जा सके।
निष्कर्ष प्रशासन का कहना है कि आमजन की जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। किसी भी सरकारी पद या अधिकारी के नाम पर बनी प्रोफाइल की सत्यता जांचे बिना उस पर भरोसा न करें। सतर्क रहें, सजग रहें और साइबर सुरक्षित रहें।

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