-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Special Offer
🎙️ न्यूज़ प्रहरी रिपोर्टर बनें
क्या आप अपने क्षेत्र की आवाज बनना चाहते हैं?
मात्र 5 मिनट में अपनी पत्रकार ID एवं अपॉइंटमेंट लेटर प्राप्त करें!
Global Affairs लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Global Affairs लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 2024 बैच के आईएएस अधिकारियों के साथ किया संवाद, रक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर दी अहम जानकारी

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 2024 बैच के आईएएस अधिकारियों के साथ किया संवाद, रक्षा मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर दी अहम जानकारी

नई दिल्ली: रक्षा राज्य मंत्री  संजय सेठ ने सोमवार (13 मई 2026) को 2024 बैच के चार आईएएस (IAS) प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। ये अधिकारी 8-दिवसीय असिस्टेंट सेक्रेटरी प्रोग्राम (ASP) 2026 के तहत वर्तमान में रक्षा मंत्रालय के साथ सहायक सचिव के रूप में जुड़े हुए हैं।

"Sanjay Seth Interaction with IAS Trainees 2026"

युवा अधिकारियों के साथ साझा किए अनुभव और विजन

बैठक के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय के साथ अपने जुड़ाव के उद्देश्यों और अब तक के अनुभवों को साझा किया। रक्षा राज्य मंत्री ने युवा अधिकारियों का मार्गदर्शन करते हुए रक्षा क्षेत्र की बारीकियों, मंत्रालय की कार्यशैली और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति सरकार के विजन के बारे में विस्तार से चर्चा की।

 संजय सेठ ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा मंत्रालय में उनका यह प्रशिक्षण न केवल उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया को समझने में मदद करेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर रक्षा परियोजनाओं के कार्यान्वयन की चुनौतियों से भी अवगत कराएगा।

क्या है असिस्टेंट सेक्रेटरी प्रोग्राम (ASP)?

असिस्टेंट सेक्रेटरी प्रोग्राम भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके तहत नवनियुक्त आईएएस अधिकारियों को उनके कैडर राज्यों में भेजने से पहले केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के साथ कुछ हफ्तों के लिए अटैच किया जाता है। इसका उद्देश्य इन अधिकारियों को केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली और बड़े नीतिगत निर्णयों की प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।

भविष्य की चुनौतियों के लिए मार्गदर्शन

संवाद के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने रक्षा राज्य मंत्री के विशाल अनुभव और प्रशासनिक अंतर्दृष्टि का लाभ उठाया। मंत्री ने उन्हें लोक सेवा में ईमानदारी, सक्रियता और नवाचार (Innovation) को अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम आगामी 8 हफ्तों तक चलेगा, जिसमें अधिकारी मंत्रालय के विभिन्न विभागों के साथ मिलकर काम करेंगे।

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में प्रगाढ़ता: नई दिल्ली में 17वें विदेश कार्यालय परामर्श में व्यापार, निवेश और नवाचार पर हुई अहम चर्चा

भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में प्रगाढ़ता: नई दिल्ली में 17वें विदेश कार्यालय परामर्श में व्यापार, निवेश और नवाचार पर हुई अहम चर्चा

सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और उज्बेकिस्तान के प्रथम उप विदेश मंत्री बख्रोमजोन एलोव ने की सह-अध्यक्षता; द्विपक्षीय संबंधों के पूर्ण स्पेक्ट्रम की हुई समीक्षा। 

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

नई दिल्ली:भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 17वें विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) का आयोजन नई दिल्ली में किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से सचिव (पश्चिम) राजदूत सिबी जॉर्ज और उज्बेकिस्तान की ओर से प्रथम उप विदेश मंत्री बख्रोमजोन एलोव ने की.
Alt.


द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा


परामर्श के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के पूरे स्पेक्ट्रम की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विशेष रूप से निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया:

आर्थिक सहयोग: व्यापार और निवेश की संभावनाओं का विस्तार।

तकनीक और नवाचार: तकनीकी आदान-प्रदान और नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना।

ऊर्जा और पर्यटन: ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और दोनों देशों के बीच पर्यटन को प्रोत्साहित करना।

सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंध: शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करना।

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर साझा विजन


दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने न केवल आपसी हितों पर चर्चा की, बल्कि परस्पर हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। इसमें मध्य एशिया की स्थिरता और वैश्विक शांति जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। इसके अलावा, काउंसलर (Consular) मुद्दों और जन-दर-जन (People-to-people) संपर्क को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

रणनीतिक महत्व


भारत के लिए उज्बेकिस्तान मध्य एशिया का एक प्रमुख भागीदार है। यह परामर्श दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए एक मजबूत रोडमैप तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा। दोनों पक्षों ने भविष्य में भी उच्च स्तरीय संवाद जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972