भारत-ओमान समुद्री साझेदारी को मिलेगी नई ऊँचाई: बंदरगाहों के विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर हुई उच्च स्तरीय वार्ता
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ओमान के परिवहन मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की चर्चा; ओमान के पोर्ट्स में भारतीय भागीदारी बढ़ाने पर ज़ोर।
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।
नई दिल्ली:भारत और ओमान ने समुद्री क्षेत्र में अपने द्विपक्षीय सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक प्रभावी कदम उठाया है। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने ओमान के परिवहन, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सईद बिन हमूद अल मावली के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत चर्चा की।
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| पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल |
बंदरगाहों में भारतीय भागीदारी पर चर्चा
बैठक का मुख्य केंद्र ओमान के प्रमुख बंदरगाहों में भारतीय भागीदारी और निवेश के अवसरों का विस्तार करना रहा। ओमान की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, भारतीय शिपिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए वहाँ के बंदरगाहों में उपस्थिति दर्ज कराना वैश्विक व्यापार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास का रोडमैप
संवाद के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (Regional Connectivity) को मजबूत करने और साझा आर्थिक विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा हुई:
समुद्री व्यापारिक मार्गों को और अधिक सुगम बनाना।
दोनों देशों के बीच लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार।
ब्लू इकोनॉमी और समुद्री बुनियादी ढांचे में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान।
रणनीतिक महत्व
ओमान, पश्चिम एशिया में भारत के सबसे करीबी समुद्री पड़ोसियों में से एक है। इस वार्ता से न केवल दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध प्रगाढ़ होंगे, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह चर्चा भविष्य में ठोस परिणामों में तब्दील होगी।

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