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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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जी.एम. इंटर कॉलेज में मना 'अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस', छात्रों ने सीखा पारिवारिक समरसता और संस्कारों का पाठ

जी.एम. इंटर कॉलेज में मना 'अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस', छात्रों ने सीखा पारिवारिक समरसता और संस्कारों का पाठ

पास होकर भी दूर कर रहा मोबाइल"— आधुनिक युग में पारिवारिक समरसता बनाए रखने पर कॉलेज में विशेष व्याख्यान।

इचाक (हजारीबाग): समाज की सबसे छोटी लेकिन सबसे मजबूत इकाई 'परिवार' के महत्व को रेखांकित करने के लिए शुक्रवार (15 मई) को इचाक स्थित जी.एम. इंटर महाविद्यालय में 'अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को आधुनिक दौर में पारिवारिक मूल्यों को सहेजने और आपसी प्रेम व समरसता बनाए रखने की सीख दी गई।

Ratnesh Kumar Rana

परिवार: जीवन की पहली पाठशाला

कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र के शिक्षक रत्नेश कुमार राणा द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परिवार ही वह स्थान है जहाँ बच्चा सबसे पहले संस्कार, व्यवहार और नैतिकता सीखता है। माता-पिता, दादा-दादी और भाई-बहन का साथ न केवल हमें सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि हमारे आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।

Gm college Class room.

डिजिटल दौर में बढ़ती दूरियों पर चिंता

शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने आज के तकनीकी युग की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा:

मोबाइल और इंटरनेट का प्रभाव: आधुनिकता की दौड़ में मोबाइल ने लोगों को एक ही छत के नीचे होते हुए भी एक-दूसरे से दूर कर दिया है।

समय का अभाव: लोग काम में इतने व्यस्त हैं कि अपनों के साथ बैठने का समय नहीं निकाल पा रहे हैं।

समाधान: उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे प्रतिदिन अपने बड़ों के साथ समय बिताएं, उनका सम्मान करें और छोटे सदस्यों को स्नेह दें।

सुखी परिवार से ही बनेगा मजबूत राष्ट्र

व्याख्यान के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि एक सुखी और संगठित परिवार ही एक स्वस्थ समाज और अंततः एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखता है। यदि परिवार में एकता, विश्वास और प्रेम बना रहे, तो जीवन की बड़ी से बड़ी कठिनाइयों को भी आसानी से पार किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने अपने परिवार के प्रति कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाने का संकल्प लिया।

जिला स्कूल के रिजल्ट पर DC हेमंत सती गंभीर, क्लासरूम में पहुँचकर छात्रों को दिए 'सफलता के मंत्र'

जिला स्कूल के रिजल्ट पर DC हेमंत सती गंभीर, क्लासरूम में पहुँचकर छात्रों को दिए 'सफलता के मंत्र'

हजारीबाग: शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर हजारीबाग जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में शुक्रवार (15 मई) को उपायुक्त हेमन्त सती ने 'सीएम उत्कृष्ट विद्यालय' (जिला स्कूल) का औचक निरीक्षण किया। 12वीं की परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक बेहतर प्रदर्शन नहीं होने पर उपायुक्त ने गहरी चिंता व्यक्त की और विद्यालय की प्राचार्या निकिता कुमारी को शिक्षण व्यवस्था में तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए।

DC Hazaribagh,

क्लासरूम में 'टीचर' की भूमिका में दिखे उपायुक्त

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त केवल एक प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उनसे उनके लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। उपायुक्त ने बच्चों को सफलता के 'गोल्डन टिप्स' भी दिए:

Vidharthiyon se sedha samwad.

पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास: उन्होंने छात्रों को पिछले 10 से 12 वर्षों के प्रश्नपत्रों (Previous Years Papers) को हल करने की सलाह दी।

विषय की गहराई: किसी भी विषय को रटने के बजाय उसकी बुनियादी समझ विकसित करने पर जोर दिया।

मोबाइल का सही उपयोग: उपायुक्त ने छात्रों को मोबाइल का उपयोग केवल गेम या सोशल मीडिया के लिए नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन लर्निंग के लिए करने को प्रेरित किया।

शिक्षकों को निर्देश: 'पढ़ाओ और टेस्ट लो'

विद्यालय की समीक्षा करते हुए उपायुक्त को बताया गया कि कक्षा 6 से 12 तक कुल 520 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनके लिए 28 शिक्षक कार्यरत हैं। उपायुक्त ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि:

प्रत्येक अध्याय (Chapter) खत्म होने के बाद अनिवार्य रूप से नियमित टेस्ट आयोजित किए जाएं।

छात्रों में लिखकर अभ्यास करने की आदत डाली जाए, ताकि परीक्षा में उनकी सटीकता बढ़े।

कमजोर विषयों वाले छात्रों के लिए विशेष सत्र (Extra Classes) आयोजित हों।

संसाधनों और सफाई पर जोर

निरीक्षण के अंत में सती ने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने प्राचार्या को निर्देश दिया कि परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि संसाधनों से संबंधित किसी भी समस्या को प्रशासन के संज्ञान में लाएं, उसका त्वरित समाधान किया जाएगा। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि अनुशासन और कड़ी मेहनत ही सफलता की एकमात्र चाबी है।

क्या आपको लगता है कि नियमित टेस्ट से सरकारी स्कूलों के रिजल्ट में सुधार होगा? अपनी राय कमेंट में दें।

जी.एम. इंटर महाविद्यालय में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन: छात्र-छात्राओं ने 'ह्यूमन एनाटॉमी' और 'स्मार्ट विलेज' जैसे मॉडलों से दिखाई वैज्ञानिक सोच

जी.एम. इंटर महाविद्यालय में विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन: छात्र-छात्राओं ने 'ह्यूमन एनाटॉमी' और 'स्मार्ट विलेज' जैसे मॉडलों से दिखाई वैज्ञानिक सोच

 नवाचार की दिखी झलक: प्रथम पुरस्कार 'ह्यूमन एनाटॉमी' ग्रुप को, 25 छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शित किए वर्किंग मॉडल।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

इचाक/हजारीबाग: शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे प्रयोगों के माध्यम से जीवंत करना ही वास्तविक अधिगम है। इसी उद्देश्य के साथ जी.एम. इंटर महाविद्यालय के प्रांगण में विज्ञान विभाग द्वारा 'विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी' का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में विज्ञान द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का लोहा मनवाया।

मॉडल की जानकारी देते विजेता छात्र और साथ में निरीक्षण करते मुख्य अतिथि व महाविद्यालय के पदाधिकारी।

शुभारंभ और संबोधन

प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ महाविद्यालय के सचिव  विनय कुमार और प्राचार्य महोदय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सचिव विनय कुमार ने कहा, "आज की इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के नवाचार (Innovation) की स्पष्ट झलक देखने को मिली है। इस तरह के आयोजनों से छात्रों में विज्ञान के प्रति न केवल रुचि बढ़ती है, बल्कि उनमें छिपी प्रतिभा भी निखर कर सामने आती है।"

Pradarshan karte chhatra.

प्राचार्य ने भी छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मॉडलों के माध्यम से छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया है, जिसे भविष्य में और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है।

आकर्षण का केंद्र रहे ये मॉडल

विज्ञान प्रदर्शनी में कुल 25 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित कई बेहतरीन वर्किंग मॉडल्स आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्य आकर्षणों में शामिल थे:

ह्यूमन एनाटॉमी और डी एन ए स्ट्रक्चर (जीव विज्ञान)

चंद्रयान और बिजली प्लांट (अंतरिक्ष और ऊर्जा)

हाइड्रोलिक ब्रिज और व्हीट स्टोन ब्रिज (इंजीनियरिंग और भौतिकी)

स्मार्ट विलेज, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वेस्ट एनर्जी (सतत विकास)

एसिड रेन और कार्बन एब्जर्वर (पर्यावरण सुरक्षा)

विजेताओं की घोषणा और सम्मान

प्रतियोगिता में मॉडलों की गुणवत्ता और उनकी उपयोगिता के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया:

प्रथम पुरस्कार: 'ह्यूमन एनाटॉमी' मॉडल के लिए ऋतिका कुमारी, सानिया ठाकुर, रिषिका कुमारी और रोनी कुमारी के ग्रुप को दिया गया।

द्वितीय पुरस्कार: 'व्हीट स्टोन ब्रिज' बनाने वाले ग्रुप की अंचल कुमारी, खुशी कुमारी और प्रज्ञा कुमारी ने जीता।

तृतीय पुरस्कार: 'हाइड्रोलिक ब्रिज' के लिए आरती कुमारी, साइमा कुमारी, पुष्पा कुमारी, ज्योति कुमारी और कृति कुमारी के समूह को मिला।

इसके अतिरिक्त, सभी प्रतिभागियों को उनके उत्साहवर्धन के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

अतिथियों का योगदान और शिक्षकों का मार्गदर्शन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित  लक्ष्मण कुमार, दिलीप पोद्दार और सतीश कुमार ने प्रत्येक मॉडल का बारीकी से निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से उनके प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली।

प्रदर्शनी का आयोजन विज्ञान शिक्षिका सुशीला कुमारी की अध्यक्षता में किया गया। छात्रों को ये मॉडल तैयार करने में शिक्षक रंजीत कुमार, जयराज कुमार और नीतेश कुमार ने विशेष तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अवसर पर विनय कुमार मेहता, रेयाज अहमद, डॉ उमेश ठाकुर, आशीष पांडे और कुंदन शशि शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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