जिला स्कूल के रिजल्ट पर DC हेमंत सती गंभीर, क्लासरूम में पहुँचकर छात्रों को दिए 'सफलता के मंत्र'
हजारीबाग: शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर हजारीबाग जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में शुक्रवार (15 मई) को उपायुक्त हेमन्त सती ने 'सीएम उत्कृष्ट विद्यालय' (जिला स्कूल) का औचक निरीक्षण किया। 12वीं की परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक बेहतर प्रदर्शन नहीं होने पर उपायुक्त ने गहरी चिंता व्यक्त की और विद्यालय की प्राचार्या निकिता कुमारी को शिक्षण व्यवस्था में तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए।
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| DC Hazaribagh, |
क्लासरूम में 'टीचर' की भूमिका में दिखे उपायुक्त
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त केवल एक प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उनसे उनके लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। उपायुक्त ने बच्चों को सफलता के 'गोल्डन टिप्स' भी दिए:
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| Vidharthiyon se sedha samwad. |
पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास: उन्होंने छात्रों को पिछले 10 से 12 वर्षों के प्रश्नपत्रों (Previous Years Papers) को हल करने की सलाह दी।
विषय की गहराई: किसी भी विषय को रटने के बजाय उसकी बुनियादी समझ विकसित करने पर जोर दिया।
मोबाइल का सही उपयोग: उपायुक्त ने छात्रों को मोबाइल का उपयोग केवल गेम या सोशल मीडिया के लिए नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन लर्निंग के लिए करने को प्रेरित किया।
शिक्षकों को निर्देश: 'पढ़ाओ और टेस्ट लो'
विद्यालय की समीक्षा करते हुए उपायुक्त को बताया गया कि कक्षा 6 से 12 तक कुल 520 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनके लिए 28 शिक्षक कार्यरत हैं। उपायुक्त ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि:
प्रत्येक अध्याय (Chapter) खत्म होने के बाद अनिवार्य रूप से नियमित टेस्ट आयोजित किए जाएं।
छात्रों में लिखकर अभ्यास करने की आदत डाली जाए, ताकि परीक्षा में उनकी सटीकता बढ़े।
कमजोर विषयों वाले छात्रों के लिए विशेष सत्र (Extra Classes) आयोजित हों।
संसाधनों और सफाई पर जोर
निरीक्षण के अंत में सती ने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने प्राचार्या को निर्देश दिया कि परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि संसाधनों से संबंधित किसी भी समस्या को प्रशासन के संज्ञान में लाएं, उसका त्वरित समाधान किया जाएगा। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि अनुशासन और कड़ी मेहनत ही सफलता की एकमात्र चाबी है।
क्या आपको लगता है कि नियमित टेस्ट से सरकारी स्कूलों के रिजल्ट में सुधार होगा? अपनी राय कमेंट में दें।


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