हजारीबाग में कचरा अलग-अलग नहीं किया तो लगेगा भारी जुर्माना, नगर आयुक्त ने वार्ड पार्षदों संग की बैठक; नियमों के उल्लंघन पर मोबाइल पोस्ट करेगी दंडात्मक कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 कड़ाई से लागू; अब हरा, नीला, लाल और काला डस्टबिन रखना अनिवार्य।
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नगर आयुक्त ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया कि शहर के सभी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अपने कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर डस्टबिन में रखना होगा:
🟢 हरा डस्टबिन: गीला कचरा (रसोई का अपशिष्ट, फल-सब्जियों के छिलके आदि)
🔵 नीला डस्टबिन: सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज, गत्ता, कांच आदि)
🔴 लाल डस्टबिन: सैनिटरी अपशिष्ट (डायपर, सैनिटरी पैड आदि)
⚫ काला डस्टबिन: विशेष देखभाल कचरा (घरेलू खतरनाक अपशिष्ट जैसे बैटरी, केमिकल शीशियां आदि)
सुप्रीम कोर्ट का आदेश, नियमों में ढिलाई नहीं
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चूंकि यह नियम माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के आदेशों के आलोक में तैयार किया गया है, इसलिए इसके अनुपालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
'मोबाइल पोस्ट' रखेगी नजर, लगेगा जुर्माना
कार्ययोजना को सफल बनाने के लिए सेनेटरी सुपरवाइजर और सिटी मैनेजर, संबंधित वार्ड पार्षदों के साथ मिलकर लगातार फील्ड मॉनिटरिंग करेंगे। इसके साथ ही, पूरे नगर निगम क्षेत्र में विशेष निगरानी दस्ते यानी मोबाइल पोस्ट की व्यवस्था की जा रही है। शहर में कहीं भी अनावश्यक रूप से गंदगी फैलाने या कचरा अलग-अलग न करने वालों के विरुद्ध अब ऑन-द-स्पॉट सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
खबर का स्रोत (Source): यह महत्वपूर्ण जानकारी हजारीबाग नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 19/18.05.2026 के माध्यम से प्राप्त हुई है।

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