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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Sonam Wangchuk Statement: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले सोनम वांगचुक— "यह लोकतंत्र और Gen Z की जीत है, अब सुधारों की ओर बढ़ें"

 

Sonam Wangchuk Statement on Dharmendra Pradhan Resignation: "यह लोकतंत्र की जीत है", केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर बोले सोनम वांगचुक

नई दिल्ली / लेह:

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा विवाद और मौजूदा घटनाक्रमों के बीच पद से त्यागपत्र दिए जाने के बाद, लद्दाख के प्रमुख सामाजिक व पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की प्रतिक्रिया सामने आई है। सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए इस फैसले को "लोकतंत्र की जीत" करार दिया और देश की युवा पीढ़ी (Gen Z) के धैर्य व अहिंसक प्रयासों की सराहना की।

Sonam Wangchuk Statement

"सड़कों से उपजी प्रत्यक्ष लोकतंत्र की जीत": सोनम वांगचुक

​सोनम वांगचुक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा:

"IT’S A VICTORY OF DEMOCRACY — direct democracy... straight from the streets. It’s a victory of peace, patience & perseverance. Congratulations CJP, Gen Z of the nation and thank you all citizens for shedding fear and the fear of fear and rising up from every corner of the nation."

(यह लोकतंत्र की जीत है — सीधी लोकतंत्र... जो सीधे सड़कों से उपजी है। यह शांति, धैर्य और निरंतर प्रयास की जीत है। सीजेपी (CJP), देश की Gen Z और देश के हर कोने से डर को त्यागकर आगे आने वाले सभी नागरिकों को बधाई और धन्यवाद।)


उत्तरदायित्व से अब सुधारों की ओर (From Accountability, Now to Reforms)

​वांगचुक ने अपने वक्तव्य का अंत करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि यह कदम केवल शुरुआत है। उन्होंने लिखा:

"FROM ACCOUNTABILITY, NOW TO REFORMS"

(जवाबदेही से अब सुधारों की ओर)


​सोनम वांगचुक ने देश के युवाओं और छात्रों से अपील की कि जवाबदेही तय होने के बाद अब मुख्य ध्यान परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में मजबूत सुधारों (Reforms) को लागू कराने पर होना चाहिए।

Official Social Media Post by Sonam Wangchuk

Sonam Wangchuk Ends Fast: जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मिले आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, युवाओं से की शांति की अपील

Sonam Wangchuk Ends Fast: केंद्रीय मंत्रियों से आश्वासन मिलने के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन

नई दिल्ली

जलवायु कार्यकर्ता और लद्दाख के प्रमुख सामाजिक नेता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से मिले आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। नई दिल्ली स्थित अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में वांगचुक ने जल ग्रहण कर अनशन खत्म किया।

NEET पेपर लीक: सरकार के आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त, प्रदर्शनकारी छात्रों को राहत। पढ़ें पूरी अपडेट।

सोनम वांगचुक का वक्तव्य और अपील

​अस्पताल के बेड से मीडिया और समर्थकों को संबोधित करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा:

​"सरकार ने आश्वासन दिया है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले और संसद मार्च में भाग लेने वाले युवाओं पर कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा। इसके अलावा परीक्षा में पेपर लीक और शैक्षणिक सुधारों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर संसद में सकारात्मक चर्चा होगी। साथ ही, हाल ही में NEET पेपर लीक से प्रभावित आत्महत्या के शिकार पीड़ितों के लिए उपयुक्त मुआवजे पर विचार किया जा रहा है।"

​वांगचुक ने आंदोलनरत छात्रों और युवाओं से शांति बनाए रखने की भावुक अपील करते हुए कहा कि वे हर प्रकार की हिंसा और असामाजिक तत्वों से दूर रहें। उन्होंने कहा, "मैं युवाओं से अपील करता हूँ कि वे अपनी उचित माँगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखें। मैं सरकार के इस सकारात्मक कदम और आश्वासन के लिए आभारी हूँ।"

केंद्रीय मंत्रियों का दौरा और अनशन समाप्ति

​स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुँचकर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य का हालचाल जाना और उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। लद्दाख के शीर्ष निकाय (Apex Body) के प्रतिनिधि भी इस दौरान उपस्थित रहे, जो विशेष रूप से लद्दाख से दिल्ली पहुँचे थे।

Press Information Bureau / Direct Hospital Media Briefing Video video collection Somal Wangchuk Page.

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Sonam Wangchuk Letter to Union Ministers Nadda and Jitendra Singh: Fast Condition

 

​सोनम वांगचुक का केंद्रीय मंत्रियों नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र: बोले—'प्रदर्शनकारी छात्रों पर न हो कानूनी कार्रवाई, तभी तोडूंगा अनशन'

नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों नड्डा और जितेंद्र सिंह को पत्र लिखा है।

Sonam Wangchuk का बड़ा कदम: Nadda और Jitendra Singh को लिखा पत्र, अनशन तोड़ने के लिए रखी यह शर्त!

​अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अपना अनशन समाप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, बशर्ते सरकार आंदोलन में शामिल युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित और स्पष्ट आश्वासन दे।

​अस्पताल में मुलाकात और अनशन समाप्त करने की अपील

​सोनम वांगचुक ने अपने पत्र में पिछली रात अस्पताल पहुंचे दोनों केंद्रीय मंत्रियों का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि मंत्रियों ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था।

​बातचीत के दौरान मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों का उल्लेख करते हुए वांगचुक ने लिखा:

  • पीड़ित परिवारों को मुआवजा: परीक्षा पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने पर सरकार सकारात्मक विचार करेगी।
  • संसद में जवाबदेही और चर्चा: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सहित पूरे मामले की जवाबदेही तय करने के लिए संसद में सार्थक चर्चा कराई जाएगी।

​"65 से अधिक सांसदों ने की अनशन तोड़ने की अपील"

​पत्र में सोनम वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों के दौरे के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 से अधिक सांसदों ने उनसे संपर्क कर अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया है।

​उन्होंने लिखा, "मैं जीवित रहना चाहता हूं। मैं अपने छात्रों, शिक्षा और अपने सामाजिक कार्यों के बीच लौटना चाहता हूं। लेकिन मैं उन युवाओं की बलि देकर ऐसा नहीं कर सकता, जिनके अधिकारों के लिए यह आंदोलन शुरू हुआ था।"

​सरकार के समक्ष रखी मुख्य शर्त

​सोनम वांगचुक ने सरकार से स्पष्ट आश्वासन मांगा है कि 20 जुलाई 2026 को आयोजित शांतिपूर्ण 'चलो संसद' मार्च या इस आंदोलन में हिस्सा लेने वाले किसी भी युवा प्रदर्शनकारी के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई या मुकदमे दर्ज न किए जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं का एकमात्र अपराध एक निष्पक्ष और पारदर्शी शिक्षा प्रणाली के लिए अपनी आवाज उठाना था।

​उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा आश्वासन नहीं मिलता है, तो वे अपना अनशन अनिश्चितकाल के लिए जारी रखने को मजबूर होंगे।

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