लाल किला मैदान में 'जनजाति सांस्कृतिक समागम': केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान बिरसा मुंडा को दी श्रद्धांजलि, देश भर से जुटे हजारों आदिवासी प्रतिनिधि
नरेश सोनी प्रधान सम्पादक।
नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में 'जनजाति सुरक्षा मंच' और 'जनजाति जागृति समिति' के संयुक्त तत्वाधान में एक भव्य और ऐतिहासिक "जनजाति सांस्कृतिक समागम" का आयोजन किया गया। यह विशेष समागम धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी के 150वें जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
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| Amit Shah Janjatiya Sanskritik Samagam New Delhi 2026 |
इस महा-समागम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया और मंच से उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित किया।
भगवान बिरसा मुंडा और आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन
मंच से हुंकार भरते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान बिरसा मुंडा के ऐतिहासिक योगदान, उनके उलगुलान आंदोलन और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए किए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय रहा है, जिसे इतिहास में वह स्थान नहीं मिला जिसका वह हकदार था।
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देश भर से उमड़ा जनसैलाब, पारंपरिक परिधानों में सजे दिखे लोग
लाल किला मैदान में आयोजित इस सांस्कृतिक समागम की भव्यता देखते ही बन रही थी। देश के विभिन्न राज्यों (झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों) से हजारों की संख्या में जनजातीय भाई-बहन इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने पहुंचे थे।
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- मैदान में उपस्थित जनसमूह अपने पारंपरिक आदिवासी परिधानों, आभूषणों और वाद्य यंत्रों के साथ पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया।
- कार्यक्रम के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए आदिवासी कलाकारों ने मनमोहक पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जनजातीय समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार: अमित शाह
अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा आदिवासी और जनजातीय समाज के विकास के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद (राष्ट्रपति) पर जनजातीय समाज की बेटी आदरणीय द्रौपदी मुर्मू जी आसीन हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान सरकार में अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान मिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का विस्तार, जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा (सड़क, बिजली, पानी) का सुदृढ़ीकरण और 'पीएम जनमन योजना' के माध्यम से अत्यंत पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) तक सीधे सरकारी लाभ पहुंचाना सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है।
भव्य मंच पर कई प्रबुद्ध और सामाजिक नेता रहे उपस्थित
इस ऐतिहासिक महा-समागम के दौरान मुख्य मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री के साथ जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति के कई राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रबुद्ध जनजातीय नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में गृह मंत्री ने हाथ उठाकर और मुट्ठी बंद कर 'जय जोहार' और 'भगवान बिरसा मुंडा अमर रहें' के नारों के साथ जनसमूह का अभिवादन स्वीकार किया, जिसके बाद पूरे मैदान में उत्साह का माहौल देखा गया।



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