"सीसीआर डीएसपी की अगुवाई में शहर के 15 से अधिक प्रमुख चौराहों पर चला सघन चेकिंग अभियान; नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं"— पुलिस अधीक्षक
क्राइम एवं प्रशासनिक ब्यूरो, हजारीबाग:
- रिपोर्टर: पुलिस ब्यूरो संवाददाता (News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): कार्यालय - पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग (दिनांक: 13 जून 2026)
हजारीबाग:
हजारीबाग शहर की चरमराती यातायात व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम नागरिकों को नियमों के प्रति गंभीर बनाने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक और बेहद कड़ा विधिक रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशानुसार शनिवार, 13 जून 2026 को पूरे हजारीबाग शहरी क्षेत्र में एक साथ दो स्तरीय (जागरूकता सह दंडात्मक) विशेष यातायात अभियान चलाया गया। इस महा-अभियान के तहत जहां एक तरफ पुलिस जीप के माध्यम से मुख्य बाजारों और सड़कों पर घूम-घूमकर रिकॉर्डेड ऑडियो द्वारा लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया गया, वहीं दूसरी तरफ प्रमुख मोड़ों पर विधिक रूप से घेराबंदी कर नियम तोड़ने वाले 147 से अधिक ऑटो, टोटो, दुपहिया और अन्य वाहनों का ऑन-स्पॉट चालान काटा गया। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यह दंडात्मक अभियान अब शहर में लगातार जारी रहेगा।
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| 🚔 ट्रैफिक महा-अभियान: हजारीबाग पुलिस ने पूरे शहर में चलाया विशेष चेकिंग सह जागरूकता अभियान; नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 147 वाहनों का काटा चालान! |
डीएसपी सीसीआर के नेतृत्व में गठित हुई विशेष टीम, शहर के कोने-कोने में गूंजा पुलिस का माइक
यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार और अनुपालन के लिए पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सीसीआर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इस टीम में मुख्य रूप से पुलिस निरीक्षक (Inspector) सह यातायात थाना प्रभारी, 03 अन्य पुलिस पदाधिकारी और 10 गृह रक्षक (होमगार्ड) के जवान शामिल थे। इस गठित टीम ने डीएसपी सीसीआर और ट्रैफिक थाना प्रभारी की प्रत्यक्ष देखरेख में बारी-बारी से स्थान बदलकर पूरे हजारीबाग शहरी क्षेत्र में माइक और लाउडस्पीकर के जरिए नो-पार्किंग और सुरक्षा नियमों का सघन प्रचार-प्रसार किया।
प्रशासन की गाड़ियों ने शहर के व्यस्ततम डीवीसी चौक, हीराबाग चौक, डिस्ट्रिक्ट मोड़, पीटीसी चौक, मटवारी चौक, बाबू गांव चौक, कोर्रा चौक, इंद्रपुरी चौक से लेकर पानी टंकी, पैगोडा चौक, खाजा चौक, छोटी ग्वालटोली, सांसद महोदय मोड़, सुंदरी मार्केट, झंडा चौक और पंच मंदिर चौक तक के सभी मुख्य मार्गों पर घूम-घूमकर उद्घोषणा की। पुलिस द्वारा मुख्य रूप से बाजारों में नो-पार्किंग क्षेत्र में गाड़ियां खड़ी न करने और सड़कों पर बनाई गई व्हाइट लाइन (सफेद पट्टी) के अंदर ही अनुशासित रूप से वाहन खड़ा करने की विधिक हिदायत दी गई।
डिस्ट्रिक्ट मोड़ पर चला हाई-वोल्टेज चेकिंग अभियान, बिना हेलमेट और ट्रिपल लोडिंग वाले नपे
जागरूकता अभियान के साथ ही पुलिस की दूसरी टीम ने डिस्ट्रिक्ट मोड़ पर एक विशेष विधिक वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ा विधिक शिकंजा कसा गया। पुलिस की इस दंडात्मक कार्रवाई के दौरान कुल 147 से अधिक वाहनों पर विधिक जुर्माना लगाते हुए चालान काटा गया, जिसका विवरण इस प्रकार है:
- बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले: 103 चालक
- ट्रिपल लोड (तीन सवारी) मोटरसाइकिल: 29 वाहन
- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग करने वाले: 03 चालक
- नो-पार्किंग जोन में अवैध रूप से खड़े ऑटो/टोटो व अन्य वाहन: 12 गाड़ियां
📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव व विधिक गाइड (मोटर वाहन अधिनियम एवं यातायात पुलिस मैनुअल / Motor Vehicles Act)
📌 जानिए सड़क पर वाहन चलाने और चालान कटने से जुड़े विधिक नियम क्या हैं?
- मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 129/177: बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने पर विधिक रूप से 1000 रुपये का जुर्माना और 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने का प्रावधान है। वहीं ट्रिपल राइडिंग पर धारा 128 के तहत कड़े आर्थिक दंड का नियम है।
- धारा 184 (c) (खतरनाक ढंग से वाहन चलाना): वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना विधिक रूप से एक गंभीर और गैर-जमानती प्रकृति का विधिक अपराध माना जाता है, क्योंकि यह सड़क पर चल रहे अन्य राहगीरों की जान को भी जोखिम में डालता है। इसके तहत भारी जुर्माने और कारावास दोनों का विधिक प्रावधान है।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: सिर्फ चालान काटना नाकाफी, टोटो-ऑटो के रूट निर्धारण से ही सुधरेगी हजारीबाग की सूरत (Editorial)
हजारीबाग पुलिस द्वारा 147 वाहनों का चालान काटना और 15 चौराहों पर अनाउंसमेंट करना सराहनीय, पर समस्या की जड़ कुछ और है
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी सीसीआर की टीम द्वारा शनिवार को चलाया गया यह यातायात महा-अभियान शहर की दम तोड़ती ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एक कड़ा और जरूरी प्रशासनिक संदेश है। 103 बिना हेलमेट वालों का चालान काटना यह साबित करता है कि शहर के युवाओं में अब भी सुरक्षा को लेकर विधिक लापरवाही चरम पर है। हालांकि, 'न्यूज़ प्रहरी' का मानना है कि हजारीबाग को स्थाई रूप से जाम मुक्त करने के लिए केवल डिस्ट्रिक्ट मोड़ पर चेकिंग लगाना या झंडा चौक पर माइक बजाना नाकाफी है। शहर में बिना लाइसेंस और बिना रूट के दौड़ रहे हजारों ई-रिक्शा (टोटो) और ऑटो इस जाम की असली विधिक जड़ हैं। जब तक जिला प्रशासन और नगर निगम के साथ मिलकर पुलिस इन टोटो चालकों का वार्ड-वार रूट निर्धारित नहीं करेगी और नो-पार्किंग जोन में गाड़ियां खड़ी करने वाले रसूखदारों की गाड़ियों को सीधे क्रेन से उठाकर भारी जुर्माना नहीं ठोकेगी, तब तक हर अभियान कुछ दिनों बाद बेअसर साबित होने लगेगा।

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