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बड़कागांव में वज्रपात का कहर: खेत में काम कर रहे पलांडू निवासी किसुन महतो की मौत, गांव में शोक

 

बड़कागांव में वज्रपात का कहर: खेत में काम कर रहे पलांडू निवासी किसुन महतो की मौत, गांव में शोक

​"तलसवार पंचायत में दोपहर बाद बारिश और गर्जन के साथ गिरी आकाशीय बिजली; शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल भेजा गया"— विशेष ब्यूरो रिपोर्ट

​बड़कागांव (हजारीबाग):

बड़कागांव थाना अंतर्गत तलसवार पंचायत के पलांडू गांव में वज्रपात (आकाशीय बिजली) गिरने से एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक की पहचान पलांडू निवासी 50 वर्षीय किसुन महतो के रूप में की गई है।

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खेत में काम करने के दौरान हुआ हादसा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसुन महतो दोपहर बाद करीब 3:45 बजे अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज गर्जना व बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरी। वज्रपात की चपेट में आने से किसुन महतो की मौके पर ही मौत हो गई।

​ग्रामीणों की मदद से शव को लाया गया घर

​घटना के तुरंत बाद आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उनके सहयोग से शव को घटनास्थल से उठाकर उनके घर लाया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने घटना की जानकारी एम्बुलेंस सेवा और स्थानीय पुलिस को दी। कागजी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

और पढ़ें:हजारीबाग सनसनी: मोबाइल दिलाने के बहाने दो मासूम भाई-बहन का किया अपहरण, फिर की निर्मम हत्या; आरोपी संजीत पासवान गिरफ्तार

हजारीबाग पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा मेगा ट्रैफिक अभियान: 147 से अधिक वाहनों का काटा गया चालान, सड़कों पर अनाउंसमेंट कर दी चेतावनी

 

"सीसीआर डीएसपी की अगुवाई में शहर के 15 से अधिक प्रमुख चौराहों पर चला सघन चेकिंग अभियान; नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं"— पुलिस अधीक्षक

​क्राइम एवं प्रशासनिक ब्यूरो, हजारीबाग:

  • ​रिपोर्टर: पुलिस ब्यूरो संवाददाता (News Prahari)
  • ​समाचार स्रोत (Source): कार्यालय - पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग (दिनांक: 13 जून 2026)

​हजारीबाग:

हजारीबाग शहर की चरमराती यातायात व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आम नागरिकों को नियमों के प्रति गंभीर बनाने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने एक व्यापक और बेहद कड़ा विधिक रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देशानुसार शनिवार, 13 जून 2026 को पूरे हजारीबाग शहरी क्षेत्र में एक साथ दो स्तरीय (जागरूकता सह दंडात्मक) विशेष यातायात अभियान चलाया गया। इस महा-अभियान के तहत जहां एक तरफ पुलिस जीप के माध्यम से मुख्य बाजारों और सड़कों पर घूम-घूमकर रिकॉर्डेड ऑडियो द्वारा लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया गया, वहीं दूसरी तरफ प्रमुख मोड़ों पर विधिक रूप से घेराबंदी कर नियम तोड़ने वाले 147 से अधिक ऑटो, टोटो, दुपहिया और अन्य वाहनों का ऑन-स्पॉट चालान काटा गया। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि यह दंडात्मक अभियान अब शहर में लगातार जारी रहेगा।

🚔 ट्रैफिक महा-अभियान: हजारीबाग पुलिस ने पूरे शहर में चलाया विशेष चेकिंग सह जागरूकता अभियान; नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 147 वाहनों का काटा चालान! 

डीएसपी सीसीआर के नेतृत्व में गठित हुई विशेष टीम, शहर के कोने-कोने में गूंजा पुलिस का माइक

​यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार और अनुपालन के लिए पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सीसीआर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया था। इस टीम में मुख्य रूप से पुलिस निरीक्षक (Inspector) सह यातायात थाना प्रभारी, 03 अन्य पुलिस पदाधिकारी और 10 गृह रक्षक (होमगार्ड) के जवान शामिल थे। इस गठित टीम ने डीएसपी सीसीआर और ट्रैफिक थाना प्रभारी की प्रत्यक्ष देखरेख में बारी-बारी से स्थान बदलकर पूरे हजारीबाग शहरी क्षेत्र में माइक और लाउडस्पीकर के जरिए नो-पार्क‍िंग और सुरक्षा नियमों का सघन प्रचार-प्रसार किया।

​प्रशासन की गाड़ियों ने शहर के व्यस्ततम डीवीसी चौक, हीराबाग चौक, डिस्ट्रिक्ट मोड़, पीटीसी चौक, मटवारी चौक, बाबू गांव चौक, कोर्रा चौक, इंद्रपुरी चौक से लेकर पानी टंकी, पैगोडा चौक, खाजा चौक, छोटी ग्वालटोली, सांसद महोदय मोड़, सुंदरी मार्केट, झंडा चौक और पंच मंदिर चौक तक के सभी मुख्य मार्गों पर घूम-घूमकर उद्घोषणा की। पुलिस द्वारा मुख्य रूप से बाजारों में नो-पार्किंग क्षेत्र में गाड़ियां खड़ी न करने और सड़कों पर बनाई गई व्हाइट लाइन (सफेद पट्टी) के अंदर ही अनुशासित रूप से वाहन खड़ा करने की विधिक हिदायत दी गई।

​डिस्ट्रिक्ट मोड़ पर चला हाई-वोल्टेज चेकिंग अभियान, बिना हेलमेट और ट्रिपल लोडिंग वाले नपे

​जागरूकता अभियान के साथ ही पुलिस की दूसरी टीम ने डिस्ट्रिक्ट मोड़ पर एक विशेष विधिक वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ा विधिक शिकंजा कसा गया। पुलिस की इस दंडात्मक कार्रवाई के दौरान कुल 147 से अधिक वाहनों पर विधिक जुर्माना लगाते हुए चालान काटा गया, जिसका विवरण इस प्रकार है:

  • ​बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले: 103 चालक
  • ​ट्रिपल लोड (तीन सवारी) मोटरसाइकिल: 29 वाहन
  • ​ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का उपयोग करने वाले: 03 चालक
  • ​नो-पार्किंग जोन में अवैध रूप से खड़े ऑटो/टोटो व अन्य वाहन: 12 गाड़ियां

​📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव व विधिक गाइड (मोटर वाहन अधिनियम एवं यातायात पुलिस मैनुअल / Motor Vehicles Act)

​📌 जानिए सड़क पर वाहन चलाने और चालान कटने से जुड़े विधिक नियम क्या हैं?

  • ​मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 129/177: बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने पर विधिक रूप से 1000 रुपये का जुर्माना और 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने का प्रावधान है। वहीं ट्रिपल राइडिंग पर धारा 128 के तहत कड़े आर्थिक दंड का नियम है।
  • ​धारा 184 (c) (खतरनाक ढंग से वाहन चलाना): वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना विधिक रूप से एक गंभीर और गैर-जमानती प्रकृति का विधिक अपराध माना जाता है, क्योंकि यह सड़क पर चल रहे अन्य राहगीरों की जान को भी जोखिम में डालता है। इसके तहत भारी जुर्माने और कारावास दोनों का विधिक प्रावधान है।

​🔍 संपादकीय विश्लेषण: सिर्फ चालान काटना नाकाफी, टोटो-ऑटो के रूट निर्धारण से ही सुधरेगी हजारीबाग की सूरत (Editorial)

​हजारीबाग पुलिस द्वारा 147 वाहनों का चालान काटना और 15 चौराहों पर अनाउंसमेंट करना सराहनीय, पर समस्या की जड़ कुछ और है

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी सीसीआर की टीम द्वारा शनिवार को चलाया गया यह यातायात महा-अभियान शहर की दम तोड़ती ट्रैफिक व्यवस्था के लिए एक कड़ा और जरूरी प्रशासनिक संदेश है। 103 बिना हेलमेट वालों का चालान काटना यह साबित करता है कि शहर के युवाओं में अब भी सुरक्षा को लेकर विधिक लापरवाही चरम पर है। हालांकि, 'न्यूज़ प्रहरी' का मानना है कि हजारीबाग को स्थाई रूप से जाम मुक्त करने के लिए केवल डिस्ट्रिक्ट मोड़ पर चेकिंग लगाना या झंडा चौक पर माइक बजाना नाकाफी है। शहर में बिना लाइसेंस और बिना रूट के दौड़ रहे हजारों ई-रिक्शा (टोटो) और ऑटो इस जाम की असली विधिक जड़ हैं। जब तक जिला प्रशासन और नगर निगम के साथ मिलकर पुलिस इन टोटो चालकों का वार्ड-वार रूट निर्धारित नहीं करेगी और नो-पार्किंग जोन में गाड़ियां खड़ी करने वाले रसूखदारों की गाड़ियों को सीधे क्रेन से उठाकर भारी जुर्माना नहीं ठोकेगी, तब तक हर अभियान कुछ दिनों बाद बेअसर साबित होने लगेगा।

और पढ़ें:हजारीबाग में अपराधियों और माफियाओं पर पुलिस का चौतरफा प्रहार: एसपी की क्राइम मीटिंग में मिले 12 कड़े और ऐतिहासिक निर्देश


हजारीबाग में अपराधियों और माफियाओं पर पुलिस का चौतरफा प्रहार: एसपी की क्राइम मीटिंग में मिले 12 कड़े और ऐतिहासिक निर्देश

 

​हजारीबाग में अपराधियों और माफियाओं पर पुलिस का चौतरफा प्रहार: एसपी की क्राइम मीटिंग में मिले 12 कड़े और ऐतिहासिक निर्देश

​"मुहर्रम पर सांप्रदायिक उपद्रवियों और फरार आरोपियों की होगी सीधे गिरफ्तारी; कोयला, बालू और पत्थर के अवैध खनन पर पूर्ण रोक का आदेश"— विशेष रिपोर्ट

​क्राइम एवं सुरक्षा ब्यूरो, हजारीबाग

  • ​रिपोर्टर: जिला संवाददाता (News Prahari)
  • ​समाचार स्रोत (Source): पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक: 12 जून 2026)

​हजारीबाग:

झारखंड के हजारीबाग जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आगामी त्योहारों के मद्देनजर जिला पुलिस ने अपनी पूरी रणनीति बदल दी है। पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े रुख के बाद पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में एक हाई-प्रोफाइल अपराध समीक्षा बैठक (Crime Review Meeting) आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर) और सभी थानों के थाना प्रभारियों को स्पष्ट और कड़े शब्दों में कानून का राज स्थापित करने के विधिक निर्देश दिए गए।

"हजारीबाग में अपराधियों की अब खैर नहीं! एसपी का 12 सूत्री महाआदेश, कांप उठे माफिया।" 

1. मुहर्रम त्योहार पर उपद्रवियों की खैर नहीं, लाइसेंस-गैर लाइसेंसी जुलूसों पर पैनी नजर

​आगामी मुहर्रम त्योहार 2026 को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाया है। थानों को निर्देश दिया गया है कि पूर्व में जितनी भी सांप्रदायिक घटनाएं घटित हुई हैं, उन सभी मामलों की नए सिरे से समीक्षा की जाए और उनमें संलिप्त फरार चल रहे अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। इसके साथ ही, जिले में निकलने वाले सभी लाइसेंसी और गैर-ला लाइसेंसी जुलूसों की विस्तृत सूची तैयार कर उन पर अभी से विशेष और चौबीसों घंटे निगरानी रखने का आदेश दिया गया है ताकि सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़े।

  • "हजारीबाग में अपराधियों की अब खैर नहीं! एसपी का 12 सूत्री महाआदेश, कांप उठे माफिया।" बैकग्राउंड

2. महिला प्रताड़ना और एससी-एसटी मामलों में 60 दिनों का अल्टीमेटम

​कमजोर और शोषित वर्गों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने ऐतिहासिक निर्देश जारी किया है। महिला प्रताड़ना, घरेलू हिंसा तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC-ST) से संबंधित जितने भी कांड दर्ज हैं, उनमें बिना किसी देरी के त्वरित विधिक कार्रवाई करते हुए अनिवार्य रूप से 60 दिनों के भीतर जांच पूरी कर कांडों का निष्पादन करने का कड़ा विधिक अल्टीमेटम दिया गया है। इसके अलावा, वर्ष 2025 से पहले के जितने भी पुराने मामले लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल बंद या निष्पादित करने को कहा गया है।

​3. माफियाओं और संगठित अपराधियों पर लगेगा सीसीए, खुलेगी गुंडा पंजी

​जिले में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों, अवैध खनन माफियाओं और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले तत्वों की रीढ़ तोड़ने के लिए पुलिस अब विधिक हथियारों का इस्तेमाल करेगी। ऐसे अपराधियों के खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) लगाने, थानों में नियमित हाजिरी सुनिश्चित कराने का प्रस्ताव भेजने और उनका नाम सीधे 'गुंडा पंजी' (गुंडा रजिस्टर) में दर्ज करने का सख्त आदेश दिया गया है। थानों में लंबित पड़े सभी जमानती व गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार और कुर्की-जब्ती के मामलों को एक विशेष अभियान चलाकर तत्काल तामील कराया जाएगा।

​4. अवैध कोयला, बालू, पत्थर उत्खनन और मादक पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध

​हजारीबाग के प्राकृतिक संसाधनों की लूट को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। जिले में अवैध कोयला, बालू और पत्थर के उत्खनन व परिवहन पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का विधिक निर्देश दिया गया है। इसके लिए सभी थाना प्रभारियों को संबंधित अंचल अधिकारी (CO) एवं जिला खनन पदाधिकारी (DMO) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त छापेमारी करने को कहा गया है। साथ ही, अवैध मादक पदार्थों (ड्रग्स/अफीम/गांजा) की खरीद-बिक्री वाले हॉटस्पॉट को चिन्हित कर उसमें शामिल तस्करों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी।

​5. जनता की समस्याओं के लिए खुले द्वार, थाना दिवस में सुलझेंगे जमीन विवाद

​प्रशासनिक तंत्र को पारदर्शी और जनहितैषी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थानों में आने वाली आम जनता की समस्याओं को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ सुनें और उनका समय पर विधिक निवारण सुनिश्चित करें। जमीन विवाद से जुड़े जितने भी मामले थानों में लंबित हैं, उन सभी की 'थाना दिवस' के अवसर पर गहन समीक्षा की जाएगी और अग्रतर विधिक कार्रवाई के लिए संबंधित अंचल अधिकारी (CO) तथा अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के साथ त्वरित पत्राचार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी थानों के लंबित मामलों की समीक्षा के लिए प्रत्येक सोमवार को SDPO, DSP और पुलिस निरीक्षक संबंधित थानों में जाकर जूनियर अफसरों के साथ विधिक बैठक करेंगे।

​📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव व विधिक गाइड (क्रिमिनल प्रोसीजर एवं पुलिस नियमावली / Police Manual Rules)

​📌 जानिए पुलिस समीक्षा बैठक के निर्देशों और आपराधिक धाराओं के विधिक प्रावधान क्या हैं?

  • ​क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) और गुंडा पंजी: बिहार/झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत यदि कोई व्यक्ति समाज की शांति के लिए लगातार खतरा बना हुआ है, तो जिला प्रशासन की अनुशंसा पर उसे सीसीए के तहत छह महीने तक के लिए जिला बदर (तड़ीपार) या नजरबंद किया जा सकता है। थानों की 'गुंडा पंजी' (रजिस्टर नंबर 8) में नाम दर्ज होने का विधिक अर्थ है कि उस व्यक्ति की हर गतिविधि पर पुलिस की खुफिया नजर रहेगी।
  • ​साइबर अपराध और 60 दिनों की विधिक समय-सीमा: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत महिलाओं व बच्चों से जुड़े गंभीर मामलों में पुलिस को नियमानुसार समयबद्ध तरीके से चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करनी होती है। साइबर थानों और स्थानीय पुलिस को निर्देश दिया गया है कि डिजिटल साक्ष्यों को कलेक्ट कर साइबर अपराधियों की संपत्तियों को भी फ्रीज करने की विधिक प्रक्रिया शुरू की जाए।

​🔍 संपादकीय विश्लेषण: आदेश कागजों से निकलकर जमीन पर उतरा, तभी सुधरेगी हजारीबाग की कानून-व्यवस्था (Editorial)

​एसपी की 12 सूत्री गाइडलाइन सराहनीय, लेकिन कोयला-बालू माफिया और साइबर क्रिमिनल्स के सिंडिकेट को तोड़ना बड़ी चुनौती

हजारीबाग पुलिस अधीक्षक द्वारा बुलाई गई यह व्यापक अपराध समीक्षा बैठक जिला पुलिस की प्रशासनिक मुस्तैदी को दर्शाती है। मुहर्रम जैसे संवेदनशील त्योहार से पहले सांप्रदायिक इतिहास वाले आरोपियों को चिन्हित कर फरार लोगों को जेल भेजने का निर्णय सुरक्षा के लिहाज से बेहद सटीक है। हालांकि, 'न्यूज़ प्रहरी' का मानना है कि सबसे बड़ी चुनौती अवैध कोयला, बालू और पत्थर उत्खनन को रोकना है, क्योंकि इस काले कारोबार में माफिया, राजनीतिक रसूखदार और निचले स्तर के प्रशासनिक अमले की सांठगांठ जगजाहिर है। जब तक सीओ और माइनिंग अफसरों के साथ होने वाला समन्वय केवल कागजी पत्राचार तक सीमित रहेगा, तब तक अवैध उत्खनन पर पूर्ण रोक संभव नहीं है। थाना प्रभारियों को 'थाना दिवस' को केवल एक रस्म अदायगी बनाने के बजाय जमीन विवादों का वास्तविक निपटारा करना होगा, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में अस्सी प्रतिशत हिंसक अपराधों की जड़ यही जमीन विवाद होते हैं।

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हजारीबाग में यातायात नियमों को लेकर पुलिस का महाअभियान: सड़कों पर उतरीं टीमें, 150 से अधिक वाहनों का काटा चालान

 

हजारीबाग में यातायात नियमों को लेकर पुलिस का महाअभियान: सड़कों पर उतरीं टीमें, 150 से अधिक वाहनों का काटा चालान

​"पुलिस अधीक्षक के आदेश पर डीएसपी सीसीआर के नेतृत्व में चला विशेष चेकिंग अभियान; बाजार क्षेत्र में नो-पार्किंग और टोटो-टेंपो चालकों पर कसा शिकंजा"— विशेष रिपोर्ट

​क्राइम एवं सुरक्षा ब्यूरो, हजारीबाग

  • ​रिपोर्टर: जिला संवाददाता (News Prahari)
  • ​समाचार स्रोत (Source): पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक: 11 जून 2026)

​हजारीबाग:

हजारीबाग शहरी क्षेत्र में लगातार लग रहे जाम और बेलगाम होते यातायात को नियंत्रित करने के लिए जिला पुलिस ने एक बड़ा मोर्चा खोला है। पुलिस अधीक्षक के कड़े आदेशानुसार गुरुवार को पूरे शहर में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ एक व्यापक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर की सड़कों को जाम मुक्त बनाना और आम जनता को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत करना है। इसके लिए पुलिस की गाड़ियों से लाउडस्पीकर के जरिए रिकॉर्डेड संदेशों का लगातार प्रसारण कर लोगों को जागरूक भी किया गया।

"हजारीबाग ट्रैफिक पुलिस का महाएक्शन! पीटीसी चौक पर कटे 150 से ज्यादा चालान, सड़कों पर मचा हड़कंप।"

डीएसपी सीसीआर के नेतृत्व में बनी विशेष टीम, चौक-चौराहों पर दी दबिश

​सड़कों पर व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिले के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सीसीआर के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम का गठन किया गया। इस टीम में पु0नि0 (पुलिस निरीक्षक) सह यातायात थाना प्रभारी सहित 3 पुलिस पदाधिकारी और 8 गृह रक्षक (होमगार्ड) के जवान शामिल थे। इस गठित टीम ने डीएसपी सीसीआर और यातायात थाना प्रभारी की देखरेख में बारी-बारी से स्थान बदलते हुए पूरे हजारीबाग शहरी क्षेत्र में पैनी नजर रखी।

​पुलिस की टीमों ने डिस्ट्रिक्ट मोड़, पीटीसी चौक, मटवारी चौक, बाबू गांव चौक, कोर्रा चौक, इंद्रपुरी चौक से लेकर पानी टंकी, पैगोडा चौक, खाजा चौक, छोटी ग्वालटोली, सांसद महोदय मोड़, सुंदरी मार्केट, झंडा चौक और पंच मंदिर चौक तक के मुख्य मार्गों पर घूम-घूम कर नो-पार्किंग और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी।

​पीटीसी चौक पर सघन चेकिंग: बिना हेलमेट और ट्रिपल लोडिंग पर ताबड़तोड़ कार्रवाई

​अभियान के दूसरे चरण में पीटीसी चौक पर एक विशेष और सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसने नियम तोड़ने वाले चालकों में हड़कंप मचा दिया। इस दौरान पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कुल 157 से अधिक वाहनों का चालान काटा। पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:

  • ​बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले: 113 चालक नपे।
  • ​बाइक पर ट्रिपल लोडिंग: 25 वाहनों पर कार्रवाई हुई।
  • ​ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल: 07 चालकों को पकड़ा गया।
  • ​नो-पार्किंग में खड़े वाहन और अवैध ऑटो/टोटो: 12 वाहनों का चालान काटा गया।

​यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर की सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए यह दंडात्मक और सुधारात्मक अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा।

​📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव व विधिक गाइड (मोटर वाहन अधिनियम / Motor Vehicle Act & Legal Guidelines)

​📌 जानिए यातायात नियमों के उल्लंघन पर क्या हैं विधिक प्रावधान और जुर्माने के नियम?

  • ​मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019: इस केंद्रीय कानून के तहत बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने पर 1,000 रुपये का जुर्माना और 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने का प्रावधान है। वहीं, गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करने (खतरनाक ड्राइविंग की श्रेणी) पर पहली बार में 1,000 से 5,000 रुपये तक के जुर्माने या कारावास का विधिक नियम है।
  • ​ट्रिपल राइडिंग और नो-पार्किंग: दुपहिया वाहन पर तीन लोगों को बिठाने (ट्रिपल लोडिंग) पर 1,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, नगर निगम और पुलिस प्रशासन द्वारा घोषित 'नो-पार्किंग' जोन में वाहन खड़ा करने पर धारा 177 के तहत जुर्माना लगाने के साथ-साथ क्रेन से वाहन को जब्त करने का विधिक अधिकार पुलिस को प्राप्त है।

​🔍 संपादकीय विश्लेषण: केवल चालान काटना समाधान नहीं, नागरिकों को बदलनी होगी मानसिकता (Editorial)

​हजारीबाग पुलिस की कड़ाई सराहनीय, लेकिन टोटो और अवैध पार्किंग के स्थायी समाधान की जरूरत

हजारीबाग पुलिस अधीक्षक द्वारा शुरू किया गया यह अभियान शहर की चरमराती यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बेहद जरूरी था। पीटीसी चौक पर एक ही दिन में 113 लोगों का बिना हेलमेट पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि लोग अपनी जान की सुरक्षा को लेकर कितने लापरवाही हैं। हालांकि, 'न्यूज़ प्रहरी' का मानना है कि केवल चालान काट देने से डिस्ट्रिक्ट मोड़ या झंडा चौक का जाम स्थायी रूप से खत्म नहीं होगा। शहर में टोटो और ऑटो के लिए रूट निर्धारण और मुख्य बाजारों में व्यवस्थित पार्किंग जोन का निर्माण करना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि फुटपाथ और सड़कों पर अतिक्रमण पूरी तरह रुक सके।

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