हरित हजारीबाग का संकल्प: परहेरिया में 1700 पौधों की महा-बागवानी देखने पहुंचे विधायक प्रदीप प्रसाद, पर्यावरण संरक्षण के मॉडल की सराहना
"प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान से प्रेरित होकर भाजपा कार्यकर्ता संजय शर्मा ने विकसित किया आम का विशाल बागान; विधायक ने बताया सुरक्षित भविष्य की आधारशिला"— विशेष रिपोर्ट
विकासात्मक एवं पर्यावरण ब्यूरो, हजारीबाग
- रिपोर्टर: पर्यावरण संवाददाता (News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): विधायक कार्यालय, हजारीबाग सदर (दिनांक: 13 जून 2026)
हजारीबाग:
पर्यावरण संतुलन और 'हरित हजारीबाग' के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में हजारीबाग विधानसभा क्षेत्र के कटकमदाग प्रखंड अंतर्गत परहेरिया गांव ने एक अनूठी मिसाल पेश की है। हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रदीप प्रसाद शनिवार को विशेष रूप से परहेरिया गांव पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता संजय शर्मा के आम के विशाल बागान का गहन अवलोकन किया। इस दौरान विधायक ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में स्थानीय स्तर पर किए जा रहे इन अनुकरणीय और सराहनीय प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की।
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| 🌳🍏 हरियाली की मिसाल: हजारीबाग के परहेरिया में 1700 पौधों का महा-बागान देखने पहुंचे विधायक प्रदीप प्रसाद; पर्यावरण मॉडल की जमकर की तारीफ! |
प्रधानमंत्री की प्रेरणा और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का अद्भुत असर
संजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी प्रेरणा और देशव्यापी “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से जुड़कर अपने क्षेत्र में एक अभूतपूर्व मिसाल कायम की है। उन्होंने अपनी निजी देखरेख में आम के 1700 से अधिक पौधे लगाकर उन्हें पूरी तरह संरक्षित और विकसित करने का बेहतरीन कार्य किया है। इस विशाल बागवानी ने न केवल क्षेत्र के पर्यावरण संरक्षण को एक नई और वैज्ञानिक दिशा दी है, बल्कि यह हजारीबाग के अन्य गांवों और स्थानीय लोगों के लिए भी स्वरोजगार व हरित क्रांति का एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बन चुका है।
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बागान का निरीक्षण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक प्रशासनिक या सामाजिक माध्यम नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की विधिक आधारशिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को लेकर जनजागरण का एक व्यापक महाअभियान चलाया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक आम नागरिक की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विधायक ने संजय शर्मा के संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि यदि हजारीबाग का प्रत्येक नागरिक पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेकर पौधारोपण और लगाए गए वृक्षों के संरक्षण की जिम्मेदारी उठा ले, तो आने वाले समय में हमारा पूरा विधानसभा क्षेत्र और अधिक हरित, स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त बन सकता है।
'हरित हजारीबाग' के तहत प्रतिवर्ष रोपे जा रहे हैं लाखों पौधे
इस अवसर पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने राजनीतिक और सामाजिक संकल्प को दोहराते हुए कहा कि वे “हरित हजारीबाग” के स्थायी निर्माण हेतु लगातार नीतिगत स्तर पर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में विधानसभा क्षेत्र के भीतर प्रतिवर्ष लाखों पौधों का रोपण योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र को हरियाली से आच्छादित करने का लक्ष्य साकार हो रहा है। उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों से आह्वान किया कि वे केवल पौधे न लगाएं, बल्कि एक अभिभावक की तरह उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करें।
प्रशासनिक व राजनीतिक अमले की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण पर्यावरण दौरे और अवलोकन के अवसर पर हजारीबाग सदर विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि दिनेश कुशवाहा, सांसद प्रतिनिधि अजय साहू, कटकमदाग की विधायक प्रतिनिधि प्रियंका कुमारी, जिला परिषद सदस्य जीतन राम, मिथिलेश यादव, मुखिया संघ अध्यक्ष राजेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष विमल गुप्ता, मंडल महामंत्री शशि ठाकुर, राजेश ठाकुर, राजेश यादव, पूर्व मुखिया कामेश्वर रविदास सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव व विधिक गाइड (पर्यावरण संरक्षण कानून एवं नागरिक कर्तव्य / Environmental Laws & Rights)
📌 जानिए पर्यावरण संरक्षण को लेकर हमारे संविधान और कानूनों में क्या हैं विधिक प्रावधान?
- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 51A(g) (Fundamental Duties): देश के प्रत्येक नागरिक का यह विधिक और संवैधानिक कर्तव्य है कि वह वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीवों सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करे, उसका संवर्धन करे तथा सभी जीवित प्राणियों के प्रति दयाभाव रखे।
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 (Environment Protection Act): इस केंद्रीय कानून के तहत देश के पारिस्थितिक तंत्र (Ecosystem) को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। हरित विकास और बागवानी जैसी योजनाएं राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के मानकों के अनुकूल हैं, जो वायु गुणवत्ता में सुधार और ग्राउंडवाटर रिचार्जिंग के विधिक लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करती हैं।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: केवल सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय जनभागीदारी से ही बदलेगी पर्यावरण की सूरत (Editorial)
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लगातार बढ़ते वैश्विक तापमान (Global Warming) और इस वर्ष उत्तर भारत सहित झारखंड में पड़ी रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी ने यह साबित कर दिया है कि अब कंक्रीट के जंगलों को रोककर वास्तविक जंगलों को बचाना और बढ़ाना कितना जरूरी हो गया है। परहेरिया गांव में संजय शर्मा द्वारा रोपे गए 1700 आम के पौधे केवल एक बागान नहीं, बल्कि हजारीबाग के घटते भूजल स्तर (Groundwater Level) को सुधारने का एक विधिक व प्राकृतिक उपक्रम हैं। विधायक प्रदीप प्रसाद की इस दौरे में मौजूदगी और 'हरित हजारीबाग' का संकल्प सराहनीय है, लेकिन 'न्यूज़ प्रहरी' का मानना है कि वन विभाग और जिला प्रशासन को ऐसे प्रगतिशील किसानों व कार्यकर्ताओं को नीतिगत सब्सिडी, खाद-बीज और ड्रिप इरिगेशन (टपक सिंचाई) जैसी विधिक सुविधाएं प्राथमिकता पर देनी चाहिए ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो सके।


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