Hazaribagh: की बरही पुलिस का बड़ा धमाका: विक्की कुमार सोनी हत्याकांड का महज़ 48 घंटे में सफल उद्भेदन, बिहार के दो शातिर शूटर गिरफ्तार
"कोडरमा जाने के दौरान करसो पुल के पास की गई थी गोली मारकर हत्या; लूटी गई कार, मोबाइल और अपराधियों का पुराना खूंखार आपराधिक इतिहास आया सामने"— एसपी
क्राइम रिपोर्टर, हजारीबाग
- रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): पुलिस अधीक्षक का कार्यालय, हजारीबाग (प्रेस-विज्ञप्ति, दिनांक: 10 जून 2026)
हजारीबाग:
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| ब्रेकिंग क्राइम न्यूज़: हजारीबाग के बरही में विक्की कुमार सोनी हत्याकांड का पुलिस ने किया सफल उद्भेदन; बिहार के दो पेशेवर अपराधी धरे गए। |
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई वारदात?
हजारीबाग पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, 8 जून 2026 को हजारीबाग के ओकनी (थाना- लोहसिंघना) के रहने वाले विक्की कुमार सोनी (पिता- स्वर्गीय देवनंदन प्रसाद) अपने एक दोस्त के साथ कार से कोडरमा जा रहे थे। इसी दौरान बरही थाना क्षेत्र के अंतर्गत करसो पुल के समीप अज्ञात हथियारबंद अपराधियों ने उनकी गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
एसपी के निर्देश पर SIT का गठन और त्वरित कार्रवाई
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग ने मामले के त्वरित खुलासे और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। एसआईटी ने आधुनिक तकनीकी विंग (Technical Cell) की मदद से घटना का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया। वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर टीम ने त्वरित छापेमारी करते हुए हत्या में सीधे तौर पर संलिप्त दो शातिर अपराधियों को दबोच लिया।
बिहार के रहने वाले हैं दोनों गिरफ्तार शूटर
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों अपराधियों की पहचान बिहार के शातिर गिरोहों से जुड़ी है:
- विक्रम कुमार (उम्र 25 वर्ष): पिता- विजय साव, ग्राम व थाना- नारदीगंज, जिला- नवादा, बिहार।
- दिलीप कुमार (उम्र 25 वर्ष): पिता- केसर चौधरी, ग्राम- चंदा खुर्द, थाना- वजीरगंज, जिला- गया, बिहार।
पूछताछ के दौरान दोनों ही अभियुक्तों ने विक्की कुमार सोनी की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए दोनों अभियुक्तों के पास से 2 मोबाइल फोन और मृतक जिस हुंडई कंपनी की ग्रे रंग की कार (संख्या- JH02AE-0232) से यात्रा कर रहे थे, उसे भी अपराधियों के पास से विधिवत जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार अपराधियों का खूंखार आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड (फाइल 227682.jpg) के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों का पुराना और बेहद गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है। ये दोनों बिहार और झारखंड के कई जिलों में चोरी, लूट, ड्रग्स तस्करी और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में वांछित रहे हैं:
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दिलीप कुमार के विरुद्ध दर्ज मामले:
- वजीरगंज थाना कांड सं- 412/21 (दिनांक 12.09.21): बिहार उत्पाद प्रतिषेध अधिनियम की धारा- 30(a) के तहत मामला दर्ज।
- वजीरगंज थाना कांड सं- 350/23 (दिनांक 12.06.23): भारतीय दंड विधान (भा०द०वि०) की धारा- 341, 324, 326, 307, 34 एवं 27 आर्म्स एक्ट (जानलेवा हमला और अवैध हथियार रखने) के तहत दर्ज मामला।
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विक्रम कुमार के विरुद्ध दर्ज मामले:
- नारदीगंज थाना कांड सं- 85/23 (दिनांक 05.03.23): भा०द०वि० की धारा- 341, 323, 324, 325, 504, 34 के तहत मामला दर्ज।
- नारदीगंज थाना कांड सं- 199/23 (दिनांक 03.06.23): भा०द०वि० की धारा- 147, 148, 341, 323, 324, 325, 307, 504, 506 के तहत दंगा भड़काने, घातक हथियारों से लैस होने और जानलेवा हमले का मामला दर्ज।
सफल छापेमारी दल में शामिल पुलिस अधिकारी
इस अत्यंत संवेदनशील कांड का महज़ दो दिनों के भीतर पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में मुख्य रूप से निम्नलिखित जांबाज अधिकारी शामिल थे:
- राधाप्रेम किशोर (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बरही)
- विनोद कुमार (पु०नि० सह थाना प्रभारी, बरही थाना)
- शमशेर बहादुर सिंह (पु०अ०नि०, बरही थाना)
- राजबल्लभ यादव (पु०अ०नि०, बरही थाना)
- राजेश भोक्ता (पु०अ०नि०, बरही थाना) एवं बरही थाना सशस्त्र गार्ड
- तकनीकी शाखा की पूरी टीम, हजारीबाग
हजारीबाग पुलिस फिलहाल इन अपराधियों से रिमांड पर आगे की पूछताछ कर रही है ताकि इनके अंतर-राज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों और झारखंड में फैले इनके नेटवर्क का पूरी तरह से सफाया किया जा सके।

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