हजारीबाग उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई: पदमा के दौरवा में मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही मिनी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब और स्प्रिट जब्त
"उपायुक्त के निर्देश पर सुबह 5:30 बजे हुई सघन छापेमारी; भारी मात्रा में नामी ब्रांड के रैपर, नकली होलोग्राम, ढक्कन और पंचिंग मशीन बरामद, मुख्य आरोपी अशोक बाड़ा समेत अन्य पर केस दर्ज"— उत्पाद टीम
विशेष संवाददाता, हजारीबाग
- रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): सहायक आयुक्त उत्पाद कार्यालय, हजारीबाग (दिनांक: 10 जून 2026)
हजारीबाग:
हजारीबाग जिले में अवैध शराब के निर्माण, संचय, परिवहन और बिक्री के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा प्रहार किया है। उपायुक्त (डीसी) हजारीबाग के द्वारा जिले में अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाने हेतु दिए गए सघन छापेमारी आदेश के आलोक में उत्पाद विभाग की टीम ने बुधवार तड़के एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के निर्देशन तथा निरीक्षक उत्पाद के कुशल पर्यवेक्षण में उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने पदमा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दौरवा में गुप्त सूचना के आधार पर तड़के सुबह 5:30 बजे अचानक धावा बोलकर एक अवैध मिनी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है।
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| "हजारीबाग के पदमा में मुर्गी फार्म की आड़ में छिपे शराब माफियाओं के काले साम्राज्य का उत्पाद विभाग ने तड़के सुबह भंडाफोड़ कर दिया है!" |
मुर्गी फार्म की आड़ में तैयार हो रहा था मौत का सामान
शराब माफियाओं ने हजारीबाग पुलिस और उत्पाद विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए पदमा के दौरवा ग्राम में स्थित एक मुर्गी फार्म (पोल्ट्री फार्म) को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाया था। इस मुर्गी फार्म के भीतर बकायदा एक मिनी फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, जहां विभिन्न नामी ब्रांडों की हूबहू दिखने वाली अवैध नकली विदेशी शराब तैयार की जा रही थी। सुबह-सुबह हुई इस आकस्मिक छापेमारी से इलाके के शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
भारी मात्रा में स्पिरिट, केमिकल और पैकिंग सामग्रियां बरामद
फैक्ट्री के भीतर से उत्पाद विभाग की टीम ने विभिन्न ब्रांड के अवैध विदेशी शराब और उसे बनाने से लेकर पैक करने तक का सारा कच्चा सामान और मशीनें जब्त की हैं। बरामद सामानों की सूची निम्नलिखित है:
- तैयार अवैध विदेशी शराब: करीब 180.00 लीटर
- स्पिरिट (कच्चा माल): 105.00 लीटर
- अन्य सामग्रियां: भारी मात्रा में विभिन्न ब्रांडों के लेबल (रैपर), नकली होलोग्राम, ढक्कन, कार्टन, तैयार रंगीन शराब, कैरामेल (रंग देने वाला केमिकल), पंचिंग मशीन तथा पैकिंग के लिए रखी गईं सैकड़ों खाली बोतलें।
दौरवा निवासी अशोक बाड़ा पर सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज
उत्पाद विभाग ने इस अवैध कारोबार के मुख्य सरगना और दौरवा ग्राम के स्थानीय निवासी अशोक बाड़ा समेत इस रैकेट में संलिप्त अन्य अपराधियों की पहचान कर ली है। उत्पाद विभाग द्वारा झारखंड उत्पाद अधिनियम की सुसंगत और कड़े कानूनी प्रावधानों वाली धाराओं के तहत इन सभी नामजद और अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर विधिक अभियोग चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सफल छापेमारी दल में शामिल उत्पाद अधिकारी
अंधेरे का लाभ उठाकर शराब माफियाओं को दबोचने और इस मिनी फैक्ट्री को ध्वस्त करने वाली जांबाज उत्पाद टीम में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी व जवान शामिल थे:
- सौरव कुमार झा (निरीक्षक उत्पाद)
- सुमितेश कुमार (अवर निरीक्षक उत्पाद)
- सय्यद बसीरुद्दीन (सहायक अवर निरीक्षक)
- सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के जवान
सहायक आयुक्त उत्पाद कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के सिंडिकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने तक यह सघन चेकिंग और छापेमारी अभियान लगातार जारी रहेगा।
📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड ( विधिक ज्ञान / Excise Act Knowledge)
📌 जानिए क्या है झारखंड उत्पाद अधिनियम और नकली होलोग्राम का विधिक अपराध?
- झारखंड उत्पाद अधिनियम, 1915 (संशोधित): इसके तहत बिना लाइसेंस के स्प्रिट का संचय करना, विदेशी शराब का निर्माण करना और गैर-कानूनी रूप से उसका परिवहन करना गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। इसमें शामिल दोषियों को भारी जुर्माने के साथ-साथ कठोर कारावास की सजा का प्रावधान है।
- नकली होलोग्राम और रैपर का विधिक संकट: सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए नकली सरकारी होलोग्राम का उपयोग करना 'IPC की धारा 467, 468 और 471' के तहत जालसाजी, धोखाधड़ी और सरकारी दस्तावेजों के कूटकरण (Forgery) का गंभीर मामला बनता है।
- कैरामेल और स्प्रिट का स्वास्थ्य पर असर: मिनी फैक्ट्रियों में शराब का रंग और गाढ़ापन बदलने के लिए बिना किसी वैज्ञानिक माप के कैरामेल और स्प्रिट मिलाई जाती है। यह मिश्रण अत्यधिक जहरीला (Toxic) हो सकता है, जिससे लोगों की जान जाने या आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: मुर्गी फार्मों की आड़ में पनपता मौत का नेटवर्क (Editorial)
ब्रांडेड बोतलों में नकली शराब का खेल: उत्पाद विभाग की मुस्तैदी सराहनीय, पर ग्रामीण इलाकों में सघन सर्वे की जरूरत
पदमा के दौरवा में मुर्गी फार्म के भीतर अवैध विदेशी शराब बनाने की मिनी फैक्ट्री का मिलना यह साबित करता है कि हजारीबाग के सुदूर ग्रामीण और सुनसान इलाकों में शराब माफिया कितनी चालाकी से अपना जाल फैला चुके हैं। तड़के सुबह 5:30 बजे छापेमारी कर सौरव कुमार झा और सुमितेश कुमार की टीम ने निश्चित रूप से एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया है, क्योंकि ऐसी नकली शराबें अक्सर जानलेवा साबित होती हैं। लेकिन 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि केवल उत्पाद विभाग की छापेमारी काफी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे पोल्ट्री फार्म, बंद पड़े गोदामों और ईंट-भट्टों का स्थानीय चौकिदारों और बीट पुलिस के जरिए औचक निरीक्षण होना बेहद जरूरी है, ताकि अशोक बाड़ा जैसे अपराधी ग्रामीण युवाओं के भविष्य और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न कर सकें।

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