हजारीबाग एसबीआई मुख्य शाखा में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक जागरूकता शिविर आयोजित: मुफ्त कानूनी सहायता की मिली विस्तृत जानकारी
"प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धुव्र चंद्र मिश्रा के देखरेख में हुआ कार्यक्रम; प्राधिकार सचिव रवि प्रकाश तिवारी और अधिकार मित्र बिकाश कुमार पाण्डेय ने अधिकारों के प्रति किया जागरूक"— न्यूज़ प्रहरी विशेष
विधिक ब्यूरो, हजारीबाग
- रिपोर्टर: ब्यूरो चीफ (News Prahari)
- समाचार स्रोत (Source): जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग (दिनांक: 10 जून 2026)
हजारीबाग:
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), रांची के दिशा-निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), हजारीबाग के तत्वावधान में बुधवार को एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह विशेष शिविर हजारीबाग स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य शाखा में संचालित 'वरिष्ठजन सहायता एवं सुविधा केंद्र' में आयोजित हुआ। पूरा कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश धुव्र चंद्र मिश्रा की कुशल देखरेख और मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि प्रकाश तिवारी ने मीडिया को दी।
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| "हजारीबाग के वरिष्ठ नागरिकों को उनके कानूनी हक दिलाने और मुफ्त कानूनी मदद पहुंचाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने एक बेहतरीन कदम उठाया है!" |
माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम की दी गई जानकारी
शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र बिकाश कुमार पाण्डेय ने वहां उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों, बैंक उपभोक्ताओं और आमजनों को उनके कानूनी अधिकारों, संरक्षण, सामाजिक कल्याण और राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।
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हेल्पलाइन नंबर 15100 के जरिए घर बैठे मिलेगी कानूनी मदद
जागरूकता शिविर में बुजुर्गों की समस्याओं को सुनते हुए मौके पर ही आवश्यक कानूनी परामर्श भी प्रदान किया गया। अधिकार मित्र ने बताया कि वरिष्ठजन सहायता केंद्र के माध्यम से बुजुर्गों को लगातार मार्गदर्शन दिया जा रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से जारी नालसा (NALSA) निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी सभी के साथ साझा की गई। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार के शोषण, उपेक्षा या कानूनी अड़चन की स्थिति में वे बिना किसी संकोच के जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के कार्यालय से संपर्क कर मुफ्त वकील और कानूनी सहायता का लाभ उठा सकते हैं।
📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड ( विधिक व न्यायिक ज्ञान / Maintenance & Welfare Act)
📌 जानिए क्या है माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम, 2007?
- कानूनी अधिकार: इस अधिनियम के तहत यदि कोई बच्चा या संबंधी अपने माता-पिता या वरिष्ठ नागरिक की देखरेख नहीं करता है, तो बुजुर्ग व्यक्ति 'भरण-पोषण अधिकरण' (Maintenance Tribunal) में शिकायत दर्ज करा सकता है। अधिकरण बच्चों को प्रति माह अधिकतम 10,000 रुपये (या राज्य सरकार द्वारा संशोधित राशि) तक भरण-पोषण भत्ता देने का आदेश दे सकता है।
- मुफ्त कानूनी सहायता (Section 12 of LSA Act): कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम के तहत देश के सभी वरिष्ठ नागरिक (बुजुर्ग) बिना किसी आय सीमा की बाध्यता के, सरकारी खर्च पर मुफ्त कानूनी सहायता, विधिक परामर्श और अदालत में पैरवी के लिए सरकारी वकील प्राप्त करने के हकदार हैं।
🔍 संपादकीय विश्लेषण: बैंकों में विधिक शिविर लगाना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की बेहतरीन रणनीति (Editorial)
वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के केंद्र 'बैंक' में जागरूकता शिविर का आयोजन सराहनीय और प्रभावी
समाज के सबसे संवेदनशील हिस्से, यानी हमारे बुजुर्गों को कानून की जानकारी उनके रोजमर्रा के स्थानों पर देना एक बेहतरीन प्रशासनिक पहल है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार हजारीबाग द्वारा भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा को इस शिविर के लिए चुनना बेहद दूरदर्शी कदम है, क्योंकि पेंशन और बैंकिंग कार्यों के लिए बुजुर्गों का सबसे ज्यादा आना-जाना यहीं होता है। अक्सर देखने में आता है कि कानून की पेचीदगियों और कोर्ट-कचहरी के डर से बुजुर्ग अपने हक की आवाज नहीं उठा पाते। नालसा हेल्पलाइन 15100 और प्राधिकार सचिव रवि प्रकाश तिवारी की अगुवाई में चलाया जा रहा यह अभियान तभी पूरी तरह सफल होगा, जब समाज का हर व्यक्ति अपने आसपास रहने वाले बेसहारा बुजुर्गों को डीएलएसए के इस मुफ्त विधिक मंच तक पहुंचाने में मददगार बनेगा।


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