चरित्र निर्माण से ही रखी जाएगी विकसित भारत की नींव', भाषण प्रतियोगिता में शारदा ने मारी बाजी, ज्योति दूसरे और सोनू तीसरे स्थान पर
हजारीबाग। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में शुक्रवार को शैक्षणिक वातावरण के बीच एक भव्य भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 'चरित्र निर्माण: विकसित भारत की पृष्ठभूमि' विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने तर्कों से यह साबित किया कि एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में ईंट-पत्थर से ज्यादा अहमियत नागरिकों के चरित्र और नैतिकता की होती है। प्रतियोगिता में अपनी बेहतरीन वाकपटुता और तार्किक प्रस्तुति के दम पर शारदा कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ज्योति कुमारी दूसरे और सोनू कुमार तीसरे स्थान पर रहे।
कार्यक्रम के दौरान कुल दस प्रतिभागियों ने मंच साझा किया और विकसित भारत की परिकल्पना में नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत चरित्र की भूमिका पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और चरित्र का उत्थान ही भारत को विश्व गुरु बना सकता है। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका विभाग के शोधार्थी अम्शा अहमद, पल्लवी कुमारी और अनुप कुमार ने निभाई, जिन्होंने प्रतिभागियों की विषय-वस्तु और प्रस्तुतीकरण का बारीकी से मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन और समन्वय डॉ. पुष्कर कुमार पुष्प द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निखार और सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एस. एम. कैसर, डॉ. उमेन्द्र सिंह और डॉ. इफ्शा खुर्शीद की गरिमामय उपस्थिति रही, जिन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन किया। अंत में मानसी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया।

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