चापवा-भेलवाड़ा की तलहटी में गूंजा मानवता का संदेश, कड़ाके की ठंड में बेसहारा परिवारों को मिली 'राहत'
हजारीबाग: कड़ाके की ठंड और शीतलहरी के बीच हजारीबाग के सुदूर चापवा-भेलवाड़ा क्षेत्र में मानवता की एक सुखद तस्वीर देखने को मिली। यहाँ पहाड़ों की तलहटी में कठिन परिस्थितियों में जीवन बसर करने वाले अत्यंत निर्धन और जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जागी, जब जमाअत-ए-इस्लामी मस्रतू और हजारीबाग की टीम ने प्रोजेक्ट 'राहत – सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर' के सहयोग से एक विशेष राहत अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के उस तबके को संबल प्रदान करना था जो इस हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में खुले आसमान या कच्ची छतों के नीचे रहने को मजबूर हैं।
इस मानवीय पहल के तहत क्षेत्र के अत्यंत जरूरतमंद लोगों, जिनमें विशेष रूप से विधवाएं, दिव्यांग और बेसहारा बुजुर्ग शामिल थे, की पहचान कर उन्हें सम्मानपूर्वक कंबल ओढ़ाए गए। संस्था द्वारा ऐसे 10 चिन्हित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि उन्हें जानलेवा ठंड से सुरक्षा मिल सके। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब समाज के सक्षम लोग एक साथ आते हैं, तो पहाड़ों के नीचे रहने वाले उपेक्षित परिवारों तक भी मदद के हाथ पहुँच सकते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मस्रतू के अमीर-ए-मुकामी शाहिद रज़ा, जमाअत-ए-इस्लामी के वरिष्ठ सदस्य मौलाना नसीरुद्दीन क़ासमी और शाहिद जमाल साहब ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर विशेष रूप से उपस्थित सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर के झारखण्ड सह-संयोजक सैयद मोहम्मद आयतुल्लाह इरफ़ान ने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की सेवा ही सच्ची मानवता है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि इंशाअल्लाह इस प्रकार के सेवा कार्य भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने इस नेक पहल की सराहना करते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और इस प्रयास की सफलता के लिए दुआएं दीं।

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