Jantar Mantar Student Protest & Pralhad Joshi: जंतर-मंतर पर छात्रों के लंबे आंदोलन के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का प्रभार
नई दिल्ली (News Prahari Desk): नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और अनियमितताओं के विरोध में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janata Party - CJP) के बैनर तले देश के कोने-कोने से आए छात्रों और युवाओं ने दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर एक महीने तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों की इस एकजुटता और अटूट संघर्ष के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना पड़ा है।
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| Students protesting at Jantar Mantar under CJP banner and Pralhad Joshi taking charge as Union Education Minister |
लगभग एक महीने तक चले लगातार प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की चौतरफा माँग के बाद उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वरिष्ठ भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है।
जंतर-मंतर से उठी आवाज, 1 महीने के सत्याग्रह के बाद मिला परिणाम
NEET परीक्षा लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की माँग को लेकर CJP और देश भर के छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर को अपने आंदोलन का केंद्र बनाया था:
- देश भर से पहुंचे युवा: भारत के हर राज्य व कोने-कोने से हजारों की संख्या में छात्र और Gen Z युवा जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और निष्पक्ष जाँच व तत्कालीन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग पर अड़े रहे।
- सत्य और धैर्य की जीत: एक महीने चले इस व्यापक जनआंदोलन ने सरकार पर भारी दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देना पड़ा।
- नए शिक्षा मंत्री का ऐलान: धर्मेंद्र प्रधान के हटने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट के सबसे भरोसेमंद और अनुभवी चेहरों में से एक, प्रह्लाद जोशी पर भरोसा जताते हुए उन्हें शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा है।
नवनियुक्त शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संभाली कमान
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा:
"माननीय प्रधानमंत्री जी ने मेरे ऊपर जो नई जिम्मेदारी सौंपी है, उसे मैं पूरी विनम्रता और निष्ठा के साथ स्वीकार करता हूँ। देश के युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी व सुदृढ़ बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में हम छात्रों के हित में सर्वोत्तम कार्य करने का प्रयास करेंगे।"
प्रह्लाद जोशी का परिचय: संघ के स्वयंसेवक से 5 बार के सांसद तक का सफर
- प्रारंभिक जीवन व संघ से जुड़ाव: 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के बीजापुर में जन्मे प्रह्लाद जोशी बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित स्वयंसेवक रहे हैं।
- ईदगाह मैदान आंदोलन: 1990 के दशक में हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का नेतृत्व कर वे राष्ट्रीय पहचान में आए।
- संसदीय अनुभव: वे कर्नाटक की धारवाड़ सीट से लगातार 5 बार (2004, 2009, 2014, 2019, 2024) लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुँचे हैं।
- कैबिनेट में भूमिका: मोदी सरकार में संसदीय कार्य, कोयला व खान मंत्री तथा वर्तमान में उपभोक्ता मामले और नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। अब वे देश की शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार लाने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।

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