NEET controversy & CJP Demands: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद CJP ने अपडेट की माँगों की सूची, ₹1 करोड़ मुआवजा और छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की माँग कायम
नई दिल्ली:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के बाद, नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे सीजेपी (CJP) संगठन ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी अद्यतन (Updated) माँगों की सूची जारी की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा संघर्ष की केवल पहली सफलता है; जंतर-मंतर पर डटे छात्र और देश भर के नागरिक अभी भी अपनी शेष प्रमुख माँगों के पूरे होने का इंतजार कर रहे हैं।
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| CJP updated demand roster showing fulfilled and pending demands regarding NEET protest |
CJP का अपडेटेड माँग-पत्र: क्या हुआ पूरा और क्या है अभी पेंडिंग?
सीजेपी द्वारा जारी किए गए नवीनतम अपडेट के अनुसार उनकी चार मुख्य माँगों की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: ✅ (स्वीकृत / पूरा हुआ)
- मृतक छात्रों के परिजनों को मुआवजा: ⏳ (पेंडिंग) — आत्महत्या करने वाले सभी प्रभावित छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।
- छात्रों पर कार्रवाई पर रोक: ⏳ (पेंडिंग) — विरोध प्रदर्शन करने वाले किसी भी छात्र के खिलाफ कोई दंडात्मक या आपराधिक कार्रवाई न की जाए।
- सार्वजनिक माफी की माँग: ⏳ (पेंडिंग) — दिल्ली पुलिस और आरएएफ (RAF) द्वारा आंदोलनकारी छात्रों पर किए गए दमन के लिए सार्वजनिक रूप से माफी माँगी जाए।
"जंतर-मंतर और पूरा देश बाकी माँगों के पूरा होने के इंतजार में"
संगठन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शी सुधार लागू नहीं होते, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
सीजेपी का आधिकारिक संदेश:
"Jantar Mantar & Entire Country Is Still Waiting On The Rest Of The Demands."
(जंतर-मंतर और पूरा देश अभी भी बाकी बची माँगों के पूरा होने का इंतजार कर रहा है।)
छात्रों और नागरिक संगठनों का कहना है कि सरकार को केवल एक इस्तीफे तक सीमित न रहकर पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद देने और आंदोलनकारी युवाओं पर दर्ज मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
Official Social Media Statement / Demand Roster by CJP.

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