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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh DLSA Legal Camp: सिविल कोर्ट में कानूनी परामर्श शिविर, पुलिस अधिकारियों को POCSO और मोटर दुर्घटना कानून का दिया गया प्रशिक्षण

 

Hazaribagh DLSA Legal Camp: हजारीबाग सिविल कोर्ट में हितधारक कानूनी परामर्श शिविर, POCSO और मोटर दुर्घटना अधिनियम की बारीकियों पर दिया गया प्रशिक्षण

हजारीबाग:

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग के बैनर तले शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में एक दिवसीय जिला स्तरीय हितधारक कानूनी परामर्श शिविर (District Level Stakeholder Legal Consultation Camp) का आयोजन किया गया।

​Hazaribagh Civil Court stakeholder legal consultation camp inauguration by Principal District and Sessions Judge Dhruv Chandra Mishra

​प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा की देखरेख और अगुवाई में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस विशेष प्रशिक्षण सह परामर्श शिविर में जिले भर के थानों के अनुसंधानकर्ताओं (Investigating Officers), थाना प्रभारियों, एलएडीसी (LADC) सदस्यों तथा मध्यस्थों ने हिस्सा लिया।

अनुसंधानकर्ता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण: प्रधान जिला जज ध्रुव चन्द्र मिश्रा

​शिविर को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा ने कहा कि किसी भी आपराधिक या कानूनी मामले में निष्पक्ष और सटीक न्याय सुनिश्चित करने में अनुसंधानकर्ता (Investigator) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और हितधारकों को हमेशा विधि सम्मत (कानून के दायरे में) कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

  • बार संघ का आश्वासन: हजारीबाग बार संघ के अध्यक्ष राजकुमार और सचिव सुमन कुमार सिंह ने भी अपने संबोधन में न्याय प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए अधिवक्ताओं और बार संघ की ओर से हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
  • समस्याओं का समाधान: शिविर के दौरान विभिन्न थानों से आए अनुसंधानकर्ताओं ने जांच के दौरान आने वाली व्यावहारिक और तकनीकी कठिनाइयों को रखा, जिनका न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा सटीक कानूनी समाधान बताया गया।

POCSO Act और Motor Accident Laws पर दी गई विस्तृत जानकारी

​प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से पोक्सो (POCSO) एक्ट और मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम (Motor Vehicle Accident Act) के कानूनी पहलुओं और बारीकियों से अनुसंधानकर्ताओं को अवगत कराया गया:

विशेषज्ञों द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश:

  • POCSO Act की प्रक्रियाएं: विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. आशिफ इकबाल ने अनुसंधानकर्ताओं को पोक्सो कानून के तहत पीड़िता का त्वरित बयान दर्ज करने, समय पर मेडिकल जांच कराने और निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया समझाई।
  • मोटर यान दुर्घटना अधिनियम: प्रशिक्षण दाता अधिवक्ता मो. मोअज्जम ने मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित नए कानूनों और समय सीमा पर बल दिया। उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं को निर्देशित किया कि दुर्घटना मामलों में समय पर डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट (DAR) अदालत में अनिवार्य रूप से जमा करें ताकि पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा मिल सके।

कार्यक्रम में ये प्रमुख हस्तियां रहीं उपस्थित

​कार्यक्रम का सफल मंच संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने किया।

​इस परामर्श शिविर में मुख्य रूप से न्यायिक पदाधिकारी मो. आशिफ इकबाल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) राजीव त्रिपाठी, हजारीबाग बार संघ अध्यक्ष राजकुमार, सचिव सुमन कुमार सिंह, DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, निबंधक (Registrar) दिव्यम चौधरी तथा जिले के लगभग सभी थानों के थाना प्रभारी व अनुसंधानकर्ता उपस्थित थे।

Press Release - District Legal Services Authority (DLSA), Hazaribagh

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Hazaribagh Legal Awareness Camp: यदुनाथ बालिका उच्च विद्यालय में DLSA का कानूनी जागरूकता शिविर, बाल विवाह और साइबर क्राइम पर दिए कड़े निर्देश

 

Hazaribagh Legal Literacy Camp: यदुनाथ बालिका उच्च विद्यालय में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन, DLSA सचिव ने बाल विवाह और साइबर अपराध पर किया जागरूक

हजारीबाग:

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA), रांची के तत्वावधान में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले जिले में 90 दिवसीय कानूनी जागरूकता सह आउटरीच कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार हजारीबाग, ध्रुव चंद्र मिश्रा के दिशा-निर्देश में आयोजित किया जा रहा है।

Hazaribagh Legal Literacy Camp

​इसी क्रम में शुक्रवार को हजारीबाग स्थित यदुनाथ बालिका उच्च विद्यालय में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी उपस्थित हुए और छात्राओं व शिक्षकों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।

बाल विवाह कानूनन अपराध, शामिल होने वालों पर भी होगी कार्रवाई: DLSA सचिव

​कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने सामाजिक कुरीतियों और बाल विवाह पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • विवाह की कानूनी उम्र: लड़कियों का विवाह 18 वर्ष से कम और लड़कों का विवाह 21 वर्ष से कम उम्र में करना कानूनन अपराध है।
  • कानूनी स्थिति: बाल विवाह को कानून की नजर में शून्य (invalid) माना जाता है।
  • कार्रवाई का दायरा: ऐसे अवैध विवाह का आयोजन करने वाले, उसमें सहयोग करने वाले या शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

साइबर सुरक्षा व वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के दिए टिप्स

​तकनीकी दौर में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए सचिव डॉ. तिवारी ने छात्राओं और उपस्थित लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत किया।

वित्तीय सुरक्षा के मुख्य बिंदु:

  • ​अपने एटीएम कार्ड का पासवर्ड या पिन किसी से साझा न करें।
  • ​मोबाइल पर आने वाले वन टाइम पासवर्ड (OTP) को कभी किसी अनजान व्यक्ति को न बताएँ।
  • ​गोपनीय जानकारी साझा करने से बैंक खाते में जमा राशि का दुरुपयोग हो सकता है और वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
  • हेल्पलाइन सुविधा: यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो वह तत्काल टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा निकटतम साइबर थाने में भी लिखित आवेदन दिया जा सकता है।

​इस कार्यक्रम में स्कूल की शिक्षिकाएँ, अधिकार मित्र विकास कुमार पांडेय तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

न्याय सदन परिसर में प्रदर्शनी एवं बरही में भी शिविर आयोजित

​विधिक जागरूकता अभियान की इसी कड़ी में हजारीबाग स्थित न्याय सदन परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें आम लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कानूनी प्रक्रियाओं व निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित जानकारियाँ हासिल कीं।

​इसके साथ ही, बरही प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बरसोत में भी एक कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में मुख्य रूप से अधिकार मित्र सिकंदर कुमार दास, नीरज कुमार, भानुमति कुमारी, रिंकी कुमारी एवं सुनील कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को विभिन्न कानूनों और न्याय सदन से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया।

Press Release - District Legal Services Authority (DLSA), Hazaribagh

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